MPPSC प्रारंभिक परीक्षा : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information & Communication Technology – ICT)
विगत 6 वर्षों (2020 से 2025) के प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 (यूनिट 9) में पूछे गए इंटरनेट, सोशल मीडिया, ई-गवर्नेंस, ई-कॉमर्स, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं रोबोटिक्स के सभी 60 प्रश्नों का प्रामाणिक उत्तर कुंजी, 4 विकल्पों और विस्तृत व्याख्या सहित संकलन।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. ‘एडोब फोटोशॉप’ किस प्रकार के सामान्य प्रयोजन एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का एक उदाहरण है ?
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सही उत्तर : (A) ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर
विस्तृत व्याख्या :
‘एडोब फोटोशॉप’ (Adobe Photoshop) एक प्रसिद्ध ‘ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर’ (रास्टर ग्राफिक्स / इमेज एडिटिंग सॉफ्टवेयर) है। इसका उपयोग डिजिटल छवियों, तस्वीरों को संपादित करने, ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल आर्ट बनाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। थॉमस और जॉन नॉल ने इसे 1987 में विकसित किया था और बाद में एडोब सिस्टम्स ने इसका अधिग्रहण किया।
‘एडोब फोटोशॉप’ (Adobe Photoshop) एक प्रसिद्ध ‘ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर’ (रास्टर ग्राफिक्स / इमेज एडिटिंग सॉफ्टवेयर) है। इसका उपयोग डिजिटल छवियों, तस्वीरों को संपादित करने, ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल आर्ट बनाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। थॉमस और जॉन नॉल ने इसे 1987 में विकसित किया था और बाद में एडोब सिस्टम्स ने इसका अधिग्रहण किया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- सॉफ्टवेयर प्रकार: रास्टर ग्राफिक्स एडिटर (Raster Graphics Editor)।
- डिफ़ॉल्ट फ़ाइल एक्सटेंशन: .psd (Photoshop Document)।
- अन्य ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर: CorelDRAW, Adobe Illustrator, GIMP।
प्रश्न 2. डेटा सुरक्षा प्रबंधन का सिद्धांत, जो ग्राहकों और संगठन के डेटा को अवैध पहुँच या प्रयोग से सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रक्रियाओं, नीतियों और नियंत्रणों को शामिल करता है, उसे कहा जाता है :
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सही उत्तर : (D) कॉन्फिडेन्शिएलिटी
विस्तृत व्याख्या :
सूचना सुरक्षा के प्रसिद्ध ‘सीआईए त्रय’ (CIA Triad – Confidentiality, Integrity, Availability) में ‘कॉन्फिडेन्शिएलिटी’ (गोपनीयता) वह सिद्धांत है जो यह सुनिश्चित करता है कि संवेदनशील जानकारी केवल अधिकृत व्यक्तियों या प्रणालियों तक ही सीमित रहे और किसी अनधिकृत व्यक्ति या प्रक्रिया द्वारा इस तक अवैध पहुँच न हो सके।
सूचना सुरक्षा के प्रसिद्ध ‘सीआईए त्रय’ (CIA Triad – Confidentiality, Integrity, Availability) में ‘कॉन्फिडेन्शिएलिटी’ (गोपनीयता) वह सिद्धांत है जो यह सुनिश्चित करता है कि संवेदनशील जानकारी केवल अधिकृत व्यक्तियों या प्रणालियों तक ही सीमित रहे और किसी अनधिकृत व्यक्ति या प्रक्रिया द्वारा इस तक अवैध पहुँच न हो सके।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- CIA Triad के 3 स्तंभ: 1. Confidentiality (गोपनीयता), 2. Integrity (अखंडता – डेटा में अनाधिकृत छेड़छाड़ न होना), 3. Availability (उपलब्धता – आवश्यकता पड़ने पर डेटा की सुलभता)।
- गोपनीयता के उपाय: डेटा एन्क्रिप्शन, पासवर्ड, बायोमेट्रिक्स, एक्सेस कंट्रोल लिस्ट (ACL)।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सा गैर-लाभकारी संगठन भारत में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में मानक स्थापित करने के लिए शीर्ष निकाय है ?
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सही उत्तर : (A) ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन (ए.आई.सी.आर.ए.)
विस्तृत व्याख्या :
भारत में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में मानक स्थापित करने, कौशल विकास और उद्योग सहयोग हेतु शीर्ष गैर-लाभकारी संस्था ‘ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन’ (AICRA – All India Council for Robotics and Automation) है। इसकी स्थापना 2014 में हुई थी और यह भारत में रोबोटिक्स और एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
भारत में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में मानक स्थापित करने, कौशल विकास और उद्योग सहयोग हेतु शीर्ष गैर-लाभकारी संस्था ‘ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन’ (AICRA – All India Council for Robotics and Automation) है। इसकी स्थापना 2014 में हुई थी और यह भारत में रोबोटिक्स और एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- AICRA स्थापना: वर्ष 2014 में।
- कार्य: रोबोटिक्स और स्वचालन में वैश्विक मानकों का निर्धारण, प्रमाणन और कार्यबल का कौशल विकास।
- प्रमुख आयोजन: टेक्नोक्सियन (TechnoXian) – विश्व की सबसे बड़ी रोबोटिक्स चैम्पियनशिप।
प्रश्न 4. एक मैलवेयर, जो एक वैध सॉफ्टवेयर की तरह दिखता है और एक बार जब यह उपयोगकर्ता को बहला कर इसे इंस्टॉल करवा देता है, तो यह काफी हद तक वायरस या वर्म की तरह कार्य करता है, इसे ________ कहा जाता है।
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सही उत्तर : (C) ट्रोजन
विस्तृत व्याख्या :
‘ट्रोजन हॉर्स’ (Trojan Horse) या ट्रोजन एक ऐसा दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम (मैलवेयर) है जो उपयोगकर्ता को एक उपयोगी और वैध (हानिरहित) सॉफ्टवेयर जैसा प्रतीत होता है। जब उपयोगकर्ता धोखे में आकर इसे डाउनलोड या इंस्टॉल कर लेता है, तो यह सिस्टम में पिछले दरवाजे (Backdoor) का निर्माण कर हैकर्स को सिस्टम का अनधिकृत नियंत्रण दे देता है। यह ग्रीक पौराणिक कथा ‘ट्रोजन हॉर्स’ के नाम पर रखा गया है।
‘ट्रोजन हॉर्स’ (Trojan Horse) या ट्रोजन एक ऐसा दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम (मैलवेयर) है जो उपयोगकर्ता को एक उपयोगी और वैध (हानिरहित) सॉफ्टवेयर जैसा प्रतीत होता है। जब उपयोगकर्ता धोखे में आकर इसे डाउनलोड या इंस्टॉल कर लेता है, तो यह सिस्टम में पिछले दरवाजे (Backdoor) का निर्माण कर हैकर्स को सिस्टम का अनधिकृत नियंत्रण दे देता है। यह ग्रीक पौराणिक कथा ‘ट्रोजन हॉर्स’ के नाम पर रखा गया है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ट्रोजन: वैध दिखने वाला मैलवेयर (यह वर्म की तरह स्वतः प्रतिकृति नहीं बनाता)।
- कीलॉगर (Keylogger): कीबोर्ड पर दबाए गए बटनों (की-स्ट्रोक्स) को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने वाला सॉफ्टवेयर।
- रैंसमवेयर (Ransomware): फाइलों को एन्क्रिप्ट कर फिरौती की मांग करने वाला मैलवेयर (उदा. WannaCry)।
- स्पाइवेयर (Spyware): उपयोगकर्ता की गतिविधियों की गुप्त जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर (उदा. Pegasus)।
प्रश्न 5. राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के तहत मिशन मोड परियोजनाओं का सार-संग्रह कहा जाता है :
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सही उत्तर : (C) सारांश
विस्तृत व्याख्या :
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के अंतर्गत केंद्र, राज्य और एकीकृत स्तर की 31+ मिशन मोड परियोजनाओं (MMPs) की प्रगति, उद्देश्यों और सफल कार्यान्वयन के विवरणों को संकलित करने वाले आधिकारिक सार-संग्रह (Compendium) को ‘सारांश’ (SARANSH – A Compendium of Mission Mode Projects under NeGP) नाम दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के अंतर्गत केंद्र, राज्य और एकीकृत स्तर की 31+ मिशन मोड परियोजनाओं (MMPs) की प्रगति, उद्देश्यों और सफल कार्यान्वयन के विवरणों को संकलित करने वाले आधिकारिक सार-संग्रह (Compendium) को ‘सारांश’ (SARANSH – A Compendium of Mission Mode Projects under NeGP) नाम दिया गया है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- NeGP (राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना): 18 मई 2006 को स्वीकृत।
- मिशन मोड परियोजनाएं (MMPs): प्रारंभ में 27 थीं, बाद में बढ़ाकर 31 और फिर 44 की गईं।
- ई-प्रमाण: नागरिकों के लिए राष्ट्रीय ई-प्रमाणीकरण सेवा (Single Sign-On Framework)।
प्रश्न 6. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ की स्थापना किसने की थी ?
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सही उत्तर : (A) मार्क ज़ुकरबर्ग
विस्तृत व्याख्या :
विश्व के सबसे बड़े सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ (Facebook) की स्थापना ‘मार्क ज़ुकरबर्ग’ (Mark Zuckerberg) ने फरवरी 2004 में अपने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के साथियों (एडुआर्डो सेवरिन, एंड्रयू मैककॉलम, डस्टिन मोस्कोविट्ज़ और क्रिस ह्यूजेस) के साथ मिलकर की थी। अक्टूबर 2021 में फेसबुक की मूल कंपनी का नाम बदलकर ‘मेटा’ (Meta Platforms Inc.) कर दिया गया।
विश्व के सबसे बड़े सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ (Facebook) की स्थापना ‘मार्क ज़ुकरबर्ग’ (Mark Zuckerberg) ने फरवरी 2004 में अपने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के साथियों (एडुआर्डो सेवरिन, एंड्रयू मैककॉलम, डस्टिन मोस्कोविट्ज़ और क्रिस ह्यूजेस) के साथ मिलकर की थी। अक्टूबर 2021 में फेसबुक की मूल कंपनी का नाम बदलकर ‘मेटा’ (Meta Platforms Inc.) कर दिया गया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- स्थापना: फरवरी 2004।
- संस्थापक: मार्क ज़ुकरबर्ग।
- मूल कंपनी: मेटा (Meta – फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और थ्रेड्स की मूल कंपनी)।
- जैक डोर्सी: ट्विटर (वर्तमान X) के सह-संस्थापक।
प्रश्न 7. गार्टनर के ई-गवर्नेंस के विकास मॉडल के चार चरणों का सही क्रम है :
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सही उत्तर : (A) सूचना -> बातचीत -> लेन-देन -> परिवर्तन
विस्तृत व्याख्या :
विश्व प्रसिद्ध शोध संस्था गार्टनर (Gartner Group) द्वारा प्रतिपादित ई-गवर्नेंस के 4-चरणीय परिपक्वता मॉडल (Four-Phase E-Governance Maturity Model) का सही क्रमिक विकास क्रम है:
1. सूचना (Information / उपस्थिति) – सरकारी जानकारी और प्रपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराना
2. बातचीत (Interaction / सहभागिता) – ईमेल, फीडबैक और डाउनलोड की सुविधा
3. लेन-देन (Transaction) – ऑनलाइन फीस, लाइसेंस और सेवाओं का भुगतान
4. परिवर्तन (Transformation) – शासन प्रणाली का संपूर्ण डिजिटल रूपांतरण एवं एकीकरण।
अतः सही क्रम: सूचना ➔ बातचीत ➔ लेन-देन ➔ परिवर्तन है।
विश्व प्रसिद्ध शोध संस्था गार्टनर (Gartner Group) द्वारा प्रतिपादित ई-गवर्नेंस के 4-चरणीय परिपक्वता मॉडल (Four-Phase E-Governance Maturity Model) का सही क्रमिक विकास क्रम है:
1. सूचना (Information / उपस्थिति) – सरकारी जानकारी और प्रपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराना
2. बातचीत (Interaction / सहभागिता) – ईमेल, फीडबैक और डाउनलोड की सुविधा
3. लेन-देन (Transaction) – ऑनलाइन फीस, लाइसेंस और सेवाओं का भुगतान
4. परिवर्तन (Transformation) – शासन प्रणाली का संपूर्ण डिजिटल रूपांतरण एवं एकीकरण।
अतः सही क्रम: सूचना ➔ बातचीत ➔ लेन-देन ➔ परिवर्तन है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- Phase 1: Information (वेबसाइट पर सूचना प्रसार)।
- Phase 2: Interaction (द्वि-मार्गी संचार/सर्च इंजन)।
- Phase 3: Transaction (ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन)।
- Phase 4: Transformation (प्रक्रियाओं का नागरिक-केंद्रित कायाकल्प)।
प्रश्न 8. एफपीजीए (FPGA) एकीकृत सर्किट हैं, जिनका AI को डिप्लॉय करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। एफपीजीए का विस्तृत रूप क्या है ?
