MPPSC प्रारंभिक परीक्षा : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ (विरासत, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य)
विगत 6 वर्षों (2020 से 2025) के प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 (यूनिट 10) में पूछे गए मध्य प्रदेश की जनजातियाँ, जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी, प्रमुख लोक कलाएं, पर्व, योजनाएं एवं संवैधानिक प्रावधानों के सभी 38 प्रश्नों का प्रामाणिक उत्तर कुंजी, 4 विकल्पों और विस्तृत व्याख्या सहित संकलन।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 11 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 11प्रश्न 1. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत राष्ट्रपति राज्य विशेष के लिए अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए लोक अधिसूचना जारी करते हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) अनुच्छेद 342
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय संविधान के ‘अनुच्छेद 342(1)’ के अनुसार, राष्ट्रपति किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में (और जहाँ वह राज्य है वहाँ राज्यपाल के परामर्श के पश्चात) लोक अधिसूचना (Public Notification) द्वारा उन जनजातियों या जनजाति समुदायों को विनिर्दिष्ट कर सकते हैं, जिन्हें उस राज्य के संबंध में ‘अनुसूचित जनजाति’ (Scheduled Tribes – ST) समझा जाएगा।
भारतीय संविधान के ‘अनुच्छेद 342(1)’ के अनुसार, राष्ट्रपति किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में (और जहाँ वह राज्य है वहाँ राज्यपाल के परामर्श के पश्चात) लोक अधिसूचना (Public Notification) द्वारा उन जनजातियों या जनजाति समुदायों को विनिर्दिष्ट कर सकते हैं, जिन्हें उस राज्य के संबंध में ‘अनुसूचित जनजाति’ (Scheduled Tribes – ST) समझा जाएगा।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अनुच्छेद 342: अनुसूचित जनजातियों (ST) की अधिसूचना राष्ट्रपति द्वारा।
- अनुच्छेद 341: अनुसूचित जातियों (SC) की अधिसूचना राष्ट्रपति द्वारा।
- अनुच्छेद 366(25): अनुसूचित जनजाति की परिभाषा (‘ऐसी जनजातियां जो अनुच्छेद 342 के अधीन अनुसूचित जनजाति मानी गई हैं’)।
- अनुच्छेद 338A: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)।
प्रश्न 2. आई.सी.एम.आर. – राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (एन.आई.आर.टी.एच.) मध्यप्रदेश के किस शहर में स्थापित है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) जबलपुर
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का ‘राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान’ (NIRTH – National Institute of Research in Tribal Health) मध्य प्रदेश के ‘जबलपुर’ में स्थित है। इसकी स्थापना 1984 में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (RMRC) के रूप में हुई थी, जिसे 2014 में पूर्ण राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा दिया गया। यह देश भर में जनजातीय आबादी के स्वास्थ्य, पोषण, सिकल सेल एनीमिया, मलेरिया और तपेदिक पर अनुसंधान का शीर्ष केंद्र है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का ‘राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान’ (NIRTH – National Institute of Research in Tribal Health) मध्य प्रदेश के ‘जबलपुर’ में स्थित है। इसकी स्थापना 1984 में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (RMRC) के रूप में हुई थी, जिसे 2014 में पूर्ण राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा दिया गया। यह देश भर में जनजातीय आबादी के स्वास्थ्य, पोषण, सिकल सेल एनीमिया, मलेरिया और तपेदिक पर अनुसंधान का शीर्ष केंद्र है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मुख्यालय: जबलपुर (मध्य प्रदेश)।
- मूल संस्था: ICMR (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय)।
- मुख्य कार्य: जनजातीय स्वास्थ्य समस्याओं (सिकल सेल, मलेरिया, कुपोषण) पर शोध व निवारण।
प्रश्न 3. जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को शंकर शाह और रानी दुर्गावती पुरस्कार दिए जाने का उद्देश्य है :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में मेधावी स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत, माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की ’10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक (मेरिट) प्राप्त करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से’ यह राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जाता है। बालक वर्ग में ‘राजा शंकर शाह पुरस्कार’ तथा बालिका वर्ग में ‘रानी दुर्गावती पुरस्कार’ प्रदान किया जाता है।
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत, माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की ’10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक (मेरिट) प्राप्त करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से’ यह राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जाता है। बालक वर्ग में ‘राजा शंकर शाह पुरस्कार’ तथा बालिका वर्ग में ‘रानी दुर्गावती पुरस्कार’ प्रदान किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- उद्देश्य: 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ST विद्यार्थियों का प्रोत्साहन।
- पुरस्कार स्वरूप: प्रशस्ति पत्र एवं नकद प्रोत्साहन राशि (प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान हेतु)।
- विभाग: जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन।
प्रश्न 4. दिनांक 23.12.2017 से ‘आहार अनुदान योजना’ किस जनजातीय समुदाय के कुपोषण को दूर करने की योजना है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) विशेष पिछड़े जनजातीय समुदाय
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 23 दिसंबर 2017 को प्रारंभ की गई ‘आहार अनुदान योजना’ (Aahar Anudan Yojana) राज्य की 3 ‘विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों’ (PVTGs) — ‘बैगा, भारिया और सहरिया’ के परिवारों में व्याप्त कुपोषण को दूर करने तथा उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए लागू की गई है। इसके अंतर्गत परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में प्रतिमाह ₹1,500 (प्रारंभ में ₹1,000) की पोषण सहायता सीधे अंतरित की जाती है।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 23 दिसंबर 2017 को प्रारंभ की गई ‘आहार अनुदान योजना’ (Aahar Anudan Yojana) राज्य की 3 ‘विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों’ (PVTGs) — ‘बैगा, भारिया और सहरिया’ के परिवारों में व्याप्त कुपोषण को दूर करने तथा उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए लागू की गई है। इसके अंतर्गत परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में प्रतिमाह ₹1,500 (प्रारंभ में ₹1,000) की पोषण सहायता सीधे अंतरित की जाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लक्षित जनजातियां: मध्य प्रदेश की 3 PVTGs (बैगा, भारिया, सहरिया)।
- वर्तमान राशि: ₹1,500 प्रति माह (महिला मुखिया के बैंक खाते में DBT)।
- प्रारंभ तिथि: 23 दिसंबर 2017।
प्रश्न 5. मध्यप्रदेश में वर्ष 2023-24 में कुल कितनी वृहद एवं मध्यम एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएँ अस्तित्व में हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) 31
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट एवं बजट 2023-24 के अनुसार, मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में ’31 एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएं’ (ITDP – Integrated Tribal Development Projects / वृहद एवं मध्यम परियोजनाएं) क्रियान्वित हैं। इनके माध्यम से जनजातीय उप-योजना (Tribal Sub-Plan) का क्रियान्वयन किया जाता है।
मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट एवं बजट 2023-24 के अनुसार, मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में ’31 एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएं’ (ITDP – Integrated Tribal Development Projects / वृहद एवं मध्यम परियोजनाएं) क्रियान्वित हैं। इनके माध्यम से जनजातीय उप-योजना (Tribal Sub-Plan) का क्रियान्वयन किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- कुल ITDP परियोजनाएं: 31 वृहद एवं मध्यम एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाएं।
- माडा पॉकेट्स (MADA Pockets): 6 माडा पॉकेट्स।
- क्लस्टर्स: 8 क्लस्टर्स।
- विशेष पिछड़ी जनजाति अभिकरण: 11 विकास अभिकरण (बैगा, भारिया, सहरिया हेतु)।
प्रश्न 6. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अनुसूचित जनजातियों के लिए राज्य की विधानसभा में सीटों के आरक्षण का प्रावधान है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) अनुच्छेद 332
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय संविधान के ‘अनुच्छेद 332’ में राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण (Reservation of Seats in Legislative Assemblies) का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं (तथा SC के लिए 35 सीटें)।
भारतीय संविधान के ‘अनुच्छेद 332’ में राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण (Reservation of Seats in Legislative Assemblies) का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं (तथा SC के लिए 35 सीटें)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अनुच्छेद 330: लोक सभा में SC और ST के लिए सीटों का आरक्षण (मध्य प्रदेश में 6 सीटें ST हेतु: शहडोल, मंडला, बैतूल, धार, खरगोन, रतलाम)।
- अनुच्छेद 332: राज्य विधान सभाओं में SC और ST के लिए सीटों का आरक्षण (मध्य प्रदेश विधानसभा में 47 सीटें ST हेतु)।
- अनुच्छेद 334: आरक्षण की समय-सीमा (104वें संविधान संशोधन 2020 द्वारा 2030 तक बढ़ाई गई)।
प्रश्न 7. जनजातियों पर लिखी पुस्तकों की सूची-I को उनके लेखकों की सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए :
सूची-I (पुस्तक)
(i) द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया
(ii) ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव
(iii) द भील्स : ए स्टडी
(iv) द बैगा
सूची-II (लेखक)
1. वेरियर एल्बिन
2. टी.बी. नाइक
3. आर.वी. रसेल एवं आर.बी. हीरालाल
4. अजित रायज़ादा
कूट : (i) (ii) (iii) (iv)
सूची-I (पुस्तक)
(i) द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया
(ii) ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव
(iii) द भील्स : ए स्टडी
(iv) द बैगा
सूची-II (लेखक)
1. वेरियर एल्बिन
2. टी.बी. नाइक
3. आर.वी. रसेल एवं आर.बी. हीरालाल
4. अजित रायज़ादा
कूट : (i) (ii) (iii) (iv)
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) 3 4 2 1
विस्तृत व्याख्या :
जनजातीय नृवंशविज्ञान (Ethnography) की प्रसिद्ध पुस्तकों और उनके लेखकों का सही मिलान निम्नलिखित है:
• (i) द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया – 3. आर.वी. रसेल एवं रायबहादुर हीरालाल (1916 की क्लासिक पुस्तक)
• (ii) ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव – 4. अजित रायज़ादा (Ajit Raizada, IAS)
• (iii) द भील्स : ए स्टडी – 2. टी.बी. नाइक (T.B. Naik – 1956)
• (iv) द बैगा – 1. वेरियर एल्बिन (Verrier Elwin – 1939)
अतः सही कूट (A) 3, 4, 2, 1 है।
जनजातीय नृवंशविज्ञान (Ethnography) की प्रसिद्ध पुस्तकों और उनके लेखकों का सही मिलान निम्नलिखित है:
• (i) द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया – 3. आर.वी. रसेल एवं रायबहादुर हीरालाल (1916 की क्लासिक पुस्तक)
• (ii) ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव – 4. अजित रायज़ादा (Ajit Raizada, IAS)
• (iii) द भील्स : ए स्टडी – 2. टी.बी. नाइक (T.B. Naik – 1956)
• (iv) द बैगा – 1. वेरियर एल्बिन (Verrier Elwin – 1939)
अतः सही कूट (A) 3, 4, 2, 1 है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वेरियर एल्बिन: ‘द बैगा’ (1939), ‘द अगारिया’ (1942), ‘द मुरिया एंड देयर घोटुल’।
- टी.बी. नाइक: ‘द भील्स: ए स्टडी’ (The Bhils: A Study)।
- आर.वी. रसेल और हीरालाल: 4 खंडों में सेंट्रल प्रोविंस की जनजातियों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन मध्यप्रदेश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के अंतर्गत नहीं आते हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) असुर
विस्तृत व्याख्या :
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा देश के 75 जनजातीय समूहों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Group) का दर्जा दिया गया है। मध्य प्रदेश में केवल ‘तीन जनजातियाँ’ PVTG के अंतर्गत अधिसूचित हैं: 1. बैगा, 2. भारिया (पातालकोट), और 3. सहरिया। ‘असुर’ जनजाति झारखंड और बिहार के PVTG समूह में आती है, मध्य प्रदेश के नहीं।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा देश के 75 जनजातीय समूहों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Group) का दर्जा दिया गया है। मध्य प्रदेश में केवल ‘तीन जनजातियाँ’ PVTG के अंतर्गत अधिसूचित हैं: 1. बैगा, 2. भारिया (पातालकोट), और 3. सहरिया। ‘असुर’ जनजाति झारखंड और बिहार के PVTG समूह में आती है, मध्य प्रदेश के नहीं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मध्य प्रदेश की 3 PVTGs: बैगा (मंडला, डिंडोरी, बालाघाट), भारिया (छिंदवाड़ा का पातालकोट), सहरिया (ग्वालियर, चंबल संभाग)।
- PVTG मानक (ढेबर आयोग 1973): घटती या स्थिर जनसंख्या, पूर्व-कृषि स्तर की तकनीक, अत्यंत निम्न साक्षरता, निर्वाह स्तर की अर्थव्यवस्था।
- पीएम-जनमन योजना (PM-JANMAN): 15 नवंबर 2023 को PVTGs के समग्र विकास हेतु ₹24,000 करोड़ का मिशन शुरू।
प्रश्न 9. छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) भारिया
विस्तृत व्याख्या :
छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील में लगभग 1,200 से 1,500 फीट गहरे घोड़े की नाल के आकार की प्राकृतिक घाटी ‘पातालकोट’ (Patalkot) में मुख्य रूप से ‘भारिया जनजाति’ (Bharia Tribe) निवास करती है। 1981 की जनगणना में पातालकोट के भारियाओं को उनकी विशिष्ट आदिम जीवनशैली के कारण ‘जंगलों के भी जंगली’ (Wildest of the Wild) कहा गया था।
छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील में लगभग 1,200 से 1,500 फीट गहरे घोड़े की नाल के आकार की प्राकृतिक घाटी ‘पातालकोट’ (Patalkot) में मुख्य रूप से ‘भारिया जनजाति’ (Bharia Tribe) निवास करती है। 1981 की जनगणना में पातालकोट के भारियाओं को उनकी विशिष्ट आदिम जीवनशैली के कारण ‘जंगलों के भी जंगली’ (Wildest of the Wild) कहा गया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पातालकोट: छिंदवाड़ा की तामिया तहसील में 12 गाँव (दूधी नदी का उद्गम)।
- भारिया के प्रमुख नृत्य: भड़म (Bhadam – सबसे लंबा नृत्य), सैतम (Saitam), करमा।
- हर्बल ज्ञान: भारिया जनजाति के वैद्य (भूमका) पारंपरिक जड़ी-बूटियों (दवाईयों) के विशेषज्ञ होते हैं।
प्रश्न 10. 15 नवम्बर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ किस जनजातीय नायक के जन्मदिन के सम्मान में आयोजित किया जाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) भगवान बिरसा मुण्डा
विस्तृत व्याख्या :
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और जननायक ‘भगवान बिरसा मुण्डा’ (Birsa Munda – जन्म: 15 नवम्बर 1875, उलिहातू, वर्तमान झारखंड) की जयंती को प्रतिवर्ष ’15 नवम्बर’ को राष्ट्रीय ‘जनजातीय गौरव दिवस’ (Janjatiya Gaurav Divas) के रूप में मनाने की घोषणा की। 15 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के जम्बूरी मैदान से प्रथम राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ किया था।
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और जननायक ‘भगवान बिरसा मुण्डा’ (Birsa Munda – जन्म: 15 नवम्बर 1875, उलिहातू, वर्तमान झारखंड) की जयंती को प्रतिवर्ष ’15 नवम्बर’ को राष्ट्रीय ‘जनजातीय गौरव दिवस’ (Janjatiya Gaurav Divas) के रूप में मनाने की घोषणा की। 15 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के जम्बूरी मैदान से प्रथम राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ किया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- उलगुलान (महान हलचल): बिरसा मुंडा के नेतृत्व में 1899-1900 का प्रसिद्ध मुंडा विद्रोह।
- उपनाम: ‘धरती आबा’ (जगत पिता) और भगवान बिरसा।
- भोपाल हबीबगंज स्टेशन: जनजातीय गौरव दिवस 2021 पर इसका नाम ‘रानी कमलापति रेलवे स्टेशन’ किया गया।
प्रश्न 11. मध्यप्रदेश सरकार ने रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती मनाने के लिए कई पहल की हैं। निम्नलिखित में से कौन-सी/से सही है/हैं ?
1. रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना
2. जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान का निर्माण
3. मध्यप्रदेश जनजाति महिला कल्याण बोर्ड की स्थापना
4. रानी दुर्गावती की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना
कूट :
1. रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना
2. जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान का निर्माण
3. मध्यप्रदेश जनजाति महिला कल्याण बोर्ड की स्थापना
4. रानी दुर्गावती की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना
कूट :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) 1, 2, 3 एवं 4
विस्तृत व्याख्या :
गोंडवाना की महान शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती (जन्म: 5 अक्टूबर 1524) की 500वीं जयंती वर्ष (2023-2024) के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ये चारों ऐतिहासिक पहल की गई हैं:
1. मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए ‘रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना’ शुरू की गई।
2. जबलपुर के मदन महल क्षेत्र में ₹100 करोड़ की लागत से भव्य ‘रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान’ की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी गई।
3. जनजातीय महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु जनजाति महिला कल्याण बोर्ड की पहल की गई।
4. रानी दुर्गावती की जयंती (5 अक्टूबर) पर सार्वजनिक अवकाश/विशेष स्मरण कार्यक्रम घोषित किए गए।
अतः 1, 2, 3 एवं 4 चारों सही हैं।
गोंडवाना की महान शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती (जन्म: 5 अक्टूबर 1524) की 500वीं जयंती वर्ष (2023-2024) के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ये चारों ऐतिहासिक पहल की गई हैं:
1. मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए ‘रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना’ शुरू की गई।
2. जबलपुर के मदन महल क्षेत्र में ₹100 करोड़ की लागत से भव्य ‘रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान’ की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी गई।
3. जनजातीय महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु जनजाति महिला कल्याण बोर्ड की पहल की गई।
4. रानी दुर्गावती की जयंती (5 अक्टूबर) पर सार्वजनिक अवकाश/विशेष स्मरण कार्यक्रम घोषित किए गए।
अतः 1, 2, 3 एवं 4 चारों सही हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- रानी दुर्गावती: चंदेल राजकुमारी (कालिंजर), जिनका विवाह गढ़-मंडला के गोंड राजा दलपत शाह से हुआ था।
- बलिदान दिवस: 24 जून 1564 (बरेला, जबलपुर के निकट नरई नाला युद्ध में मुगलों से लड़ते हुए बलिदान)।
- समाधि: बरेला (जबलपुर)।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 10 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. भिम्मा जनजाति के लोग मध्यप्रदेश के किन जिलों में निवास करते हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) मंडला व डिंडोरी
विस्तृत व्याख्या :
‘भिम्मा’ (Bhimma) जनजाति मध्य प्रदेश की एक छोटी जनजातीय उपजाति है जो मुख्य रूप से गोंड समूह से संबंधित है। इनके लोग मध्य प्रदेश के पूर्वी जनजातीय जिलों ‘मंडला और डिंडोरी’ में निवास करते हैं। ये पारंपरिक रूप से गायक, वादक (नगाड़ा, तुम्बा बजाने वाले) और घुमंतू लोक कलाकार रहे हैं जो गोंड राजाओं की वंशावली और गाथाएं गाते हैं।
‘भिम्मा’ (Bhimma) जनजाति मध्य प्रदेश की एक छोटी जनजातीय उपजाति है जो मुख्य रूप से गोंड समूह से संबंधित है। इनके लोग मध्य प्रदेश के पूर्वी जनजातीय जिलों ‘मंडला और डिंडोरी’ में निवास करते हैं। ये पारंपरिक रूप से गायक, वादक (नगाड़ा, तुम्बा बजाने वाले) और घुमंतू लोक कलाकार रहे हैं जो गोंड राजाओं की वंशावली और गाथाएं गाते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- निवास क्षेत्र: मंडला, डिंडोरी और सिवनी।
- पारंपरिक पेशा: गायन, नगाड़ा वादन और भिक्षाटन/लोक गाथा गायन।
- उपजाति संबंध: गोंड जनजाति की व्यावसायिक उपजाति मानी जाती है।
प्रश्न 2. मांडवरा त्यौहार ________ द्वारा मनाया जाता है।
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) गोंड
विस्तृत व्याख्या :
‘मांडवरा’ (Mandwara) पर्व मुख्य रूप से ‘गोंड’ जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक कृषि एवं सांस्कृतिक त्यौहार है। इसमें दूल्हादेव और कुलदेवताओं की पूजा की जाती है तथा मांडवे (विवाह/उत्सव मंडप) की स्थापना के साथ परिवार और गाँव की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
‘मांडवरा’ (Mandwara) पर्व मुख्य रूप से ‘गोंड’ जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक कृषि एवं सांस्कृतिक त्यौहार है। इसमें दूल्हादेव और कुलदेवताओं की पूजा की जाती है तथा मांडवे (विवाह/उत्सव मंडप) की स्थापना के साथ परिवार और गाँव की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- गोंड जनजाति के प्रमुख त्यौहार: मांडवरा, बिदरी (बोआई का पर्व), बकपंथी, हरदिली, लारूकाज (सूअर बलि पर्व – नारायण देव पूजा)।
- गोंडों के प्रमुख देवता: बूढ़ादेव (साल वृक्ष में वास), दूल्हादेव, ठाकुरदेव, नारायणदेव।
प्रश्न 3. महानायक टंट्या ‘मामा’ किस आदिवासी जनजाति से संबंधित हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) भील
विस्तृत व्याख्या :
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी क्रांतिसूर्य टंट्या ‘मामा’ (टंट्या भील / तांतिया भील) ‘भील’ जनजाति से संबंधित थे। उनका जन्म लगभग 1842 में पश्चिमी निमाड़ (खंडवा जिले के पंधाना के बड़दा गाँव) में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषक साहूकारों के विरुद्ध 1857 से 1889 तक छापामार युद्ध लड़ा। गरीबों की मदद करने के कारण अंग्रेज उन्हें ‘इंडियन रॉबिनहुड’ (Indian Robin Hood) कहते थे।
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी क्रांतिसूर्य टंट्या ‘मामा’ (टंट्या भील / तांतिया भील) ‘भील’ जनजाति से संबंधित थे। उनका जन्म लगभग 1842 में पश्चिमी निमाड़ (खंडवा जिले के पंधाना के बड़दा गाँव) में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषक साहूकारों के विरुद्ध 1857 से 1889 तक छापामार युद्ध लड़ा। गरीबों की मदद करने के कारण अंग्रेज उन्हें ‘इंडियन रॉबिनहुड’ (Indian Robin Hood) कहते थे।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- जनजाति: भील जनजाति।
- जन्म स्थान: बड़दा गाँव (पंधाना, खंडवा)।
- उपनाम: ‘इंडियन रॉबिनहुड’ और ‘टंट्या मामा’।
- बलिदान स्थल: पातालपानी (महू, इंदौर के निकट – जहाँ उनका समाधि स्थल और रेलवे स्टेशन है)।
प्रश्न 4. स्वतंत्रता सेनानी रघुनाथ सिंह मण्डलोई ________ से सम्बन्धित हैं।