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सही उत्तर : (A) फील्ड प्रोग्रामेबल गेट ऐरेज़
विस्तृत व्याख्या :
FPGA का पूर्ण रूप ‘फील्ड प्रोग्रामेबल गेट ऐरेज़’ (Field Programmable Gate Arrays) है। यह एक विशेष प्रकार का सेमीकंडक्टर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) है, जिसे निर्माण के बाद ग्राहक या डिजाइनर द्वारा अपनी विशिष्ट आवश्यकतानुसार प्रोग्राम या पुनर्गठित (Reconfigure) किया जा सकता है। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और एज कंप्यूटिंग में उच्च गति और कम ऊर्जा खपत के कारण इसका व्यापक उपयोग हो रहा है।
FPGA का पूर्ण रूप ‘फील्ड प्रोग्रामेबल गेट ऐरेज़’ (Field Programmable Gate Arrays) है। यह एक विशेष प्रकार का सेमीकंडक्टर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) है, जिसे निर्माण के बाद ग्राहक या डिजाइनर द्वारा अपनी विशिष्ट आवश्यकतानुसार प्रोग्राम या पुनर्गठित (Reconfigure) किया जा सकता है। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और एज कंप्यूटिंग में उच्च गति और कम ऊर्जा खपत के कारण इसका व्यापक उपयोग हो रहा है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पूर्ण रूप: Field Programmable Gate Arrays (FPGA)।
- विशेषता: हार्डवेयर स्तर पर निर्माण के बाद भी री-प्रोग्रामेबल होना।
- प्रमुख निर्माता: Xilinx (अब AMD का भाग), Intel (पूर्व में Altera)।
प्रश्न 9. किसी भी प्रकार की त्रुटि जैसे कनेक्शन विफलता, डेटा की हानि, आदि से उभरने की कंप्यूटर नेटवर्क की क्षमता को ________ कहा जाता है।
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सही उत्तर : (D) लचीलापन (रेसिलिएंस)
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर नेटवर्किंग में, किसी हार्डवेयर खराबी, लिंक टूटने, नेटवर्क कंजेशन या सुरक्षा हमले जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सामान्य सेवा स्तर बनाए रखने तथा त्रुटियों से तेजी से स्वतः उबरने की क्षमता को ‘नेटवर्क लचीलापन / रेसिलिएंस’ (Network Resilience) अथवा फॉल्ट टॉलरेंस (Fault Tolerance) कहा जाता है।
कंप्यूटर नेटवर्किंग में, किसी हार्डवेयर खराबी, लिंक टूटने, नेटवर्क कंजेशन या सुरक्षा हमले जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सामान्य सेवा स्तर बनाए रखने तथा त्रुटियों से तेजी से स्वतः उबरने की क्षमता को ‘नेटवर्क लचीलापन / रेसिलिएंस’ (Network Resilience) अथवा फॉल्ट टॉलरेंस (Fault Tolerance) कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- रेसिलिएंस (Resilience): विफलताओं को झेलने और स्वतः सामान्य स्थिति में आने की क्षमता।
- बैंडविड्थ (Bandwidth): प्रति सेकंड स्थानांतरित हो सकने वाले डेटा की अधिकतम मात्रा (bps)।
- रूटिंग (Routing): पैकेट को स्रोत से गंतव्य तक भेजने हेतु सर्वोत्तम मार्ग का चयन।
प्रश्न 10. MS-DOS निम्नलिखित में से किस प्रकार के यूजर इंटरफेस वाला एक ऑपरेटिंग सिस्टम है ?
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सही उत्तर : (C) कमांड-आधारित इंटरफेस
विस्तृत व्याख्या :
MS-DOS (माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम) एक ‘कमांड-आधारित इंटरफेस’ (Command-Line Interface – CLI / CUI) वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें उपयोगकर्ता को कोई भी कार्य करने के लिए कीबोर्ड से टेक्स्ट कमांड (जैसे DIR, COPY, DEL, FORMAT) टाइप करनी पड़ती है। इसमें माउस या ग्राफिकल आइकन्स का उपयोग नहीं होता था।
MS-DOS (माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम) एक ‘कमांड-आधारित इंटरफेस’ (Command-Line Interface – CLI / CUI) वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें उपयोगकर्ता को कोई भी कार्य करने के लिए कीबोर्ड से टेक्स्ट कमांड (जैसे DIR, COPY, DEL, FORMAT) टाइप करनी पड़ती है। इसमें माउस या ग्राफिकल आइकन्स का उपयोग नहीं होता था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- CUI / CLI: Command User Interface / Command Line Interface (उदा. MS-DOS, Unix Shell)।
- GUI: Graphical User Interface (उदा. Windows, macOS, Android – इसमें आइकन्स, मेनू और विंडो होते हैं)।
- MS-DOS: 16-बिट सिंगल-यूजर, सिंगल-टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम का केन्द्रीय भाग कौन-सा है ?
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सही उत्तर : (B) कर्नल
विस्तृत व्याख्या :
यूनिक्स (UNIX) तथा लिनक्स (Linux) ऑपरेटिंग सिस्टम का मूल केंद्रीय भाग (कोर) ‘कर्नल’ (Kernel) कहलाता है। कर्नल कंप्यूटर हार्डवेयर (CPU, मेमोरी, I/O डिवाइस) और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। शैल (Shell) कर्नल के ऊपर की परत है जो उपयोगकर्ता से कमांड लेकर कर्नल तक पहुंचाती है।
यूनिक्स (UNIX) तथा लिनक्स (Linux) ऑपरेटिंग सिस्टम का मूल केंद्रीय भाग (कोर) ‘कर्नल’ (Kernel) कहलाता है। कर्नल कंप्यूटर हार्डवेयर (CPU, मेमोरी, I/O डिवाइस) और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। शैल (Shell) कर्नल के ऊपर की परत है जो उपयोगकर्ता से कमांड लेकर कर्नल तक पहुंचाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- कर्नल (Kernel): ऑपरेटिंग सिस्टम का हृदय/केंद्रीय नियंत्रक (Core of OS)।
- शैल (Shell): कमांड इंटरप्रेटर (Command Interpreter) जो यूजर और कर्नल के मध्य इंटरफेस देता है।
- UNIX का विकास: 1969 में बेल लैब्स में केन थॉम्पसन और डेनिस रिची द्वारा।
प्रश्न 2. ________ हमला भ्रामक ईमेल या टेक्स्ट संदेशों के रूप में आता है, जो आपसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने या व्यक्तिगत जानकारी प्रकट करने के लिए कह सकता है।
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सही उत्तर : (C) फिशिंग
विस्तृत व्याख्या :
‘फिशिंग’ (Phishing) एक प्रकार का सामाजिक इंजीनियरिंग (Social Engineering) साइबर हमला है, जिसमें हमलावर किसी प्रतिष्ठित संस्था (जैसे बैंक, आयकर विभाग, सोशल मीडिया) के नाम से फर्जी व भ्रामक ईमेल या संदेश भेजकर उपयोगकर्ताओं को पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर या ओटीपी जैसी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी प्रकट करने हेतु जाल में फंसाते हैं।
‘फिशिंग’ (Phishing) एक प्रकार का सामाजिक इंजीनियरिंग (Social Engineering) साइबर हमला है, जिसमें हमलावर किसी प्रतिष्ठित संस्था (जैसे बैंक, आयकर विभाग, सोशल मीडिया) के नाम से फर्जी व भ्रामक ईमेल या संदेश भेजकर उपयोगकर्ताओं को पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर या ओटीपी जैसी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी प्रकट करने हेतु जाल में फंसाते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- फिशिंग (Phishing): पहचान चोरी और संवेदनशील डेटा चुराने का फर्जीवाड़ा।
- स्पीयर फिशिंग (Spear Phishing): किसी विशिष्ट व्यक्ति या संगठन को लक्षित करके की जाने वाली फिशिंग।
- विशिंग (Vishing): वॉयस कॉल द्वारा की जाने वाली फिशिंग।
- स्मिशिंग (Smishing): एसएमएस (SMS) द्वारा की जाने वाली फिशिंग।
प्रश्न 3. कुर्रेंटली (Kurrently) है :
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सही उत्तर : (A) सर्च इंजन
विस्तृत व्याख्या :
‘कुर्रेंटली’ (Kurrently) एक वास्तविक समय (Real-time) सोशल मीडिया ‘सर्च इंजन’ (Search Engine) है। इसका उपयोग ट्विटर (वर्तमान X) और फेसबुक जैसे प्रमुख सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर तत्कालीन ट्रेंडिंग विषयों, लाइव पोस्टों और सार्वजनिक स्टेटस अपडेट्स को सर्च करने के लिए किया जाता है।
‘कुर्रेंटली’ (Kurrently) एक वास्तविक समय (Real-time) सोशल मीडिया ‘सर्च इंजन’ (Search Engine) है। इसका उपयोग ट्विटर (वर्तमान X) और फेसबुक जैसे प्रमुख सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर तत्कालीन ट्रेंडिंग विषयों, लाइव पोस्टों और सार्वजनिक स्टेटस अपडेट्स को सर्च करने के लिए किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- Kurrently: रियल-टाइम सोशल सर्च इंजन।
- अन्य सर्च इंजन: गूगल, बिंग (Bing), डकडकगो (DuckDuckGo), याहू, बायडू (Baidu), यांडेक्स (Yandex)।
प्रश्न 4. ‘इमिटेशन गेम’ किसका मूल नाम था ?