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) भिलाला जनजाति
विस्तृत व्याख्या :
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान आदिवासी जननायक रघुनाथ सिंह मण्डलोई ‘भिलाला जनजाति’ (Bhilala Tribe) से संबंधित थे। वे निमाड़ क्षेत्र (बड़वानी/खरगोन) के रहने वाले थे और उन्होंने भीमा नायक तथा सीताराम कंवर के साथ मिलकर नर्मदा घाटी में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंका था। भिलाला भील जनजाति की सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित उपजाति है।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान आदिवासी जननायक रघुनाथ सिंह मण्डलोई ‘भिलाला जनजाति’ (Bhilala Tribe) से संबंधित थे। वे निमाड़ क्षेत्र (बड़वानी/खरगोन) के रहने वाले थे और उन्होंने भीमा नायक तथा सीताराम कंवर के साथ मिलकर नर्मदा घाटी में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंका था। भिलाला भील जनजाति की सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित उपजाति है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- जनजाति: भिलाला (भील समूह की उपजाति)।
- विद्रोह क्षेत्र: निमाड़ अंचल (बड़वानी, मंडलेश्वर, खरगोन)।
- सहयोगी सेनानी: भीमा नायक और सीताराम कंवर (1857 की क्रांति)।
प्रश्न 5. स्वर्गीय श्री बादल भोई कौन थे ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) प्रसिद्ध आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी
विस्तृत व्याख्या :
श्री बादल भोई (Badal Bhoi) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले (डूंगरिया तितरा गाँव) के एक ‘महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी’ (Tribal Freedom Fighter) थे। उन्होंने 1923 में छिंदवाड़ा में हजारों आदिवासियों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया और 1930 के जंगल सत्याग्रह में भाग लिया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर चंदा (चंद्रपुर) जेल में डाल दिया, जहाँ 1940 में अंग्रेजों द्वारा जहर दिए जाने से उनका बलिदान हो गया।
श्री बादल भोई (Badal Bhoi) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले (डूंगरिया तितरा गाँव) के एक ‘महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी’ (Tribal Freedom Fighter) थे। उन्होंने 1923 में छिंदवाड़ा में हजारों आदिवासियों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया और 1930 के जंगल सत्याग्रह में भाग लिया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर चंदा (चंद्रपुर) जेल में डाल दिया, जहाँ 1940 में अंग्रेजों द्वारा जहर दिए जाने से उनका बलिदान हो गया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पहचान: महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी।
- क्षेत्र: छिंदवाड़ा (डूंगरिया गाँव)।
- बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय: वर्ष 1954 में स्थापित छिंदवाड़ा के राज्य जनजातीय संग्रहालय का नाम 1997 में बदलकर ‘श्री बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय’ किया गया।
प्रश्न 6. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आदिवासी, लोक व पारंपरिक कलाओं के लिए महिलाओं को कौन-सा सम्मान दिया जाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 1996-97 में स्थापित ‘राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान’ (National Devi Ahilya Samman) केवल ‘महिला कलाकारों’ को आदिवासी, लोक एवं पारंपरिक कलाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट सृजन और विशिष्ट योगदान हेतु प्रदान किया जाता है। इसमें ₹2 लाख (वर्तमान में ₹5 लाख) की सम्मान निधि और प्रशस्ति पट्टिका दी जाती है।
मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 1996-97 में स्थापित ‘राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान’ (National Devi Ahilya Samman) केवल ‘महिला कलाकारों’ को आदिवासी, लोक एवं पारंपरिक कलाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट सृजन और विशिष्ट योगदान हेतु प्रदान किया जाता है। इसमें ₹2 लाख (वर्तमान में ₹5 लाख) की सम्मान निधि और प्रशस्ति पट्टिका दी जाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान: केवल महिलाओं को आदिवासी एवं लोक कलाओं हेतु (1996 से प्रारंभ)।
- राष्ट्रीय तुलसी सम्मान: केवल पुरुष कलाकारों को पारंपरिक एवं लोक कलाओं हेतु (1983 से प्रारंभ)।
- राष्ट्रीय कबीर सम्मान: भारतीय भाषाओं की कविता के लिए।
प्रश्न 7. बिरहा किस आदिवासी जनजाति की महिलाओं का लोकप्रिय लोकगीत है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) कोल
विस्तृत व्याख्या :
‘बिरहा’ (Birha) मध्य प्रदेश के बघेलखंड और रीवा-पन्ना पठार में निवास करने वाली ‘कोल जनजाति’ (Kol Tribe) की महिलाओं एवं पुरुषों का अत्यंत लोकप्रिय लोकगीत है। यह विरह, श्रृंगार और श्रम का पारंपरिक गीत है जिसे खेतों में काम करते समय और पर्व-त्यौहारों पर सवाल-जवाब की शैली में गाया जाता है। कोल दहका (Koldahka) इनका प्रसिद्ध नृत्य-गीत है।
‘बिरहा’ (Birha) मध्य प्रदेश के बघेलखंड और रीवा-पन्ना पठार में निवास करने वाली ‘कोल जनजाति’ (Kol Tribe) की महिलाओं एवं पुरुषों का अत्यंत लोकप्रिय लोकगीत है। यह विरह, श्रृंगार और श्रम का पारंपरिक गीत है जिसे खेतों में काम करते समय और पर्व-त्यौहारों पर सवाल-जवाब की शैली में गाया जाता है। कोल दहका (Koldahka) इनका प्रसिद्ध नृत्य-गीत है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- बिरहा लोकगीत: कोल जनजाति और बघेलखंड अंचल।
- कोल जनजाति के प्रमुख नृत्य: कोल-दहका (Koldahka)।
- कोल जनजाति पंचायत: कोल जनजाति की पंचायत को ‘गोहिया’ (Gohiya) कहा जाता है।
प्रश्न 8. भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन की सांस्कृतिक परंपरा और विशिष्टताओं पर लेखन के लिए कौन-सा सम्मान दिया जाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) वीर शंकर शाह – रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा स्थापित ‘वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान’ (Veer Shankar Shah – Raghunath Shah National Award) भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन की सांस्कृतिक परंपरा, इतिहास और विशिष्टताओं पर उत्कृष्ट मौलिक लेखन और अनुसंधान हेतु प्रदान किया जाता है।
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा स्थापित ‘वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान’ (Veer Shankar Shah – Raghunath Shah National Award) भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन की सांस्कृतिक परंपरा, इतिहास और विशिष्टताओं पर उत्कृष्ट मौलिक लेखन और अनुसंधान हेतु प्रदान किया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वीर शंकर शाह-रघुनाथ शाह सम्मान: जनजातीय संस्कृति व साहित्य पर मौलिक लेखन हेतु।
- रानी दुर्गावती राष्ट्रीय सम्मान: जनजातीय महिलाओं के उत्थान और बहादुरी/साहित्यिक योगदान हेतु।
- ठक्कर बापा राष्ट्रीय सम्मान: जनजातीय समुदाय की समर्पित निस्वार्थ समाज सेवा हेतु।
प्रश्न 9. मध्यप्रदेश में आदिवासियों के लिए स्वरोजगार योजना किनके नाम से चल रही है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) बिरसा मुंडा
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का उद्योग या सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए ‘भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना’ (Bhagwan Birsa Munda Swarojgar Yojana) संचालित की जा रही है। (नोट: कम लागत वाले छोटे व्यवसायों हेतु ‘टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना’ भी है, परंतु आधिकारिक ‘स्वरोजगार योजना’ का मुख्य नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर है; MPPSC ने ‘बिरसा मुंडा’ को सही उत्तर माना था)।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का उद्योग या सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए ‘भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना’ (Bhagwan Birsa Munda Swarojgar Yojana) संचालित की जा रही है। (नोट: कम लागत वाले छोटे व्यवसायों हेतु ‘टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना’ भी है, परंतु आधिकारिक ‘स्वरोजगार योजना’ का मुख्य नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर है; MPPSC ने ‘बिरसा मुंडा’ को सही उत्तर माना था)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना: उद्योग परियोजना हेतु ₹1 लाख से ₹50 लाख; सेवा व्यवसाय हेतु ₹1 लाख से ₹25 लाख (5% ब्याज अनुदान)।
- टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना: ₹10,000 से ₹1 लाख तक के उपकरण/कार्यशील पूंजी हेतु (7% ब्याज अनुदान)।
- मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष वित्तीय सहायता योजना: भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना।
प्रश्न 10. जनजातीय कार्य विभाग प्रकाशन प्रतिष्ठान ‘वन्या’ का स्थापना वर्ष है :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) 1980
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत जनजातीय संस्कृति, साहित्य, पत्र-पत्रिकाओं और ऑडियो-विजुअल प्रलेखन हेतु समर्पित प्रकाशन संस्थान ‘वन्या’ (Vanya) की स्थापना ‘वर्ष 1980’ में की गई थी। वन्या द्वारा ‘वन्या संदर्भ’ पत्रिका का प्रकाशन और गोंडी, भीली, कोरकू भाषाओं में सामुदायिक रेडियो केंद्र (जैसे रेडियो वन्या) संचालित किए जाते हैं।
मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत जनजातीय संस्कृति, साहित्य, पत्र-पत्रिकाओं और ऑडियो-विजुअल प्रलेखन हेतु समर्पित प्रकाशन संस्थान ‘वन्या’ (Vanya) की स्थापना ‘वर्ष 1980’ में की गई थी। वन्या द्वारा ‘वन्या संदर्भ’ पत्रिका का प्रकाशन और गोंडी, भीली, कोरकू भाषाओं में सामुदायिक रेडियो केंद्र (जैसे रेडियो वन्या) संचालित किए जाते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- स्थापना वर्ष: 1980 (भोपाल)।
- पत्रिका: ‘वन्या संदर्भ’ (त्रैमासिक पत्रिका)।
- वन्या सामुदायिक रेडियो केंद्र: भावरा (चंद्रशेखर आजाद नगर), चांचौड़ा, खालवा, बिजौरी आदि जनजातीय क्षेत्रों में जनजातीय बोलियों में प्रसारण।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 5 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 5प्रश्न 1. टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना का उद्देश्य क्या है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) अनुसूचित जनजाति के बीपीएल श्रेणी के लाभार्थियों को नए उद्योगों/व्यवसायों के लिए कम लागत वाले उपकरण और कार्यशील पूँजी की आपूर्ति करना
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश सरकार की ‘टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना’ (Tantya Mama Arthik Kalyan Yojana) का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी के सदस्यों को नया स्वरोजगार, कुटीर उद्योग या व्यवसाय शुरू करने हेतु ‘कम लागत वाले उपकरण और कार्यशील पूँजी (Working Capital)’ उपलब्ध कराना है। इसके तहत ₹10,000 से ₹1,00,000 तक का ऋण 7% ब्याज अनुदान के साथ बैंकों के माध्यम से दिया जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार की ‘टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना’ (Tantya Mama Arthik Kalyan Yojana) का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी के सदस्यों को नया स्वरोजगार, कुटीर उद्योग या व्यवसाय शुरू करने हेतु ‘कम लागत वाले उपकरण और कार्यशील पूँजी (Working Capital)’ उपलब्ध कराना है। इसके तहत ₹10,000 से ₹1,00,000 तक का ऋण 7% ब्याज अनुदान के साथ बैंकों के माध्यम से दिया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ऋण सीमा: ₹10,000 से ₹1 लाख तक।
- पात्रता: 18 से 55 वर्ष की आयु के ST वर्ग के बीपीएल कार्डधारी।
- ब्याज सब्सिडी: 7% प्रतिवर्ष (अधिकतम 5 वर्षों हेतु)।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अतिरिक्त, सदस्यों की कुल संख्या कितनी है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) 3 सदस्य
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338A(2) के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) में एक अध्यक्ष (Chairperson), एक उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) और ‘तीन अन्य सदस्य’ (Three Other Members) होते हैं। इनमें से कम से कम एक सदस्य महिला होना अनिवार्य है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338A(2) के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) में एक अध्यक्ष (Chairperson), एक उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) और ‘तीन अन्य सदस्य’ (Three Other Members) होते हैं। इनमें से कम से कम एक सदस्य महिला होना अनिवार्य है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- आयोग की संरचना: 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 सदस्य = कुल 5 व्यक्ति।
- कार्यकाल: पदभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष (अधिकतम 2 कार्यकाल)।
- दर्जा: अध्यक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा, उपाध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा, और सदस्यों को भारत सरकार के सचिव का दर्जा प्राप्त होता है।
प्रश्न 3. भीमा नायक का संबंध किस रियासत से था ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) बड़वानी
विस्तृत व्याख्या :