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सही उत्तर : (B) द टूरिंग टेस्ट
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर विज्ञान के जनक एलन टूरिंग (Alan Turing) ने 1950 में अपने ऐतिहासिक शोध पत्र ‘कंप्यूटिंग मशीनरी एंड इंटेलिजेंस’ में किसी मशीन की सोचने की क्षमता और बुद्धिमत्ता का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग प्रस्तावित किया था, जिसे उन्होंने मूल रूप से ‘द इमिटेशन गेम’ (The Imitation Game) नाम दिया था। कालांतर में इसी को ‘टूरिंग टेस्ट’ (The Turing Test) कहा गया।
कंप्यूटर विज्ञान के जनक एलन टूरिंग (Alan Turing) ने 1950 में अपने ऐतिहासिक शोध पत्र ‘कंप्यूटिंग मशीनरी एंड इंटेलिजेंस’ में किसी मशीन की सोचने की क्षमता और बुद्धिमत्ता का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग प्रस्तावित किया था, जिसे उन्होंने मूल रूप से ‘द इमिटेशन गेम’ (The Imitation Game) नाम दिया था। कालांतर में इसी को ‘टूरिंग टेस्ट’ (The Turing Test) कहा गया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- टूरिंग टेस्ट: मशीन की मानव जैसी बुद्धिमत्ता की जांच का परीक्षण।
- एलन टूरिंग: आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जनक।
- LISP (List Processing): 1958 में जॉन मैकार्थी द्वारा विकसित AI की प्रमुख प्रोग्रामिंग भाषा।
प्रश्न 5. ट्विटर के संस्थापक हैं :
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सही उत्तर : (A) जैक डोर्सी
विस्तृत व्याख्या :
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter – वर्तमान में ‘X’) की स्थापना मार्च 2006 में ‘जैक डोर्सी’ (Jack Dorsey), नूह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा की गई थी और इसे जुलाई 2006 में लॉन्च किया गया था। अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में इसका अधिग्रहण किया और इसका नाम बदलकर ‘X’ कर दिया।
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter – वर्तमान में ‘X’) की स्थापना मार्च 2006 में ‘जैक डोर्सी’ (Jack Dorsey), नूह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा की गई थी और इसे जुलाई 2006 में लॉन्च किया गया था। अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में इसका अधिग्रहण किया और इसका नाम बदलकर ‘X’ कर दिया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ट्विटर संस्थापक: जैक डोर्सी (प्रथम ट्वीट: ‘just setting up my twttr’)।
- लॉन्च वर्ष: 2006।
- वर्तमान मालिक: एलन मस्क (नाम: X)।
प्रश्न 6. ई-गवर्नेंस के चार स्तंभ क्या हैं ?
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सही उत्तर : (A) लोग, प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी, संसाधन
विस्तृत व्याख्या :
ई-गवर्नेंस (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) के सफल क्रियान्वयन के चार मूलभूत स्तंभ (Four Pillars of E-Governance) हैं: 1. लोग (People), 2. प्रक्रिया (Process), 3. प्रौद्योगिकी (Technology), और 4. संसाधन (Resources)। किसी भी ई-गवर्नेंस परियोजना की सफलता इन चारों घटकों के तालमेल पर निर्भर करती है।
ई-गवर्नेंस (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) के सफल क्रियान्वयन के चार मूलभूत स्तंभ (Four Pillars of E-Governance) हैं: 1. लोग (People), 2. प्रक्रिया (Process), 3. प्रौद्योगिकी (Technology), और 4. संसाधन (Resources)। किसी भी ई-गवर्नेंस परियोजना की सफलता इन चारों घटकों के तालमेल पर निर्भर करती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लोग (People): नागरिक, सरकारी कर्मचारी और नेतृत्वकर्ता।
- प्रक्रिया (Process): कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुधार।
- प्रौद्योगिकी (Technology): हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और इंटरनेट।
- संसाधन (Resources): वित्तीय बजट और अवसंरचनात्मक पूंजी।
प्रश्न 7. उन पेशेवरों और व्यावसायिक लोगों के लिए एक सोशल नेटवर्किंग साइट, जो अन्य पेशेवरों से जुड़ना चाहते हैं, है :
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सही उत्तर : (D) लिंक्डइन
विस्तृत व्याख्या :
‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) पेशेवरों, नौकरी चाहने वालों, नियोक्ताओं और व्यावसायिक नेटवर्किंग के लिए विश्व का सबसे बड़ा रोजगार-उन्मुख सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना दिसंबर 2002 में रीड हॉफमैन द्वारा की गई थी और 2003 में लॉन्च किया गया। वर्तमान में इसका स्वामित्व माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के पास है।
‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) पेशेवरों, नौकरी चाहने वालों, नियोक्ताओं और व्यावसायिक नेटवर्किंग के लिए विश्व का सबसे बड़ा रोजगार-उन्मुख सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना दिसंबर 2002 में रीड हॉफमैन द्वारा की गई थी और 2003 में लॉन्च किया गया। वर्तमान में इसका स्वामित्व माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के पास है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लिंक्डइन: व्यावसायिक एवं पेशेवर नेटवर्किंग (Professional Networking)।
- संस्थापक: रीड हॉफमैन (2003)।
- स्वामित्व: माइक्रोसॉफ्ट (2016 में अधिग्रहण)।
प्रश्न 8. ________ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शाखा है।
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सही उत्तर : (D) मशीन लर्निंग
विस्तृत व्याख्या :
‘मशीन लर्निंग’ (Machine Learning – ML) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एक प्रमुख उप-शाखा है। इसमें कंप्यूटर सिस्टम को स्पष्ट रूप से प्रोग्राम किए बिना डेटा और अनुभवों के आधार पर स्वतः सीखने, प्रतिरूप (पैटर्न) पहचानने और निर्णय लेने में सक्षम बनाया जाता है। डीप लर्निंग (Deep Learning) मशीन लर्निंग का ही एक उप-क्षेत्र है।
‘मशीन लर्निंग’ (Machine Learning – ML) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एक प्रमुख उप-शाखा है। इसमें कंप्यूटर सिस्टम को स्पष्ट रूप से प्रोग्राम किए बिना डेटा और अनुभवों के आधार पर स्वतः सीखने, प्रतिरूप (पैटर्न) पहचानने और निर्णय लेने में सक्षम बनाया जाता है। डीप लर्निंग (Deep Learning) मशीन लर्निंग का ही एक उप-क्षेत्र है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- AI की प्रमुख शाखाएं: मशीन लर्निंग (ML), डीप लर्निंग (DL), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स, एक्सपर्ट सिस्टम।
- आर्थर सैमुअल (1959): इन्होंने ‘मशीन लर्निंग’ शब्द गढ़ा था।
प्रश्न 9. MPEG का अर्थ है :
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सही उत्तर : (B) मूविंग पिक्चर एक्सपर्ट्स ग्रुप
विस्तृत व्याख्या :
MPEG का पूर्ण रूप ‘मूविंग पिक्चर एक्सपर्ट्स ग्रुप’ (Moving Picture Experts Group) है। यह ISO और IEC द्वारा 1988 में स्थापित विशेषज्ञों का एक कार्य समूह है, जो डिजिटल वीडियो और ऑडियो कम्प्रेशन (संपीड़न) और ट्रांसमिशन के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक (जैसे MP3, MPEG-4 आदि) विकसित करता है।
MPEG का पूर्ण रूप ‘मूविंग पिक्चर एक्सपर्ट्स ग्रुप’ (Moving Picture Experts Group) है। यह ISO और IEC द्वारा 1988 में स्थापित विशेषज्ञों का एक कार्य समूह है, जो डिजिटल वीडियो और ऑडियो कम्प्रेशन (संपीड़न) और ट्रांसमिशन के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक (जैसे MP3, MPEG-4 आदि) विकसित करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पूर्ण रूप: Moving Picture Experts Group।
- JPEG: Joint Photographic Experts Group (स्थिर चित्रों/इमेज हेतु मानक)।
- MP3: MPEG Audio Layer-3 (डिजिटल ऑडियो प्रारूप)।
- MP4: MPEG-4 Part 14 (डिजिटल मल्टीमीडिया/वीडियो प्रारूप)।
प्रश्न 10. इंटरनेट के क्षेत्र में, W3C का अर्थ है :
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सही उत्तर : (D) वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम
विस्तृत व्याख्या :
W3C का पूर्ण रूप ‘वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम’ (World Wide Web Consortium) है। इसकी स्थापना वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के आविष्कारक टिम बर्नर्स-ली द्वारा 1994 में एमआईटी (MIT) में की गई थी। यह वर्ल्ड वाइड वेब के लिए तकनीकी मानकों (जैसे HTML, CSS, XML आदि) को विकसित और अनुरक्षित करने वाला मुख्य अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन है।
W3C का पूर्ण रूप ‘वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम’ (World Wide Web Consortium) है। इसकी स्थापना वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के आविष्कारक टिम बर्नर्स-ली द्वारा 1994 में एमआईटी (MIT) में की गई थी। यह वर्ल्ड वाइड वेब के लिए तकनीकी मानकों (जैसे HTML, CSS, XML आदि) को विकसित और अनुरक्षित करने वाला मुख्य अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पूर्ण रूप: World Wide Web Consortium (W3C)।
- संस्थापक: टिम बर्नर्स-ली (1994)।
- उद्देश्य: वेब की दीर्घकालिक वृद्धि और मानकों का विकास करना।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल नहीं है ?
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सही उत्तर : (C) MP Online (एमपी ऑनलाइन)
विस्तृत व्याख्या :
‘एमपी ऑनलाइन’ (MP Online) मध्य प्रदेश सरकार का एक नागरिक सेवा पोर्टल (Citizen Services / G2C Portal) है, जिसके माध्यम से परीक्षा फॉर्म, बिल भुगतान, प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाएं आम नागरिकों को दी जाती हैं; यह सरकारी खरीद या टेंडरिंग का ‘ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल’ नहीं है। जबकि MP Tenders, GeM (Government e-Marketplace) और MP LUN (म.प्र. लघु उद्योग निगम पोर्टल) ई-प्रोक्योरमेंट (सरकारी खरीद) से संबंधित पोर्टल हैं।
‘एमपी ऑनलाइन’ (MP Online) मध्य प्रदेश सरकार का एक नागरिक सेवा पोर्टल (Citizen Services / G2C Portal) है, जिसके माध्यम से परीक्षा फॉर्म, बिल भुगतान, प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाएं आम नागरिकों को दी जाती हैं; यह सरकारी खरीद या टेंडरिंग का ‘ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल’ नहीं है। जबकि MP Tenders, GeM (Government e-Marketplace) और MP LUN (म.प्र. लघु उद्योग निगम पोर्टल) ई-प्रोक्योरमेंट (सरकारी खरीद) से संबंधित पोर्टल हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- MP Online: म.प्र. सरकार और टीसीएस (TCS) का संयुक्त उपक्रम (नागरिक सेवा पोर्टल)।
- GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस): केंद्र सरकार का राष्ट्रीय खरीद पोर्टल (2016)।
- MP Tenders: मध्य प्रदेश सरकार का आधिकारिक ई-टेंडरिंग पोर्टल।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा इंटरनेट कनेक्शन का एक प्रकार है जो टेलीफोन लाइनों का प्रयोग करता है ?
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सही उत्तर : (A) डी एस एल
विस्तृत व्याख्या :
DSL (डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन – Digital Subscriber Line) ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन का एक प्रकार है, जो पारंपरिक कॉपर टेलीफोन लाइनों (Telephone Wires) का उपयोग करके उच्च गति का डिजिटल डेटा संचारित करता है। यह एक साथ टेलीफोन पर बातचीत और इंटरनेट एक्सेस की अनुमति देता है।
DSL (डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन – Digital Subscriber Line) ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन का एक प्रकार है, जो पारंपरिक कॉपर टेलीफोन लाइनों (Telephone Wires) का उपयोग करके उच्च गति का डिजिटल डेटा संचारित करता है। यह एक साथ टेलीफोन पर बातचीत और इंटरनेट एक्सेस की अनुमति देता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- DSL: Digital Subscriber Line (टेलीफोन लाइनों का उपयोग)।
- फाइबर ऑप्टिक्स: प्रकाश किरणों (TIR सिद्धांत) के रूप में अल्ट्रा-हाई स्पीड डेटा संचरण।
- डायल-अप (Dial-up): टेलीफोन लाइन पर पुराना एवं धीमा इंटरनेट कनेक्शन।
प्रश्न 3. ई-कॉमर्स का निम्नलिखित में से कौन-सा लाभ है ?