1857 की क्रांति के अमर आदिवासी महानायक भीमा नायक (Bheema Nayak) का संबंध तत्कालीन ‘बड़वानी रियासत’ से था। उनका जन्म बड़वानी जिले के पंचमोहली गाँव में हुआ था। उन्होंने निमाड़ अंचल में सतपुड़ा की पहाड़ियों से लेकर खानदेश (महाराष्ट्र) तक अंग्रेजों के विरुद्ध भीलों की एक विशाल सेना का नेतृत्व किया। उन्हें ‘निमाड़ का रॉबिनहुड’ कहा जाता है। अंततः अंग्रेजों ने उन्हें पकड़कर पोर्ट ब्लेयर (अंडमान निकोबार) भेज दिया जहाँ 29 दिसंबर 1876 को वे शहीद हो गए।
1857 की क्रांति के अमर आदिवासी महानायक भीमा नायक (Bheema Nayak) का संबंध तत्कालीन ‘बड़वानी रियासत’ से था। उनका जन्म बड़वानी जिले के पंचमोहली गाँव में हुआ था। उन्होंने निमाड़ अंचल में सतपुड़ा की पहाड़ियों से लेकर खानदेश (महाराष्ट्र) तक अंग्रेजों के विरुद्ध भीलों की एक विशाल सेना का नेतृत्व किया। उन्हें ‘निमाड़ का रॉबिनहुड’ कहा जाता है। अंततः अंग्रेजों ने उन्हें पकड़कर पोर्ट ब्लेयर (अंडमान निकोबार) भेज दिया जहाँ 29 दिसंबर 1876 को वे शहीद हो गए।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- रियासत: बड़वानी रियासत (निमाड़)।
- उपनाम: ‘निमाड़ का रॉबिनहुड’।
- प्रमुख लड़ाई: अम्बापानी का युद्ध (1858)।
- शहादत: पोर्ट ब्लेयर (कालापानी) जेल में 1876।
प्रश्न 4. जनजाति नेता सीताराम कंवर और रघुनाथ सिंह मंडलोई भिलाला अंग्रेज़ विरोधी क्रांति में कब शामिल हुए थे ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) 1857 ई.
विस्तृत व्याख्या :
सीताराम कंवर और रघुनाथ सिंह मंडलोई भिलाला ने ‘1857 ई. के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ में अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाए थे। इन्होंने निमाड़ और बड़वानी क्षेत्र में तात्या टोपे और भीमा नायक के साथ समन्वय बनाकर नर्मदा पार ब्रिटिश चौकियों और खजानों पर हमले किए तथा अंग्रेजी सेना को कड़ी टक्कर दी।
सीताराम कंवर और रघुनाथ सिंह मंडलोई भिलाला ने ‘1857 ई. के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ में अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाए थे। इन्होंने निमाड़ और बड़वानी क्षेत्र में तात्या टोपे और भीमा नायक के साथ समन्वय बनाकर नर्मदा पार ब्रिटिश चौकियों और खजानों पर हमले किए तथा अंग्रेजी सेना को कड़ी टक्कर दी।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- विद्रोह का वर्ष: 1857 की क्रांति।
- क्षेत्र: निमाड़ (नर्मदा घाटी)।
- सीताराम कंवर: अक्टूबर 1858 में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रश्न 5. दीवार पर मिट्टी से बनाई जाने वाली ‘नोहडोरा’ अलंकरण किस जनजाति की विशेषता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) गौंड
विस्तृत व्याख्या :
‘नोहडोरा’ (Nohdora) मध्य प्रदेश की ‘गोंड’ जनजाति की महिलाओं द्वारा अपने घरों की कच्ची दीवारों पर पीली मिट्टी (चूही) और गोबर के लेप से बनाई जाने वाली एक अत्यंत सुंदर उभरी हुई भित्ति-शिल्प अलंकरण कला (Clay Wall Relief Mural Art) है। इसमें पेड़-पौधे, पक्षी (मोर), पशु और ज्यामितीय आकृतियाँ उकेरी जाती हैं।
‘नोहडोरा’ (Nohdora) मध्य प्रदेश की ‘गोंड’ जनजाति की महिलाओं द्वारा अपने घरों की कच्ची दीवारों पर पीली मिट्टी (चूही) और गोबर के लेप से बनाई जाने वाली एक अत्यंत सुंदर उभरी हुई भित्ति-शिल्प अलंकरण कला (Clay Wall Relief Mural Art) है। इसमें पेड़-पौधे, पक्षी (मोर), पशु और ज्यामितीय आकृतियाँ उकेरी जाती हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- नोहडोरा कला: गोंड जनजाति (विशेषकर मंडला, डिंडोरी)।
- पिथौरा भित्तिचित्र: भील और भिलाला जनजाति (पेमा फत्या, भूरी बाई)।
- मांडना: मालवा और निमाड़ का पारंपरिक लोक भित्ति/भूमि अलंकरण।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 3 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 3प्रश्न 1. निम्नलिखित में से किस जनजाति को आदर के साथ “खुटिया पटेल” के रूप में संबोधित किया जाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) सहरिया
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग (श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना) में निवास करने वाली ‘सहरिया जनजाति’ (Sahariya Tribe) की पंचायत के मुखिया को अत्यंत सम्मान और आदर के साथ ‘खुटिया पटेल’ (Khutia Patel) कहा जाता है। खुटिया पटेल का निर्णय पूरे सहरिया समाज में सर्वमान्य होता है।
मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग (श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना) में निवास करने वाली ‘सहरिया जनजाति’ (Sahariya Tribe) की पंचायत के मुखिया को अत्यंत सम्मान और आदर के साथ ‘खुटिया पटेल’ (Khutia Patel) कहा जाता है। खुटिया पटेल का निर्णय पूरे सहरिया समाज में सर्वमान्य होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- खुटिया पटेल: सहरिया जनजाति की पंचायत का मुखिया।
- सहराना: सहरिया जनजाति के मोहल्ले/बस्ती को ‘सहराना’ कहा जाता है।
- सहरिया नृत्य: लहंगी (Lahangi), दुलदुल घोड़ी, रागिनी।
- सहरिया संग्रहालय: श्योपुर में स्थित है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्रसिद्ध ढोकरा कला के लिए सही नहीं है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) यह विवाह समारोह से जुड़ी एक सजावटी कपड़ा कला है।
विस्तृत व्याख्या :
कथन (C) गलत है क्योंकि ढोकरा कला कोई कपड़ा कला नहीं है; यह एक प्राचीन ‘धातु शिल्प कला’ (Metal Casting Art) है। ढोकरा शिल्प मोम-लोप तकनीक (Lost-Wax Casting Process) पर आधारित अलौह धातु (पीतल, कांसा, तांबा) ढलाई कला है। मध्य प्रदेश में बैतूल जिले का ‘भरेवा’ (Bharewa) आदिवासी समुदाय पारंपरिक रूप से मूर्तियां, घंटियां और कलाकृतियां बनाने के लिए ढोकरा कला में निपुण है।
कथन (C) गलत है क्योंकि ढोकरा कला कोई कपड़ा कला नहीं है; यह एक प्राचीन ‘धातु शिल्प कला’ (Metal Casting Art) है। ढोकरा शिल्प मोम-लोप तकनीक (Lost-Wax Casting Process) पर आधारित अलौह धातु (पीतल, कांसा, तांबा) ढलाई कला है। मध्य प्रदेश में बैतूल जिले का ‘भरेवा’ (Bharewa) आदिवासी समुदाय पारंपरिक रूप से मूर्तियां, घंटियां और कलाकृतियां बनाने के लिए ढोकरा कला में निपुण है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ढोकरा कला: लॉस्ट-वैक्स (मोम-लोप) धातु ढलाई तकनीक (हड़प्पा की नर्तकी इसी तकनीक से बनी थी)।
- संबंधित समुदाय: बैतूल का ‘भरेवा’ समुदाय (म.प्र.) और टीकमगढ़ का पीतल शिल्प।
- उत्पाद: देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीये, नंदी, पशु-पक्षी।
प्रश्न 3. आनंद सिंह श्याम एवं धनइया बाई कलाकारों का संबंध निम्नलिखित में से किस कला से है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) गोण्ड चित्रकला
विस्तृत व्याख्या :
आनंद सिंह श्याम (Anand Singh Shyam) और उनकी पत्नी धनइया बाई (Dhanaiya Bai) मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध ‘गोंड चित्रकला’ (Gond Painting / डिंडोरी की पाटनगढ़ शैली) के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार हैं। इन्होंने महान गोंड चित्रकार जनगण सिंह श्याम की परंपरा को आगे बढ़ाया है और इनकी कलाकृतियां देश-विदेश की प्रमुख दीर्घाओं में प्रदर्शित हो चुकी हैं।
आनंद सिंह श्याम (Anand Singh Shyam) और उनकी पत्नी धनइया बाई (Dhanaiya Bai) मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध ‘गोंड चित्रकला’ (Gond Painting / डिंडोरी की पाटनगढ़ शैली) के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार हैं। इन्होंने महान गोंड चित्रकार जनगण सिंह श्याम की परंपरा को आगे बढ़ाया है और इनकी कलाकृतियां देश-विदेश की प्रमुख दीर्घाओं में प्रदर्शित हो चुकी हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- गोंड चित्रकला (जनगण कलाम): डिंडोरी जिले का ‘पाटनगढ़’ गाँव गोंड चित्रकारों का गाँव कहलाता है।
- प्रमुख गोंड कलाकार: जनगण सिंह श्याम, भज्जू श्याम, दुर्गा बाई व्याम, आनंद सिंह श्याम, धनइया बाई।
- पिथौरा चित्रकला कलाकार: पेमा फत्या, भूरी बाई (झाबुआ – भील)।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2021 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 4 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 4प्रश्न 1. विमुक्त जाति दिवस मध्यप्रदेश में किस दिनांक को मनाया जाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) 31 अगस्त
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष ’31 अगस्त’ को ‘विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ जाति दिवस’ (Vimukt Jati Diwas) के रूप में मनाया जाता है। 31 अगस्त 1952 को भारत सरकार ने ब्रिटिश काल के काले कानून ‘आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871’ (Criminal Tribes Act) को निरस्त कर इन जातियों को जन्मजात अपराधी के कलंक से विमुक्त (आजाद) किया था।
मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष ’31 अगस्त’ को ‘विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ जाति दिवस’ (Vimukt Jati Diwas) के रूप में मनाया जाता है। 31 अगस्त 1952 को भारत सरकार ने ब्रिटिश काल के काले कानून ‘आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871’ (Criminal Tribes Act) को निरस्त कर इन जातियों को जन्मजात अपराधी के कलंक से विमुक्त (आजाद) किया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- तिथि: 31 अगस्त (विमुक्त जाति दिवस)।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 31 अगस्त 1952 को क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट निरस्त हुआ।
- मध्य प्रदेश विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जनजाति विभाग: 2011 में स्वतंत्र विभाग बना।
प्रश्न 2. श्रीमती दुर्गा बाई व्याम किस जनजातीय कला से संबंधित हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) गौंड शैली
विस्तृत व्याख्या :
पद्मश्री श्रीमती दुर्गा बाई व्याम (Durga Bai Vyam) मध्य प्रदेश की विख्यात ‘गोंड चित्रकला शैली’ (Gond Painting Style) की प्रमुख कलाकार हैं। उनका जन्म डिंडोरी जिले के पाटनगढ़ गाँव में हुआ था। उन्हें भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में कला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ (Padma Shri) पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पद्मश्री श्रीमती दुर्गा बाई व्याम (Durga Bai Vyam) मध्य प्रदेश की विख्यात ‘गोंड चित्रकला शैली’ (Gond Painting Style) की प्रमुख कलाकार हैं। उनका जन्म डिंडोरी जिले के पाटनगढ़ गाँव में हुआ था। उन्हें भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में कला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ (Padma Shri) पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- कला शैली: गोंड चित्रकला (डिग्ना और भित्तिचित्र शैली)।
- पद्मश्री सम्मान: वर्ष 2022 में।
- पुस्तक: ‘भीमायना’ (Bhimayana – डॉ. अम्बेडकर के जीवन पर सचित्र ग्राफिक बायोग्राफी)।
प्रश्न 3. इन्दिरा गांधी ट्राईबल विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश के किस शहर में स्थित है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) अमरकंटक
विस्तृत व्याख्या :
‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय’ (IGNTU – Indira Gandhi National Tribal University) मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पवित्र नगर ‘अमरकंटक’ में स्थित है। यह संसद के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2007 द्वारा स्थापित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति, भाषा और उच्च शिक्षा का प्रसार करना है।
‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय’ (IGNTU – Indira Gandhi National Tribal University) मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पवित्र नगर ‘अमरकंटक’ में स्थित है। यह संसद के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2007 द्वारा स्थापित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति, भाषा और उच्च शिक्षा का प्रसार करना है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अवस्थिति: अमरकंटक (अनूपपुर जिला, मध्य प्रदेश)।
- प्रकार: केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University – 2007 में स्थापित)।
- उद्देश्य: भारत की जनजातीय आबादी हेतु उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से किस जिले में बैगा विकास अभिकरण नहीं है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) रायसेन
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश में बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के समग्र विकास हेतु मंडला, डिंडोरी, बालाघाट और शहडोल जिलों में ‘बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति विकास अभिकरण’ स्थापित हैं। ‘रायसेन’ जिले में बैगा विकास अभिकरण नहीं है, क्योंकि रायसेन में बैगा जनजाति की आबादी नगण्य है।
मध्य प्रदेश में बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के समग्र विकास हेतु मंडला, डिंडोरी, बालाघाट और शहडोल जिलों में ‘बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति विकास अभिकरण’ स्थापित हैं। ‘रायसेन’ जिले में बैगा विकास अभिकरण नहीं है, क्योंकि रायसेन में बैगा जनजाति की आबादी नगण्य है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- बैगा विकास अभिकरण जिले: मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर।
- भारिया विकास अभिकरण: छिंदवाड़ा (तामिया/पातालकोट)।