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सही उत्तर : (A) 24/7 कार्य करने की क्षमता
विस्तृत व्याख्या :
ई-कॉमर्स (इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स) का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ यह है कि यह ’24 घंटे और सातों दिन (24/7) निरंतर कार्य करने की क्षमता’ प्रदान करता है। उपभोक्ता किसी भी समय, कहीं से भी उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। शेष तीनों विकल्प (सीमित पहुंच, उच्च लागत आदि) इसके लाभ नहीं बल्कि पारंपरिक व्यापार की सीमाएं हैं।
ई-कॉमर्स (इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स) का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ यह है कि यह ’24 घंटे और सातों दिन (24/7) निरंतर कार्य करने की क्षमता’ प्रदान करता है। उपभोक्ता किसी भी समय, कहीं से भी उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। शेष तीनों विकल्प (सीमित पहुंच, उच्च लागत आदि) इसके लाभ नहीं बल्कि पारंपरिक व्यापार की सीमाएं हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ई-कॉमर्स के लाभ: 24/7 उपलब्धता, वैश्विक बाजार तक पहुंच (Global Reach), बिचौलियों की समाप्ति, कम परिचालन लागत, सुगम भुगतान।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सा साइबर हमले का एक प्रकार है जिसमें उपयोगकर्ता को संवेदनशील सूचना को ज़ाहिर करने के लिए छल करना शामिल है ?
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सही उत्तर : (A) फिशिंग हमला
विस्तृत व्याख्या :
‘फिशिंग हमला’ (Phishing Attack) एक छलपूर्ण साइबर हमला है जिसमें किसी विश्वसनीय संस्था का रूप धारण करके फर्जी संचार के जरिए पीड़ित को बहला-फुसलाकर उसका यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड पिन या बैंक विवरण जैसी संवेदनशील सूचनाएं उजागर करने के लिए छल किया जाता है।
‘फिशिंग हमला’ (Phishing Attack) एक छलपूर्ण साइबर हमला है जिसमें किसी विश्वसनीय संस्था का रूप धारण करके फर्जी संचार के जरिए पीड़ित को बहला-फुसलाकर उसका यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड पिन या बैंक विवरण जैसी संवेदनशील सूचनाएं उजागर करने के लिए छल किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- फिशिंग: सोशल इंजीनियरिंग आधारित छल।
- DoS (Denial of Service): सर्वर पर फर्जी ट्रैफिक भेजकर सेवा को ठप करना।
- SQL इंजेक्शन: डेटाबेस की सुरक्षा में सेंध लगाकर डेटा चुराना या नष्ट करना।
प्रश्न 5. साइबर सुरक्षा में एक फायरवॉल का क्या उद्देश्य है ?
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सही उत्तर : (B) एक नेटवर्क की अनाधिकृत पहुँच को अवरुद्ध करना
विस्तृत व्याख्या :
साइबर सुरक्षा में ‘फायरवॉल’ (Firewall) एक नेटवर्क सुरक्षा उपकरण (हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर) है, जो पूर्व-निर्धारित सुरक्षा नियमों के आधार पर आने वाले (इनकमिंग) और जाने वाले (आउटगोइंग) नेटवर्क ट्रैफिक की निगरानी और फिल्टर करता है तथा आंतरिक नेटवर्क में किसी भी ‘अनाधिकृत पहुँच (Unauthorized Access) को अवरुद्ध’ करता है।
साइबर सुरक्षा में ‘फायरवॉल’ (Firewall) एक नेटवर्क सुरक्षा उपकरण (हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर) है, जो पूर्व-निर्धारित सुरक्षा नियमों के आधार पर आने वाले (इनकमिंग) और जाने वाले (आउटगोइंग) नेटवर्क ट्रैफिक की निगरानी और फिल्टर करता है तथा आंतरिक नेटवर्क में किसी भी ‘अनाधिकृत पहुँच (Unauthorized Access) को अवरुद्ध’ करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- फायरवॉल: नेटवर्क सुरक्षा की पहली रक्षा पंक्ति (First Line of Defense)।
- प्रकार: पैकेट-फिल्टरिंग फायरवॉल, स्टेटफुल निरीक्षण, प्रॉक्सी फायरवॉल, नेक्स्ट जनरेशन फायरवॉल (NGFW)।
प्रश्न 6. फ्लिपकार्ट, अलीबाबा, एमाज़ॉन किसके उदाहरण हैं ?
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सही उत्तर : (C) बी 2 सी
विस्तृत व्याख्या :
फ्लिपकार्ट (Flipkart) और अमेज़ॅन (Amazon) मुख्य रूप से ‘B2C’ (Business to Consumer – व्यवसाय से उपभोक्ता) ई-कॉमर्स मॉडल के प्रमुख उदाहरण हैं, जहाँ व्यावसायिक विक्रेता सीधे आम उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचते हैं। (नोट: अलीबाबा B2B भी है, परंतु इस संयुक्त प्रश्न में MPPSC की अंतिम उत्तर कुंजी द्वारा (C) B2C को ही सही उत्तर मान्य किया गया था)।
फ्लिपकार्ट (Flipkart) और अमेज़ॅन (Amazon) मुख्य रूप से ‘B2C’ (Business to Consumer – व्यवसाय से उपभोक्ता) ई-कॉमर्स मॉडल के प्रमुख उदाहरण हैं, जहाँ व्यावसायिक विक्रेता सीधे आम उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचते हैं। (नोट: अलीबाबा B2B भी है, परंतु इस संयुक्त प्रश्न में MPPSC की अंतिम उत्तर कुंजी द्वारा (C) B2C को ही सही उत्तर मान्य किया गया था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- B2C (Business-to-Consumer): अमेज़न, फ्लिपकार्ट।
- B2B (Business-to-Business): अलीबाबा, इंडियामार्ट।
- C2C (Consumer-to-Consumer): ओएलएक्स (OLX), ईबे (eBay)।
- C2B (Consumer-to-Business): फ्रीलांसर, उपवर्क (Upwork)।
प्रश्न 7. ________ वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा रिसीवर संदेश के स्रोत के द्वारा प्रयोग किए गए संकेतों की व्याख्या करता है।
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सही उत्तर : (B) विसंकेतन
विस्तृत व्याख्या :
संचार प्रक्रिया (Communication Process) में, प्राप्तकर्ता (Receiver) द्वारा प्रेषक (Sender) से प्राप्त एनकोडेड संदेश के प्रतीकों, संकेतों या कोड्स को समझकर उनके मूल अर्थ में बदलने की व्याख्या प्रक्रिया को ‘विसंकेतन’ (Decoding / डिकोडिंग) कहा जाता है। प्रेषक द्वारा संदेश को संकेतों में बदलना ‘संकेतीकरण’ (Encoding) कहलाता है।
संचार प्रक्रिया (Communication Process) में, प्राप्तकर्ता (Receiver) द्वारा प्रेषक (Sender) से प्राप्त एनकोडेड संदेश के प्रतीकों, संकेतों या कोड्स को समझकर उनके मूल अर्थ में बदलने की व्याख्या प्रक्रिया को ‘विसंकेतन’ (Decoding / डिकोडिंग) कहा जाता है। प्रेषक द्वारा संदेश को संकेतों में बदलना ‘संकेतीकरण’ (Encoding) कहलाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- डिकोडिंग (Decoding / विसंकेतन): संकेतों को अर्थपूर्ण संदेश में बदलना (रिसीवर द्वारा)।
- एनकोडिंग (Encoding / संकेतीकरण): विचारों को प्रतीकों/कोड में बदलना (सेंडर द्वारा)।
- संचार तत्व: प्रेषक ➔ एन्कोडिंग ➔ माध्यम ➔ डिकोडिंग ➔ प्राप्तकर्ता ➔ प्रतिपुष्टि (Feedback)।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन-सा वेब ब्राउज़र नहीं है ?
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सही उत्तर : (D) याहू
विस्तृत व्याख्या :
‘याहू’ (Yahoo!) एक ‘सर्च इंजन’ (Search Engine) और वेब पोर्टल है, वेब ब्राउज़र नहीं। जबकि इंटरनेट एक्सप्लोरर (माइक्रोसॉफ्ट), मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स और गूगल क्रोम तीनों ही वेब पृष्ठों को देखने हेतु उपयोग किए जाने वाले ‘वेब ब्राउज़र’ (Web Browsers) हैं।
‘याहू’ (Yahoo!) एक ‘सर्च इंजन’ (Search Engine) और वेब पोर्टल है, वेब ब्राउज़र नहीं। जबकि इंटरनेट एक्सप्लोरर (माइक्रोसॉफ्ट), मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स और गूगल क्रोम तीनों ही वेब पृष्ठों को देखने हेतु उपयोग किए जाने वाले ‘वेब ब्राउज़र’ (Web Browsers) हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वेब ब्राउज़र: Google Chrome, Mozilla Firefox, Apple Safari, Microsoft Edge, Opera, Internet Explorer।
- सर्च इंजन: Google, Yahoo, Bing, DuckDuckGo, Baidu।
प्रश्न 9. ChatGPT का विकास किसके द्वारा किया गया ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) ओपन ए आई
विस्तृत व्याख्या :
चैटजीपीटी (ChatGPT – Chat Generative Pre-trained Transformer) एक जनरेटिव एआई चैटबॉट है, जिसे अमेरिकी अनुसंधान प्रयोगशाला ‘ओपन एआई’ (OpenAI) द्वारा विकसित किया गया था और नवंबर 2022 में सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया था। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) हैं।
चैटजीपीटी (ChatGPT – Chat Generative Pre-trained Transformer) एक जनरेटिव एआई चैटबॉट है, जिसे अमेरिकी अनुसंधान प्रयोगशाला ‘ओपन एआई’ (OpenAI) द्वारा विकसित किया गया था और नवंबर 2022 में सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया था। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ChatGPT निर्माता: OpenAI (नवंबर 2022 में लॉन्च)।
- गूगल का AI चैटबॉट: जेमिनी (Gemini / पूर्व में Bard)।
- माइक्रोसॉफ्ट का AI: कोपायलट (Copilot – OpenAI में मुख्य निवेशक)।
- एप्पल का AI: एप्पल इंटेलिजेंस (Apple Intelligence)।
प्रश्न 10. दूसरी पीढ़ी के कम्प्यूटरों में कौन-से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग किया गया था ?
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सही उत्तर : (C) ट्रांज़िस्टर
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी (Second Generation: लगभग 1956-1963) में भारी और अधिक बिजली खपत करने वाली वैक्यूम ट्यूबों के स्थान पर ‘ट्रांजिस्टर’ (Transistors) का प्रयोग किया गया था। ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल लैब्स में जॉन बारडीन, वाल्टर ब्रैटन और विलियम शॉकले द्वारा किया गया था।
कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी (Second Generation: लगभग 1956-1963) में भारी और अधिक बिजली खपत करने वाली वैक्यूम ट्यूबों के स्थान पर ‘ट्रांजिस्टर’ (Transistors) का प्रयोग किया गया था। ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल लैब्स में जॉन बारडीन, वाल्टर ब्रैटन और विलियम शॉकले द्वारा किया गया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्रथम पीढ़ी (1st Gen): वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tubes)।
- दूसरी पीढ़ी (2nd Gen): ट्रांजिस्टर (Transistors)।
- तीसरी पीढ़ी (3rd Gen): एकीकृत परिपथ (Integrated Circuits – IC)।
- चौथी पीढ़ी (4th Gen): वीएलएसआई (VLSI – माइक्रोप्रोसेसर)।
- पांचवीं पीढ़ी (5th Gen): यूएलएसआई (ULSI) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. देश की सीमाओं से परे ई-कॉमर्स (e-commerce) का कौन-सा आयाम व्यापार के लिए सक्षम है ?
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सही उत्तर : (C) विश्वव्यापी पहुँच
विस्तृत व्याख्या :
ई-कॉमर्स का ‘विश्वव्यापी पहुँच’ (Global Reach) आयाम भौगोलिक और राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर किसी भी देश के उपभोक्ताओं और व्यवसायों को एक-दूसरे के साथ ऑनलाइन व्यापार करने में सक्षम बनाता है। पारंपरिक व्यापार की तुलना में ई-कॉमर्स की संभावित बाजार सीमा संपूर्ण विश्व होती है।
ई-कॉमर्स का ‘विश्वव्यापी पहुँच’ (Global Reach) आयाम भौगोलिक और राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर किसी भी देश के उपभोक्ताओं और व्यवसायों को एक-दूसरे के साथ ऑनलाइन व्यापार करने में सक्षम बनाता है। पारंपरिक व्यापार की तुलना में ई-कॉमर्स की संभावित बाजार सीमा संपूर्ण विश्व होती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ग्लोबल रीच (Global Reach): राष्ट्रीय सीमाओं से परे असीमित पहुंच।
- सर्वविद्यमानता (Ubiquity): किसी भी समय, कहीं भी उपलब्ध होना।
- अन्तरक्रियाशीलता (Interactivity): ग्राहक और विक्रेता के मध्य दोतरफा संवाद।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा रोबोट का फायदा नहीं है ?
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सही उत्तर : (B) वह नौकरियों को विस्थापित कर सकते हैं।
विस्तृत व्याख्या :
‘वह नौकरियों को विस्थापित कर सकते हैं’ (They can displace jobs / मनुष्यों की नौकरियां छीनना) रोबोटिक्स का एक गंभीर नुकसान (Disadvantage) या सामाजिक-आर्थिक चुनौती है, यह इसका फायदा (Advantage) नहीं है। शेष तीनों विकल्प (असमर्थों की मदद, खतरनाक कार्यों में उपयोग, बिना थके 24×7 काम करना) रोबोटिक्स के महत्वपूर्ण लाभ हैं।
‘वह नौकरियों को विस्थापित कर सकते हैं’ (They can displace jobs / मनुष्यों की नौकरियां छीनना) रोबोटिक्स का एक गंभीर नुकसान (Disadvantage) या सामाजिक-आर्थिक चुनौती है, यह इसका फायदा (Advantage) नहीं है। शेष तीनों विकल्प (असमर्थों की मदद, खतरनाक कार्यों में उपयोग, बिना थके 24×7 काम करना) रोबोटिक्स के महत्वपूर्ण लाभ हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- रोबोट के लाभ: उच्च सटीकता, निरंतर कार्य क्षमता, खतरनाक वातावरण (परमाणु संयंत्र, गहरी खदान) में उपयोग।
- रोबोट की सीमाएं: उच्च प्रारंभिक लागत, रचनात्मकता का अभाव, बेरोजगारी का खतरा।
प्रश्न 3. सोशल मीडिया अनुकूलन क्या है ?
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सही उत्तर : (A) सोशल नेटवर्क द्वारा आसानी से प्रचार करना
विस्तृत व्याख्या :
सोशल मीडिया अनुकूलन (SMO – Social Media Optimization) विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन) का उपयोग करके किसी उत्पाद, सेवा, ब्रांड या वेबसाइट की ऑनलाइन दृश्यता बढ़ाने और उसके प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी व सुगम बनाने की डिजिटल मार्केटिंग प्रक्रिया है।
सोशल मीडिया अनुकूलन (SMO – Social Media Optimization) विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन) का उपयोग करके किसी उत्पाद, सेवा, ब्रांड या वेबसाइट की ऑनलाइन दृश्यता बढ़ाने और उसके प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी व सुगम बनाने की डिजिटल मार्केटिंग प्रक्रिया है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- SMO: Social Media Optimization (सोशल नेटवर्क द्वारा प्रचार व ब्रांडिंग)।
- SEO: Search Engine Optimization (सर्च इंजन रैंकिंग में सुधार हेतु वेबसाइट अनुकूलन)।
प्रश्न 4. साइबर सुरक्षा की विशेषता/विशेषताएं हैं/हैं :
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सही उत्तर : (D) उपर्युक्त सभी
विस्तृत व्याख्या :
साइबर सुरक्षा (Cyber Security) में वे सभी रणनीतियां और तकनीकी उपाय शामिल होते हैं जो डिजिटल सिस्टम्स को सुरक्षित रखते हैं। इसमें विनियामक मानकों का पालन (अनुपालन / Compliance), संगठन के भीतर से होने वाले डेटा लीक से सुरक्षा (आंतरिक खतरों से प्रतिरक्षा), तथा बाहरी साइबर हमलों व वायरस की रोकथाम (खतरे की रोकथाम) तीनों अनिवार्य रूप से शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा (Cyber Security) में वे सभी रणनीतियां और तकनीकी उपाय शामिल होते हैं जो डिजिटल सिस्टम्स को सुरक्षित रखते हैं। इसमें विनियामक मानकों का पालन (अनुपालन / Compliance), संगठन के भीतर से होने वाले डेटा लीक से सुरक्षा (आंतरिक खतरों से प्रतिरक्षा), तथा बाहरी साइबर हमलों व वायरस की रोकथाम (खतरे की रोकथाम) तीनों अनिवार्य रूप से शामिल हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- साइबर सुरक्षा के प्रमुख तत्व: नेटवर्क सुरक्षा, एप्लिकेशन सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अनुपालन।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से ई-गवर्नेन्स का कौन-सा वर्णन सटीक बैठता है ?
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सही उत्तर : (C) तकनीकी आधारित शासन की व्यवस्था देना
विस्तृत व्याख्या :
ई-गवर्नेंस (Electronic Governance) का सबसे मौलिक एवं सटीक अर्थ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग करके सरकारी कार्यों, नागरिक सेवाओं और शासन प्रक्रियाओं को ‘तकनीक-आधारित पारदर्शी, कुशल और उत्तरदायी व्यवस्था’ में परिवर्तित करना है। इसका मूल मंत्र SMART (Simple, Moral, Accountable, Responsive, Transparent) प्रशासन देना है।
ई-गवर्नेंस (Electronic Governance) का सबसे मौलिक एवं सटीक अर्थ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग करके सरकारी कार्यों, नागरिक सेवाओं और शासन प्रक्रियाओं को ‘तकनीक-आधारित पारदर्शी, कुशल और उत्तरदायी व्यवस्था’ में परिवर्तित करना है। इसका मूल मंत्र SMART (Simple, Moral, Accountable, Responsive, Transparent) प्रशासन देना है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- SMART Governance: Simple, Moral, Accountable, Responsive, Transparent।
- मॉडल: G2C (सरकार से नागरिक), G2B (सरकार से व्यवसाय), G2G (सरकार से सरकार), G2E (सरकार से कर्मचारी)।
प्रश्न 6. किसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है ?
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सही उत्तर : (B) जॉन मैकार्थी
विस्तृत व्याख्या :
अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक ‘जॉन मैकार्थी’ (John McCarthy) को ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक’ (Father of Artificial Intelligence) कहा जाता है। उन्होंने वर्ष 1956 में प्रसिद्ध डार्टमाउथ सम्मेलन (Dartmouth Conference) में सर्वप्रथम ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) शब्द गढ़ा था और AI की प्रसिद्ध प्रोग्रामिंग भाषा ‘LISP’ का विकास किया था।
अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक ‘जॉन मैकार्थी’ (John McCarthy) को ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक’ (Father of Artificial Intelligence) कहा जाता है। उन्होंने वर्ष 1956 में प्रसिद्ध डार्टमाउथ सम्मेलन (Dartmouth Conference) में सर्वप्रथम ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) शब्द गढ़ा था और AI की प्रसिद्ध प्रोग्रामिंग भाषा ‘LISP’ का विकास किया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- AI के जनक: जॉन मैकार्थी (1956)।
- LISP भाषा: 1958 में जॉन मैकार्थी द्वारा विकसित।
- एलन टूरिंग: आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान के जनक (टूरिंग टेस्ट)।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा एक आभासी सहायक का उदाहरण नहीं है ?
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सही उत्तर : (D) कोर्टेसा
विस्तृत व्याख्या :
‘कोर्टेसा’ (Cortesa) कोई भी आभासी सहायक (Virtual Voice Assistant) नहीं है। जबकि:
• एलेक्सा (Alexa) – अमेज़न का आभासी सहायक है
• कोर्टाना (Cortana) – माइक्रोसॉफ्ट का आभासी सहायक है
• सिरी (Siri) – एप्पल का आभासी सहायक है।
• गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) – गूगल का आभासी सहायक है।
‘कोर्टेसा’ (Cortesa) कोई भी आभासी सहायक (Virtual Voice Assistant) नहीं है। जबकि:
• एलेक्सा (Alexa) – अमेज़न का आभासी सहायक है
• कोर्टाना (Cortana) – माइक्रोसॉफ्ट का आभासी सहायक है
• सिरी (Siri) – एप्पल का आभासी सहायक है।
• गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) – गूगल का आभासी सहायक है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वर्चुअल असिस्टेंट: वॉयस कमांड पर कार्य करने वाले एआई आधारित सॉफ्टवेयर।
- सिरी: Apple (2011)।
- एलेक्सा: Amazon (2014)।
- कोर्टाना: Microsoft (2014)।
प्रश्न 8. निम्नलिखित डायोड में से कौन-सा अत्यन्त उच्च गति स्विचिंग इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में प्रयोग किया जाता है ?
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सही उत्तर : (D) शॉट्की डायोड
विस्तृत व्याख्या :
‘शॉट्की डायोड’ (Schottky Diode – जिसे हॉट-कैरियर डायोड भी कहते हैं) एक धातु-अर्धचालक (Metal-Semiconductor) जंक्शन डायोड है। इसमें बहुत कम फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप (लगभग 0.2 से 0.3 वोल्ट) और नगण्य रिवर्स रिकवरी टाइम होता है, जिसके कारण यह ‘अत्यंत उच्च गति स्विचिंग’ (Ultra High-Speed Switching) परिपथों और उच्च आवृत्ति वाले RF अनुप्रयोगों में प्रयोग किया जाता है। (टनल डायोड भी उच्च गति होता है, परंतु MPPSC ने शॉट्की डायोड को सही माना था)।
‘शॉट्की डायोड’ (Schottky Diode – जिसे हॉट-कैरियर डायोड भी कहते हैं) एक धातु-अर्धचालक (Metal-Semiconductor) जंक्शन डायोड है। इसमें बहुत कम फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप (लगभग 0.2 से 0.3 वोल्ट) और नगण्य रिवर्स रिकवरी टाइम होता है, जिसके कारण यह ‘अत्यंत उच्च गति स्विचिंग’ (Ultra High-Speed Switching) परिपथों और उच्च आवृत्ति वाले RF अनुप्रयोगों में प्रयोग किया जाता है। (टनल डायोड भी उच्च गति होता है, परंतु MPPSC ने शॉट्की डायोड को सही माना था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- शॉट्की डायोड: मेटल-सेमीकंडक्टर जंक्शन, अत्यंत तीव्र स्विचिंग स्पीड।
- जेनर डायोड: वोल्टेज रेगुलेटर (रिवर्स ब्रेकडाउन क्षेत्र में कार्य)।
- वैरेक्टर डायोड: वोल्टेज-निर्भर कैपेसिटर के रूप में ट्यूनिंग सर्किट में प्रयुक्त।
प्रश्न 9. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म पैदा करने में प्रयोग नहीं की जा सकती है ?
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सही उत्तर : (D) अशुद्धि अन्तःक्षेप
विस्तृत व्याख्या :
अर्धचालक (Semiconductor) भौतिकी में, अशुद्धि अंतःक्षेप (डोपिंग – Impurity Injection / Doping) केवल बहुसंख्यक आवेश वाहक (या तो इलेक्ट्रॉन n-type में, या होल p-type में) उत्पन्न करता है; यह एक साथ ‘इलेक्ट्रॉन-होल युग्म’ (Electron-Hole Pair) पैदा नहीं करता। जबकि तापीय उत्तेजना (थर्मल), प्रकाशिक अवशोषण (ऑप्टिकल) और संघट्ट आयनीकरण (इम्पैक्ट आयोनाइजेशन) से सहसंयोजक बंध टूटते हैं और एक साथ इलेक्ट्रॉन और होल दोनों का युग्म पैदा होता है।
अर्धचालक (Semiconductor) भौतिकी में, अशुद्धि अंतःक्षेप (डोपिंग – Impurity Injection / Doping) केवल बहुसंख्यक आवेश वाहक (या तो इलेक्ट्रॉन n-type में, या होल p-type में) उत्पन्न करता है; यह एक साथ ‘इलेक्ट्रॉन-होल युग्म’ (Electron-Hole Pair) पैदा नहीं करता। जबकि तापीय उत्तेजना (थर्मल), प्रकाशिक अवशोषण (ऑप्टिकल) और संघट्ट आयनीकरण (इम्पैक्ट आयोनाइजेशन) से सहसंयोजक बंध टूटते हैं और एक साथ इलेक्ट्रॉन और होल दोनों का युग्म पैदा होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- डोपिंग (Doping): पेंटावैलेंट अशुद्धि से मुक्त इलेक्ट्रॉन मिलते हैं; ट्राइवैलेंट अशुद्धि से होल मिलते हैं (युग्म नहीं बनता)।
- इलेक्ट्रॉन-होल युग्म: आंतरिक अर्धचालकों में ऊर्जा पाकर बॉन्ड टूटने से एक इलेक्ट्रॉन मुक्त होता है और उसके पीछे एक होल (रिक्ति) बनता है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में से कौन-सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) के पक्षपात का स्रोत नहीं है ?
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सही उत्तर : (D) क्षमता
विस्तृत व्याख्या :
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पूर्वाग्रह / पक्षपात (AI Bias) के तीन प्रमुख स्रोत होते हैं: 1. डेटा (पूर्वाग्रह से ग्रसित या असंतुलित प्रशिक्षण डेटा), 2. एल्गोरिदम (त्रुटिपूर्ण मॉडल आर्किटेक्चर), और 3. लोग (मानव प्रोग्रामर के अपने व्यक्तिगत पूर्वाग्रह)। सिस्टम की गणनात्मक ‘क्षमता’ (Ability / Capability) तकनीकी शक्ति को दर्शाती है, यह पक्षपात का स्रोत नहीं है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पूर्वाग्रह / पक्षपात (AI Bias) के तीन प्रमुख स्रोत होते हैं: 1. डेटा (पूर्वाग्रह से ग्रसित या असंतुलित प्रशिक्षण डेटा), 2. एल्गोरिदम (त्रुटिपूर्ण मॉडल आर्किटेक्चर), और 3. लोग (मानव प्रोग्रामर के अपने व्यक्तिगत पूर्वाग्रह)। सिस्टम की गणनात्मक ‘क्षमता’ (Ability / Capability) तकनीकी शक्ति को दर्शाती है, यह पक्षपात का स्रोत नहीं है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- एआई बायस (AI Bias): जब एल्गोरिदम किसी वर्ग, जाति, लिंग के प्रति पक्षपातपूर्ण परिणाम देता है।
- बायस के स्रोत: अनबैलेंस्ड ट्रेनिंग डेटा, मानवीय पूर्वाग्रह और एल्गोरिदम डिजाइन।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2021 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. आई.टी. अधिनियम, 2000 में महत्वपूर्ण अवधारणा (ओं) को पेश किया गया है :
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सही उत्तर : (D) उपरोक्त सभी
विस्तृत व्याख्या :
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) ने भारत में साइबर कानून की आधारशिला रखी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की कानूनी मान्यता (धारा 4), डिजिटल हस्ताक्षर की कानूनी वैधता (धारा 5) तथा डिजिटल हस्ताक्षर जारी करने वाले प्रमाणन प्राधिकारी (Certifying Authorities – CAs) के विनियामक ढांचे—तीनों महत्वपूर्ण अवधारणाओं को कानूनी रूप से पेश किया गया।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) ने भारत में साइबर कानून की आधारशिला रखी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की कानूनी मान्यता (धारा 4), डिजिटल हस्ताक्षर की कानूनी वैधता (धारा 5) तथा डिजिटल हस्ताक्षर जारी करने वाले प्रमाणन प्राधिकारी (Certifying Authorities – CAs) के विनियामक ढांचे—तीनों महत्वपूर्ण अवधारणाओं को कानूनी रूप से पेश किया गया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- IT Act 2000: 17 अक्टूबर 2000 को लागू हुआ (UNCITRAL मॉडल कानून पर आधारित)।
- धारा 66A: वर्ष 2015 में ‘श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ’ वाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित।
प्रश्न 2. नीलामी या गतिशील मूल्य निर्धारण बाजार ________ के उदाहरण हैं।
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सही उत्तर : (C) C2C वाणिज्य
विस्तृत व्याख्या :
ऑनलाइन नीलामी (Online Auctions जैसे eBay) अथवा ग्राहकों द्वारा आपस में की जाने वाली डायनामिक प्राइसिंग मुख्य रूप से ‘C2C’ (उपभोक्ता से उपभोक्ता – Consumer to Consumer) ई-कॉमर्स मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। (नोट: कुछ संदर्भों में B2B या C2B में भी नीलामी होती है, परंतु पारंपरिक रूप से C2C नीलामी साइट्स इसके लिए प्रसिद्ध हैं। MPPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी में (C) C2C मान्य किया गया था)।
ऑनलाइन नीलामी (Online Auctions जैसे eBay) अथवा ग्राहकों द्वारा आपस में की जाने वाली डायनामिक प्राइसिंग मुख्य रूप से ‘C2C’ (उपभोक्ता से उपभोक्ता – Consumer to Consumer) ई-कॉमर्स मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। (नोट: कुछ संदर्भों में B2B या C2B में भी नीलामी होती है, परंतु पारंपरिक रूप से C2C नीलामी साइट्स इसके लिए प्रसिद्ध हैं। MPPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी में (C) C2C मान्य किया गया था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- C2C (Consumer-to-Consumer): eBay, OLX, Quikr (उपभोक्ता सीधे अन्य उपभोक्ताओं को वस्तुएं बेचते हैं)।
प्रश्न 3. दो कंप्यूटर नेटवर्क के बीच डेटा पैकेट को स्थानांतरित करने के लिए एक ________ का उपयोग किया जाता है।
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सही उत्तर : (B) रूटर
विस्तृत व्याख्या :
दो या दो से अधिक अलग-अलग कंप्यूटर नेटवर्कों (जैसे LAN और WAN) के बीच डेटा पैकेटों को उनके गंतव्य आईपी पते के आधार पर सर्वोत्तम मार्ग से अग्रेषित (Route) करने वाले नेटवर्किंग उपकरण को ‘राउटर / रूटर’ (Router) कहा जाता है। यह OSI मॉडल की नेटवर्क लेयर (Layer 3) पर कार्य करता है।
दो या दो से अधिक अलग-अलग कंप्यूटर नेटवर्कों (जैसे LAN और WAN) के बीच डेटा पैकेटों को उनके गंतव्य आईपी पते के आधार पर सर्वोत्तम मार्ग से अग्रेषित (Route) करने वाले नेटवर्किंग उपकरण को ‘राउटर / रूटर’ (Router) कहा जाता है। यह OSI मॉडल की नेटवर्क लेयर (Layer 3) पर कार्य करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- राउटर (Router): नेटवर्क लेयर (Layer 3) डिवाइस – डेटा पैकेट्स को रूट करता है।
- स्विच (Switch): डेटा लिंक लेयर (Layer 2) डिवाइस – LAN के भीतर मैक एड्रेस पर फ्रेम भेजता है।
- हब (Hub): फिजिकल लेयर (Layer 1) गैर-बुद्धिमान डिवाइस।
प्रश्न 4. इंटरनेट पर एक डेटाबेस में जहाँ विभिन्न मेजबानों के नाम और पता होते हैं, जिन्हें ________ कहा जाता है।
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सही उत्तर : (B) डोमेन नाम प्रणाली
विस्तृत व्याख्या :
‘डोमेन नाम प्रणाली’ (Domain Name System – DNS) इंटरनेट की एक पदानुक्रमित और वितरित डेटाबेस प्रणाली है, जो मानव-पठनीय डोमेन नामों (जैसे www.google.com) को कंप्यूटर द्वारा समझे जाने वाले संख्यात्मक आईपी पतों (जैसे 142.250.190.46) में अनुवादित (Translate / Resolve) करती है। इसे ‘इंटरनेट की फोनबुक’ भी कहा जाता है।
‘डोमेन नाम प्रणाली’ (Domain Name System – DNS) इंटरनेट की एक पदानुक्रमित और वितरित डेटाबेस प्रणाली है, जो मानव-पठनीय डोमेन नामों (जैसे www.google.com) को कंप्यूटर द्वारा समझे जाने वाले संख्यात्मक आईपी पतों (जैसे 142.250.190.46) में अनुवादित (Translate / Resolve) करती है। इसे ‘इंटरनेट की फोनबुक’ भी कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- DNS: Domain Name System (इंटरनेट की फोनबुक)।
- कार्य: डोमेन नाम (URL) को IP Address में बदलना।
- पोर्ट: पोर्ट 53 (UDP/TCP) का उपयोग करता है।
प्रश्न 5. उपभोक्ता अपने हिसाब से कीमत तय करते हैं, जिसे व्यवसाय स्वीकार या अस्वीकार करता है, उस मॉडल को ________ कहा जाता है।
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सही उत्तर : (C) C2B
विस्तृत व्याख्या :
‘C2B’ (कंज्यूमर टू बिजनेस / Consumer to Business) ई-कॉमर्स मॉडल में उपभोक्ता अपनी सेवा, उत्पाद या बजट मूल्य तय करते हैं और कंपनियां उस पर बोली लगाती हैं या उस कीमत को स्वीकार/अस्वीकार करती हैं (जैसे Priceline.com की नेम-योर-ओन-प्राइस बोली प्रणाली या फ्रीलांस प्लेटफॉर्म)।
‘C2B’ (कंज्यूमर टू बिजनेस / Consumer to Business) ई-कॉमर्स मॉडल में उपभोक्ता अपनी सेवा, उत्पाद या बजट मूल्य तय करते हैं और कंपनियां उस पर बोली लगाती हैं या उस कीमत को स्वीकार/अस्वीकार करती हैं (जैसे Priceline.com की नेम-योर-ओन-प्राइस बोली प्रणाली या फ्रीलांस प्लेटफॉर्म)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- C2B मॉडल: ग्राहक मूल्य या सेवा प्रस्तावित करता है, व्यवसाय उसे स्वीकार करता है।
- उदाहरण: क्राउडसोर्सिंग, फ्रीलांसर प्लेटफॉर्म, नेम-योर-प्राइस सेवाएं।
प्रश्न 6. वर्चुअल कीबोर्ड ________ से कंप्यूटर की सुरक्षा करते हैं।
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सही उत्तर : (D) उपरोक्त सभी
विस्तृत व्याख्या :
‘वर्चुअल कीबोर्ड’ (Virtual / On-Screen Keyboard) स्क्रीन पर माउस क्लिक के जरिए इनपुट लेता है। यह भौतिक कीबोर्ड पर की-स्ट्रोक रिकॉर्ड करने वाले ‘कीलॉगर्स’, पासवर्ड चुराने वाले ‘स्पाइवेयर’ और बैकडोर बनाने वाले ‘ट्रोजन प्रोग्रामों’ से संवेदनशील क्रेडेंशियल्स (नेट बैंकिंग पासवर्ड, पिन) की प्रभावी सुरक्षा करता है। अतः यह उपरोक्त सभी से सुरक्षा प्रदान करता है।
‘वर्चुअल कीबोर्ड’ (Virtual / On-Screen Keyboard) स्क्रीन पर माउस क्लिक के जरिए इनपुट लेता है। यह भौतिक कीबोर्ड पर की-स्ट्रोक रिकॉर्ड करने वाले ‘कीलॉगर्स’, पासवर्ड चुराने वाले ‘स्पाइवेयर’ और बैकडोर बनाने वाले ‘ट्रोजन प्रोग्रामों’ से संवेदनशील क्रेडेंशियल्स (नेट बैंकिंग पासवर्ड, पिन) की प्रभावी सुरक्षा करता है। अतः यह उपरोक्त सभी से सुरक्षा प्रदान करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वर्चुअल कीबोर्ड: सॉफ्टवेयर आधारित कीबोर्ड जो ऑन-स्क्रीन दिखता है।
- सुरक्षा: कीलॉगर (Keylogger) और स्पाइवेयर से पासवर्ड चोरी को रोकता है।
प्रश्न 7. एक ई-मेल जो एक स्रोत से उत्पन्न दिखता है, लेकिन वास्तव में दूसरे से भेजा गया है :
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सही उत्तर : (B) स्पूफिंग
विस्तृत व्याख्या :
जब कोई प्रेषक किसी ईमेल हेडर के ‘From’ पते में फर्जी जानकारी डालकर यह आभास कराता है कि ईमेल किसी वैध या अधिकृत स्रोत से आया है जबकि वास्तव में वह किसी अन्य अज्ञात स्रोत से भेजा गया होता है, तो इस तकनीक को ‘ई-मेल स्पूफिंग’ (Email Spoofing) कहा जाता है।
जब कोई प्रेषक किसी ईमेल हेडर के ‘From’ पते में फर्जी जानकारी डालकर यह आभास कराता है कि ईमेल किसी वैध या अधिकृत स्रोत से आया है जबकि वास्तव में वह किसी अन्य अज्ञात स्रोत से भेजा गया होता है, तो इस तकनीक को ‘ई-मेल स्पूफिंग’ (Email Spoofing) कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- स्पूफिंग (Spoofing): पहचान छिपाकर फर्जी प्रेषक बनकर धोखा देना (Email/IP Spoofing)।
- स्नीफिंग (Sniffing): नेटवर्क ट्रैफिक के डेटा पैकेट्स को गुप्त रूप से सुनना/पकड़ना।
- स्पैमिंग (Spamming): अवांछित बल्क विज्ञापन ईमेल भेजना।
प्रश्न 8. एक नेटवर्क वातावरण में ________, जो सर्वर नहीं है।
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सही उत्तर : (D) नेटवर्क सर्वर
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर नेटवर्क वर्गीकरण में ‘फाइल सर्वर’ (फाइलों का केंद्रीय भंडारण), ‘प्रिंट सर्वर’ (प्रिंटरों का प्रबंधन), और ‘अनुप्रयोग सर्वर’ (Application Server – सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स का निष्पादन) विशिष्ट सर्वर भूमिकाएं हैं। ‘नेटवर्क सर्वर’ (Network Server) कोई विशिष्ट सर्वर प्रकार नहीं है, बल्कि यह पूरे सर्वर कंप्यूटर के लिए एक सामान्य शब्द है। (MPPSC द्वारा विकल्प D को सही उत्तर माना गया था)।
कंप्यूटर नेटवर्क वर्गीकरण में ‘फाइल सर्वर’ (फाइलों का केंद्रीय भंडारण), ‘प्रिंट सर्वर’ (प्रिंटरों का प्रबंधन), और ‘अनुप्रयोग सर्वर’ (Application Server – सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स का निष्पादन) विशिष्ट सर्वर भूमिकाएं हैं। ‘नेटवर्क सर्वर’ (Network Server) कोई विशिष्ट सर्वर प्रकार नहीं है, बल्कि यह पूरे सर्वर कंप्यूटर के लिए एक सामान्य शब्द है। (MPPSC द्वारा विकल्प D को सही उत्तर माना गया था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- फाइल सर्वर: नेटवर्क उपयोगकर्ताओं हेतु फाइलों को सुरक्षित व साझा करना।
- प्रिंट सर्वर: कई कंप्यूटरों के प्रिंट अनुरोधों को कतारबद्ध करना।
- वेब सर्वर: वेब पेज (HTML) सर्व करना।
प्रश्न 9. ________ एक सामान्य नेटवर्क टोपोलॉजी नहीं है।
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सही उत्तर : (D) ग्रिड
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर नेटवर्क की मानक भौतिक/तार्किक टोपोलॉजिकल संरचनाओं में बस (Bus), स्टार (Star), रिंग (Ring), मेश (Mesh), और ट्री (Tree) टोपोलॉजी शामिल हैं। ‘ग्रिड’ (Grid) एक कम्प्यूटिंग आर्किटेक्चर (Grid Computing) है, यह कोई मानक लोकल एरिया नेटवर्क टोपोलॉजी नहीं है। अतः (D) सही उत्तर है।
कंप्यूटर नेटवर्क की मानक भौतिक/तार्किक टोपोलॉजिकल संरचनाओं में बस (Bus), स्टार (Star), रिंग (Ring), मेश (Mesh), और ट्री (Tree) टोपोलॉजी शामिल हैं। ‘ग्रिड’ (Grid) एक कम्प्यूटिंग आर्किटेक्चर (Grid Computing) है, यह कोई मानक लोकल एरिया नेटवर्क टोपोलॉजी नहीं है। अतः (D) सही उत्तर है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मानक टोपोलॉजी: बस, स्टार, रिंग, मेश, ट्री और हाइब्रिड।
- स्टार टोपोलॉजी: सबसे लोकप्रिय (केंद्रीय हब या स्विच से जुड़े सभी नोड्स)।
- मेश टोपोलॉजी: सबसे विश्वसनीय (प्रत्येक नोड सीधे अन्य सभी नोड्स से जुड़ा)।
प्रश्न 10. सच्चा न्यायोचित विश्वास अक्सर कहा जाता है :
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सही उत्तर : (C) ज्ञान
विस्तृत व्याख्या :
ज्ञानमीमांसा (Epistemology) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज्ञान प्रतिनिधित्व (Knowledge Representation) में प्लेटो की शास्त्रीय परिभाषा के अनुसार ‘सच्चा न्यायोचित विश्वास’ (Justified True Belief – JTB) ही ‘ज्ञान’ (Knowledge) कहलाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी बात पर विश्वास करता है, वह बात सत्य है और उसके पास उस पर विश्वास करने का उचित आधार/तर्क है, तो उसे ज्ञान माना जाता है।
ज्ञानमीमांसा (Epistemology) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज्ञान प्रतिनिधित्व (Knowledge Representation) में प्लेटो की शास्त्रीय परिभाषा के अनुसार ‘सच्चा न्यायोचित विश्वास’ (Justified True Belief – JTB) ही ‘ज्ञान’ (Knowledge) कहलाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी बात पर विश्वास करता है, वह बात सत्य है और उसके पास उस पर विश्वास करने का उचित आधार/तर्क है, तो उसे ज्ञान माना जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ज्ञान (Knowledge): Justified True Belief (JTB थ्योरी)।
- AI में ज्ञान पदानुक्रम (DIKW Pyramid): डेटा (Data) ➔ सूचना (Information) ➔ ज्ञान (Knowledge) ➔ बुद्धिमत्ता (Wisdom)।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2020 : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कुल 10 प्रश्न
विषय 9: Information and Communication Technology | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. किस संगठन ने “व्योममित्र” नाम के भारतीय रोबोट को विकसित किया ?
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सही उत्तर : (B) इसरो
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारत के महत्वाकांक्षी मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ (Gaganyaan) के मानवरहित पूर्व-परीक्षण उड़ानों हेतु ‘व्योममित्र’ (Vyommitra) नामक अर्ध-मानवरूप महिला रोबोट (Half-Humanoid Robot) को विकसित किया है। ‘व्योम’ (अंतरिक्ष) और ‘मित्र’ (दोस्त) से मिलकर बना यह रोबोट अंतरिक्ष में मानव कार्यों की नकल करने, कैप्सूल के पैरामीटर जांचने और जीवन रक्षक प्रणाली की निगरानी करने में सक्षम है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारत के महत्वाकांक्षी मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ (Gaganyaan) के मानवरहित पूर्व-परीक्षण उड़ानों हेतु ‘व्योममित्र’ (Vyommitra) नामक अर्ध-मानवरूप महिला रोबोट (Half-Humanoid Robot) को विकसित किया है। ‘व्योम’ (अंतरिक्ष) और ‘मित्र’ (दोस्त) से मिलकर बना यह रोबोट अंतरिक्ष में मानव कार्यों की नकल करने, कैप्सूल के पैरामीटर जांचने और जीवन रक्षक प्रणाली की निगरानी करने में सक्षम है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- विकसित किया: ISRO (इसरो इनर्शियल सिस्टम्स यूनिट, तिरुवनंतपुरम)।
- मिशन: गगनयान (Gaganyaan)।
- स्वरूप: अर्ध-मानवरूपी महिला रोबोट (Half-humanoid)।
प्रश्न 2. गार्टनर के अनुसार, 4-चरण परिपक्वता मॉडल को क्रम में व्यवस्थित किया जा सकता है :
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सही उत्तर : (D) सूचना, सहभागिता, लेन-देन और परिवर्तन
विस्तृत व्याख्या :
गार्टनर के ई-गवर्नेंस मैच्योरिटी मॉडल का सही विकास क्रम है:
1. सूचना (Information)
2. सहभागिता / बातचीत (Interaction)
3. लेन-देन (Transaction)
4. परिवर्तन (Transformation)।
अतः सही क्रम (D) सूचना, सहभागिता, लेन-देन और परिवर्तन है।
गार्टनर के ई-गवर्नेंस मैच्योरिटी मॉडल का सही विकास क्रम है:
1. सूचना (Information)
2. सहभागिता / बातचीत (Interaction)
3. लेन-देन (Transaction)
4. परिवर्तन (Transformation)।
अतः सही क्रम (D) सूचना, सहभागिता, लेन-देन और परिवर्तन है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- चरण 1: सूचना (Information – एकतरफा संचार)।
- चरण 2: सहभागिता (Interaction – दोतरफा संचार)।
- चरण 3: लेन-देन (Transaction – ऑनलाइन सेवाएं एवं भुगतान)।
- चरण 4: परिवर्तन (Transformation – संपूर्ण प्रशासनिक कायाकल्प)।
प्रश्न 3. एक सामाजिक नेटवर्क के रूप में प्रतिनिधित्व किया जा सकता है :
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सही उत्तर : (A) ग्राफ
विस्तृत व्याख्या :
कंप्यूटर विज्ञान और डेटा संरचना में, किसी सोशल नेटवर्क (Social Network) को गणितीय रूप से ‘ग्राफ’ (Graph / G = (V, E)) के रूप में दर्शाया जाता है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति या इकाई को एक ‘शीर्ष / नोड’ (Vertex/Node) तथा उनके आपसी संबंधों (मित्रता, फॉलोअर) को ‘किनारों / कड़ियों’ (Edges/Links) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
कंप्यूटर विज्ञान और डेटा संरचना में, किसी सोशल नेटवर्क (Social Network) को गणितीय रूप से ‘ग्राफ’ (Graph / G = (V, E)) के रूप में दर्शाया जाता है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति या इकाई को एक ‘शीर्ष / नोड’ (Vertex/Node) तथा उनके आपसी संबंधों (मित्रता, फॉलोअर) को ‘किनारों / कड़ियों’ (Edges/Links) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- सोशल नेटवर्क एनालिसिस (SNA): ग्राफ थ्योरी पर आधारित।
- नोड्स (शीर्ष): व्यक्ति, पेज या समूह।
- एजेस (किनारे): आपसी संबंध, बातचीत या कनेक्शन।
प्रश्न 4. IPv6 प्रोटोकॉल IP पते को परिभाषित करता है :
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सही उत्तर : (C) 128 बिट
विस्तृत व्याख्या :
इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6 (IPv6) का आईपी पता ‘128 बिट’ (128 bits / 16 बाइट्स) लंबा होता है। इसे हेक्साडेसिमल प्रारूप में कोलन (:) द्वारा अलग किए गए 8 समूहों में लिखा जाता है। IPv4 की 32-बिट पता सीमा (लगभग 4.3 बिलियन पते) समाप्त होने के संकट के समाधान हेतु IPv6 को विकसित किया गया जो लगभग 3.4 × 10^38 असीमित पते प्रदान करता है।
इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6 (IPv6) का आईपी पता ‘128 बिट’ (128 bits / 16 बाइट्स) लंबा होता है। इसे हेक्साडेसिमल प्रारूप में कोलन (:) द्वारा अलग किए गए 8 समूहों में लिखा जाता है। IPv4 की 32-बिट पता सीमा (लगभग 4.3 बिलियन पते) समाप्त होने के संकट के समाधान हेतु IPv6 को विकसित किया गया जो लगभग 3.4 × 10^38 असीमित पते प्रदान करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- IPv6 आकार: 128 बिट (हेक्साडेसिमल नोटेशन, कोलन से अलग)।
- IPv4 आकार: 32 बिट (दशमलव नोटेशन, डॉट्स से अलग – उदा. 192.168.1.1)।
- MAC एड्रेस: 48 बिट।
प्रश्न 5. यह वरीयताओं को एकत्रित करके उपयोगकर्ता के हितों के बारे में स्वचालित पूर्वानुमान बनाने की एक विधि है :
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सही उत्तर : (D) सहयोगात्मक फ़िल्टरिंग
विस्तृत व्याख्या :
‘सहयोगात्मक फ़िल्टरिंग’ (Collaborative Filtering) अनुशंसा प्रणालियों (Recommender Systems जैसे Netflix, Amazon, Spotify) द्वारा उपयोग की जाने वाली एक प्रमुख मशीन लर्निंग तकनीक है। यह अनेक उपयोगकर्ताओं की प्राथमिकताओं और व्यवहार संबंधी डेटा का विश्लेषण करके किसी विशिष्ट उपयोगकर्ता की रुचियों और भविष्य के चॉइस का स्वचालित पूर्वानुमान लगाती है।
‘सहयोगात्मक फ़िल्टरिंग’ (Collaborative Filtering) अनुशंसा प्रणालियों (Recommender Systems जैसे Netflix, Amazon, Spotify) द्वारा उपयोग की जाने वाली एक प्रमुख मशीन लर्निंग तकनीक है। यह अनेक उपयोगकर्ताओं की प्राथमिकताओं और व्यवहार संबंधी डेटा का विश्लेषण करके किसी विशिष्ट उपयोगकर्ता की रुचियों और भविष्य के चॉइस का स्वचालित पूर्वानुमान लगाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- सहयोगात्मक फ़िल्टरिंग: ‘जो लोग उत्पाद A पसंद करते हैं, वे उत्पाद B भी खरीदते हैं’ की तकनीक।
- उपयोग: नेटफ्लिक्स मूवी अनुशंसा, यूट्यूब वीडियो सुझाव, अमेज़न उत्पाद सुझाव।
प्रश्न 6. एक प्रकार की माध्यमिक मेमोरी कौन-सी नहीं है ?
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सही उत्तर : (C) रैंडम एक्सेस मेमोरी
विस्तृत व्याख्या :
‘रैंडम एक्सेस मेमोरी’ (RAM) कंप्यूटर की मुख्य या ‘प्राथमिक मेमोरी’ (Primary / Main Memory) है, माध्यमिक (Secondary) नहीं। यह एक अस्थिर (Volatile) मेमोरी है, जिसमें कंप्यूटर बंद होते ही डेटा नष्ट हो जाता है। जबकि सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD), हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) और USB पेन ड्राइव गैर-वाष्पशील (Non-volatile) ‘माध्यमिक / सहायक मेमोरी’ (Secondary Storage) के उदाहरण हैं।
‘रैंडम एक्सेस मेमोरी’ (RAM) कंप्यूटर की मुख्य या ‘प्राथमिक मेमोरी’ (Primary / Main Memory) है, माध्यमिक (Secondary) नहीं। यह एक अस्थिर (Volatile) मेमोरी है, जिसमें कंप्यूटर बंद होते ही डेटा नष्ट हो जाता है। जबकि सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD), हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) और USB पेन ड्राइव गैर-वाष्पशील (Non-volatile) ‘माध्यमिक / सहायक मेमोरी’ (Secondary Storage) के उदाहरण हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्राथमिक मेमोरी (Primary): RAM (अस्थिर) और ROM (गैर-अस्थिर)।
- माध्यमिक मेमोरी (Secondary): हार्ड डिस्क, एसएसडी, पेन ड्राइव, ऑप्टिकल डिस्क (सीडी/डीवीडी)।
- कैश मेमोरी (Cache): सीपीयू और रैम के मध्य सबसे तेज मेमोरी।
प्रश्न 7. XML का पूरा नाम है :
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सही उत्तर : (B) एक्सटेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज
विस्तृत व्याख्या :
XML का पूर्ण रूप ‘एक्सटेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज’ (Extensible Markup Language) है। यह W3C द्वारा अनुशंसित एक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर स्वतंत्र टेक्स्ट-आधारित मार्कअप भाषा है, जिसे डेटा को संग्रहीत (Store) और स्थानांतरित (Transport) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। HTML के विपरीत, XML में उपयोगकर्ता अपने स्वयं के कस्टम टैग (Custom Tags) परिभाषित कर सकता है।
XML का पूर्ण रूप ‘एक्सटेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज’ (Extensible Markup Language) है। यह W3C द्वारा अनुशंसित एक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर स्वतंत्र टेक्स्ट-आधारित मार्कअप भाषा है, जिसे डेटा को संग्रहीत (Store) और स्थानांतरित (Transport) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। HTML के विपरीत, XML में उपयोगकर्ता अपने स्वयं के कस्टम टैग (Custom Tags) परिभाषित कर सकता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पूर्ण रूप: Extensible Markup Language।
- HTML vs XML: HTML का उद्देश्य डेटा प्रदर्शित करना है, जबकि XML का उद्देश्य डेटा का भंडारण और संचरण करना है।
- टैग्स: XML केस-संवेदी (Case-sensitive) होती है और इसमें कस्टम टैग बनाए जा सकते हैं।
प्रश्न 8. माइक्रोवेव में विद्युत-चुम्बकीय तरंगें होती हैं जिनकी सीमा की आवृत्ति है :
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सही उत्तर : (C) 1 गीगाहर्ट्ज़ – 300 गीगाहर्ट्ज़
विस्तृत व्याख्या :
विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में सूक्ष्म तरंगों (Microwaves) की आवृत्ति सीमा सामान्यतः ‘1 गीगाहर्ट्ज़ (GHz) से 300 गीगाहर्ट्ज़ (GHz)’ तक (तरंगदैर्ध्य 1 मिमी से 30 सेमी) मानी जाती है। इसका उपयोग रडार, सैटेलाइट संचार, वाई-फाई और माइक्रोवेव ओवन में किया जाता है। (MPPSC ने विकल्प C को सही उत्तर माना था)।
विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में सूक्ष्म तरंगों (Microwaves) की आवृत्ति सीमा सामान्यतः ‘1 गीगाहर्ट्ज़ (GHz) से 300 गीगाहर्ट्ज़ (GHz)’ तक (तरंगदैर्ध्य 1 मिमी से 30 सेमी) मानी जाती है। इसका उपयोग रडार, सैटेलाइट संचार, वाई-फाई और माइक्रोवेव ओवन में किया जाता है। (MPPSC ने विकल्प C को सही उत्तर माना था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- माइक्रोवेव आवृत्ति: 1 GHz से 300 GHz।
- घरेलू माइक्रोवेव ओवन: सामान्यतः 2.45 GHz आवृत्ति पर जल के अणुओं को गर्म करता है।
- अनुप्रयोग: रडार नेविगेशन, वायरलेस लैन (Wi-Fi), उपग्रह संचार।
प्रश्न 9. ब्लोफिश एक प्रकार का है :
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सही उत्तर : (A) सममित एन्क्रिप्शन एल्गोरिथम
विस्तृत व्याख्या :
‘ब्लोफिश’ (Blowfish) एक प्रसिद्ध ‘सममित एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम’ (Symmetric Key Block Cipher Algorithm) है। इसे 1993 में ब्रूस श्नायर (Bruce Schneier) द्वारा DES के विकल्प के रूप में विकसित किया गया था। सममित (सिमेट्रिक) होने के कारण इसमें डेटा को एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने के लिए ‘एक ही गुप्त कुंजी’ (Secret Key) का उपयोग किया जाता है। इसका ब्लॉक आकार 64 बिट और कुंजी लंबाई 32 से 448 बिट तक चर होती है।
‘ब्लोफिश’ (Blowfish) एक प्रसिद्ध ‘सममित एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम’ (Symmetric Key Block Cipher Algorithm) है। इसे 1993 में ब्रूस श्नायर (Bruce Schneier) द्वारा DES के विकल्प के रूप में विकसित किया गया था। सममित (सिमेट्रिक) होने के कारण इसमें डेटा को एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने के लिए ‘एक ही गुप्त कुंजी’ (Secret Key) का उपयोग किया जाता है। इसका ब्लॉक आकार 64 बिट और कुंजी लंबाई 32 से 448 बिट तक चर होती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ब्लोफिश (Blowfish): सिमेट्रिक की ब्लॉक सिफर (Symmetric Encryption)।
- डेवलपर: ब्रूस श्नायर (1993)।
- अन्य सिमेट्रिक एल्गोरिदम: AES, DES, 3DES, RC4।
- असममित (Asymmetric) एल्गोरिदम: RSA, Diffie-Hellman, ECC (दो कुंजियां: पब्लिक व प्राइवेट)।
प्रश्न 10. रोबोटिक्स के सन्दर्भ में “PUMA” क्या है ?
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सही उत्तर : (C) प्रोग्रामेबल यूनिवर्सल मशीन फार असेंबली
विस्तृत व्याख्या :
रोबोटिक्स और औद्योगिक स्वचालन के क्षेत्र में PUMA का पूर्ण रूप ‘प्रोग्रामेबल यूनिवर्सल मशीन फॉर असेंबली’ (Programmable Universal Machine for Assembly या Programmable Universal Manipulation Arm) है। इसका विकास विक्टर शीमैन द्वारा 1978 में यूनिमेशन (Unimation) कंपनी में जनरल मोटर्स के सहयोग से किया गया था। यह आधुनिक औद्योगिक रोबोटिक भुजाओं (Robotic Arms) का सबसे प्रसिद्ध अग्रणी मॉडल है।
रोबोटिक्स और औद्योगिक स्वचालन के क्षेत्र में PUMA का पूर्ण रूप ‘प्रोग्रामेबल यूनिवर्सल मशीन फॉर असेंबली’ (Programmable Universal Machine for Assembly या Programmable Universal Manipulation Arm) है। इसका विकास विक्टर शीमैन द्वारा 1978 में यूनिमेशन (Unimation) कंपनी में जनरल मोटर्स के सहयोग से किया गया था। यह आधुनिक औद्योगिक रोबोटिक भुजाओं (Robotic Arms) का सबसे प्रसिद्ध अग्रणी मॉडल है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- PUMA पूर्ण रूप: Programmable Universal Machine for Assembly।
- विकास: 1978 (विक्टर शीमैन – Unimation)।
- उपयोग: ऑटोमोबाइल असेंबली लाइनों में वेल्डिंग, पेंटिंग और पुर्जे जोड़ने में।