- सहरिया विकास अभिकरण: श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, विदिशा।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2020 : मध्य प्रदेश की जनजातियाँ कुल 5 प्रश्न
विषय 10: Tribes of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 5प्रश्न 1. मध्य प्रदेश में सर्वाधिक पाई जाने वाली जनजाति कौन-सी है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) भील
विस्तृत व्याख्या :
2011 की जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ी और सर्वाधिक पाई जाने वाली जनजाति ‘भील’ (Bhil) है। मध्य प्रदेश की कुल जनजातीय जनसंख्या (लगभग 1.53 करोड़) में भील जनजाति का हिस्सा लगभग 39% (करीब 59.9 लाख) है। गोंड जनजाति (लगभग 35%) दूसरे स्थान पर तथा कोल जनजाति तीसरे स्थान पर आती है।
2011 की जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ी और सर्वाधिक पाई जाने वाली जनजाति ‘भील’ (Bhil) है। मध्य प्रदेश की कुल जनजातीय जनसंख्या (लगभग 1.53 करोड़) में भील जनजाति का हिस्सा लगभग 39% (करीब 59.9 लाख) है। गोंड जनजाति (लगभग 35%) दूसरे स्थान पर तथा कोल जनजाति तीसरे स्थान पर आती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्रथम सबसे बड़ी जनजाति: भील (मध्य प्रदेश में ~39%)।
- दूसरी सबसे बड़ी जनजाति: गोंड (~35%)।
- तीसरी सबसे बड़ी जनजाति: कोल।
- मध्य प्रदेश में ST जनसंख्या: कुल जनसंख्या का 21.1% (देश में सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या वाला राज्य)।
प्रश्न 2. पद्मश्री भूरी बाई किस लिए प्रसिद्ध हैं ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) चित्रकारी
विस्तृत व्याख्या :
श्रीमती भूरी बाई (Bhuri Bai) मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पिटोल गाँव की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भील आदिवासी ‘चित्रकार’ (Painter) हैं। वे भील जनजाति की पारंपरिक ‘पिथौरा चित्रकला’ (Pithora Painting) को मिट्टी की दीवारों से कैनवास और कागज पर लाने वाली पहली भील महिला कलाकार हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2021 में कला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया।
श्रीमती भूरी बाई (Bhuri Bai) मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पिटोल गाँव की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भील आदिवासी ‘चित्रकार’ (Painter) हैं। वे भील जनजाति की पारंपरिक ‘पिथौरा चित्रकला’ (Pithora Painting) को मिट्टी की दीवारों से कैनवास और कागज पर लाने वाली पहली भील महिला कलाकार हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2021 में कला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- विधा: भीली पिथौरा चित्रकला (चित्रकारी)।
- जन्म स्थान: पिटोल गाँव (झाबुआ)।
- पद्मश्री पुरस्कार: वर्ष 2021।
- भारत भवन (भोपाल): भारत भवन के निर्माण के दौरान जे. स्वामीनाथन ने इनकी प्रतिभा को पहचाना था।
प्रश्न 3. टंट्या भील का वास्तविक नाम क्या था ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) टांटिया
विस्तृत व्याख्या :
महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी टंट्या भील का वास्तविक और मूल पारिवारिक नाम ‘टांटिया’ (Tantia / Tundra / Taantiya) था। अंग्रेजी दस्तावेजों और अदालत के रिकॉर्ड में उनका नाम ‘टांटिया’ (Tantia) दर्ज है। MPPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी में विकल्प (A) ‘टांटिया’ (तथा कुछ संदर्भों में टण्ड्रा) को सही उत्तर माना गया था।
महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी टंट्या भील का वास्तविक और मूल पारिवारिक नाम ‘टांटिया’ (Tantia / Tundra / Taantiya) था। अंग्रेजी दस्तावेजों और अदालत के रिकॉर्ड में उनका नाम ‘टांटिया’ (Tantia) दर्ज है। MPPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी में विकल्प (A) ‘टांटिया’ (तथा कुछ संदर्भों में टण्ड्रा) को सही उत्तर माना गया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- वास्तविक नाम: टांटिया (Tantia / Taantiya)।
- पिता का नाम: भाऊसिंह भील।
- उपनाम: इंडियन रॉबिनहुड, टंट्या मामा।
प्रश्न 4. मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय किस शहर में अवस्थित है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) भोपाल
विस्तृत व्याख्या :
‘मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय’ (Madhya Pradesh Tribal Museum) राजधानी ‘भोपाल’ में श्यामला हिल्स पर स्थित है। इसका उद्घाटन 6 जून 2013 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था। यह संग्रहालय मध्य प्रदेश की 7 प्रमुख जनजातियों (गोंड, भील, बैगा, कोरकू, भारिया, सहरिया और कोल) की समृद्ध जीवनशैली, घरों, कला, आस्था और लोक संस्कृति को सजीव रूप में प्रदर्शित करता है।
‘मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय’ (Madhya Pradesh Tribal Museum) राजधानी ‘भोपाल’ में श्यामला हिल्स पर स्थित है। इसका उद्घाटन 6 जून 2013 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था। यह संग्रहालय मध्य प्रदेश की 7 प्रमुख जनजातियों (गोंड, भील, बैगा, कोरकू, भारिया, सहरिया और कोल) की समृद्ध जीवनशैली, घरों, कला, आस्था और लोक संस्कृति को सजीव रूप में प्रदर्शित करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय: भोपाल (श्यामला हिल्स – 2013)।
- श्री बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय: छिंदवाड़ा (स्थापना 1954 – मध्य प्रदेश का सबसे पुराना जनजातीय संग्रहालय)।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS): भोपाल में स्थित देश का सबसे बड़ा नृविज्ञान संग्रहालय।
प्रश्न 5. आकांक्षा योजना संबंधित है :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (A) अनुसूचित जनजातीय छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं हेतु कोचिंग देने से
विस्तृत व्याख्या :
मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग की ‘आकांक्षा योजना’ (Akanksha Yojana) अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं जैसे जेईई (JEE Mains/Advanced), नीट/एम्स (NEET/AIIMS) और क्लैट (CLAT) की तैयारी हेतु प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना है।
मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग की ‘आकांक्षा योजना’ (Akanksha Yojana) अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं जैसे जेईई (JEE Mains/Advanced), नीट/एम्स (NEET/AIIMS) और क्लैट (CLAT) की तैयारी हेतु प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- उद्देश्य: ST छात्रों को मेडिकल (NEET), इंजीनियरिंग (JEE) और क्लैट (CLAT) की निःशुल्क कोचिंग।
- कोचिंग केंद्र: भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर।
- विभाग: जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन।