MPPSC प्रारंभिक परीक्षा : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य (Science, Environment & Health)
विगत 6 वर्षों (2020 से 2025) के प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 में पूछे गए सामान्य विज्ञान, मानव शरीर संरचना, स्वास्थ्य नीतियां, पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के सभी 55 प्रश्नों का प्रामाणिक उत्तर कुंजी, 4 विकल्पों और विस्तृत व्याख्या सहित संकलन।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 10 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 10प्रश्न 1. राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केन्द्र (NCESS) किस राज्य में स्थित है ?
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सही उत्तर : (B) केरल
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केन्द्र (NCESS – National Centre for Earth Science Studies) केरल राज्य की राजधानी ‘तिरुवनंतपुरम’ में स्थित है। यह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) के अधीन एक प्रमुख स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान है, जो भू-विज्ञान, तटीय प्रक्रियाओं, वायुमंडलीय विज्ञान और प्राकृतिक आपदाओं के अध्ययन हेतु समर्पित है।
राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केन्द्र (NCESS – National Centre for Earth Science Studies) केरल राज्य की राजधानी ‘तिरुवनंतपुरम’ में स्थित है। यह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) के अधीन एक प्रमुख स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान है, जो भू-विज्ञान, तटीय प्रक्रियाओं, वायुमंडलीय विज्ञान और प्राकृतिक आपदाओं के अध्ययन हेतु समर्पित है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मुख्यालय: तिरुवनंतपुरम (केरल)।
- मंत्रालय: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES), भारत सरकार।
- स्थापना: वर्ष 1978 में सी. करुणाकरण द्वारा स्थापित।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है ?
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सही उत्तर : (C) स्टेपिडियस
विस्तृत व्याख्या :
मानव शरीर की सबसे छोटी मांसपेशी ‘स्टेपिडियस’ (Stapedius Muscle) है। यह मध्य कर्ण (Middle Ear) में स्थित होती है और मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी ‘स्टेप्स’ (Stapes) से जुड़ी होती है। इसकी लंबाई मात्र लगभग 1 से 1.5 मिलीमीटर होती है और यह अत्यधिक तीव्र ध्वनियों से आंतरिक कान की रक्षा करती है।
मानव शरीर की सबसे छोटी मांसपेशी ‘स्टेपिडियस’ (Stapedius Muscle) है। यह मध्य कर्ण (Middle Ear) में स्थित होती है और मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी ‘स्टेप्स’ (Stapes) से जुड़ी होती है। इसकी लंबाई मात्र लगभग 1 से 1.5 मिलीमीटर होती है और यह अत्यधिक तीव्र ध्वनियों से आंतरिक कान की रक्षा करती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- सबसे छोटी मांसपेशी: स्टेपिडियस (मध्य कान – ~1 मिमी)।
- सबसे छोटी हड्डी: स्टेप्स (मध्य कान)।
- सबसे लंबी मांसपेशी: सर्टोरियस (जांघ में – टेलर मसल)।
- सबसे बड़ी/भारी मांसपेशी: ग्लूटियस मैक्सिमस (नितंब की मांसपेशी)।
प्रश्न 3. राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कब मनाया जाता है ?
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सही उत्तर : (C) 23 अगस्त
विस्तृत व्याख्या :
भारत सरकार ने चंद्रयान-3 के लैंडर ‘विक्रम’ की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक एवं सफल सॉफ्ट लैंडिंग की स्मृति में प्रतिवर्ष ’23 अगस्त’ को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ (National Space Day) के रूप में घोषित किया है। 23 अगस्त 2023 को भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला विश्व का पहला देश बना था।
भारत सरकार ने चंद्रयान-3 के लैंडर ‘विक्रम’ की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक एवं सफल सॉफ्ट लैंडिंग की स्मृति में प्रतिवर्ष ’23 अगस्त’ को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ (National Space Day) के रूप में घोषित किया है। 23 अगस्त 2023 को भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला विश्व का पहला देश बना था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस: 23 अगस्त 2024 को प्रथम बार मनाया गया (थीम: ‘चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा’)।
- शिव शक्ति बिंदु (Shiv Shakti Point): चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का आधिकारिक नाम।
- तिरंगा बिंदु (Tiranga Point): चंद्रयान-2 के पदचिह्न स्थल का नाम।
प्रश्न 4. भारत सरकार ने पर्यावरण की गुणवत्ता की रक्षा और सुधार के लिए पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम कब पारित किया ?
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सही उत्तर : (B) 1986
विस्तृत व्याख्या :
भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत ‘पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986’ (Environment Protection Act – EPA, 1986) पारित किया था। यह अधिनियम 23 मई 1986 को राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित हुआ और 19 नवंबर 1986 से लागू हुआ। यह कानून मुख्य रूप से 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि और 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के निर्णयों को लागू करने के लिए लाया गया था। इसे ‘छाता विधान’ (Umbrella Legislation) भी कहा जाता है।
भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत ‘पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986’ (Environment Protection Act – EPA, 1986) पारित किया था। यह अधिनियम 23 मई 1986 को राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित हुआ और 19 नवंबर 1986 से लागू हुआ। यह कानून मुख्य रूप से 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि और 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के निर्णयों को लागू करने के लिए लाया गया था। इसे ‘छाता विधान’ (Umbrella Legislation) भी कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- छाता विधान (Umbrella Act): पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 को कहा जाता है क्योंकि यह अन्य सभी पर्यावरण कानूनों का समन्वय करता है।
- जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम: 1974।
- वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम: 1981।
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम: 1972।
प्रश्न 5. समुदायों का वह संपूर्ण क्रम जो किसी दिए गए क्षेत्र में क्रमिक रूप से बदलता है, कहलाता है :
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सही उत्तर : (B) क्रमक
विस्तृत व्याख्या :
पारिस्थितिकी में, किसी दिए गए क्षेत्र में एक के बाद एक क्रमिक रूप से परिवर्तित होने वाले जैविक समुदायों के संपूर्ण क्रम को ‘क्रमक’ (Sere / सेरे) कहा जाता है। संक्रमणकालीन समुदायों को ‘क्रमकी अवस्थाएं’ (Seral Stages) कहते हैं। यद्यपि पूरी प्रक्रिया को पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) कहते हैं, परंतु समुदायों के संपूर्ण भौतिक क्रम को तकनीकी रूप से ‘क्रमक’ (Sere) कहा जाता है।
पारिस्थितिकी में, किसी दिए गए क्षेत्र में एक के बाद एक क्रमिक रूप से परिवर्तित होने वाले जैविक समुदायों के संपूर्ण क्रम को ‘क्रमक’ (Sere / सेरे) कहा जाता है। संक्रमणकालीन समुदायों को ‘क्रमकी अवस्थाएं’ (Seral Stages) कहते हैं। यद्यपि पूरी प्रक्रिया को पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) कहते हैं, परंतु समुदायों के संपूर्ण भौतिक क्रम को तकनीकी रूप से ‘क्रमक’ (Sere) कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मूल अन्वेषक समुदाय (Pioneer Community): किसी नग्न क्षेत्र में सबसे पहले बसने वाला जैविक समुदाय (उदा. लाइकेन, मॉस)।
- चरम समुदाय (Climax Community): अंतिम, स्थिर और पर्यावरण के साथ संतुलित समुदाय (उदा. वन)।
- क्रमक (Sere): पायनियर से क्लाइमेक्स तक के मध्यवर्ती समुदायों की पूरी शृंखला।
प्रश्न 6. भारतीय पेट्रोलियम संस्थान कहाँ स्थित है ?
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सही उत्तर : (D) देहरादून
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (CSIR – Indian Institute of Petroleum – IIP) उत्तराखंड की राजधानी ‘देहरादून’ में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1960 में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की एक प्रमुख घटक प्रयोगशाला के रूप में की गई थी। यह पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, पेट्रोकेमिकल्स और जैव ईंधन के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान करता है।
भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (CSIR – Indian Institute of Petroleum – IIP) उत्तराखंड की राजधानी ‘देहरादून’ में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1960 में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की एक प्रमुख घटक प्रयोगशाला के रूप में की गई थी। यह पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, पेट्रोकेमिकल्स और जैव ईंधन के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मुख्यालय: देहरादून (उत्तराखंड)।
- स्थापना: 1960 (CSIR का अंग)।
- उपलब्धि: भारत में विमानन जैव-ईंधन (Bio-jet Fuel) की पहली सफल तकनीक CSIR-IIP देहरादून ने ही विकसित की थी।
प्रश्न 7. राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में किस आयु वर्ग के बच्चे/किशोर सम्मिलित हैं ?
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सही उत्तर : (D) 10 से 19 वर्ष
विस्तृत व्याख्या :
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी 2014 में शुरू किए गए ‘राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (Rashtriya Kishor Swasthya Karyakram – RKSK) में ’10 से 19 वर्ष’ की आयु वर्ग के किशोरों (Adolescents) को लक्षित किया गया है। इसमें पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (SRH), मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं हिंसा, तथा गैर-संचारी रोगों से बचाव के 6 रणनीतिक प्राथमिकता क्षेत्र शामिल हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी 2014 में शुरू किए गए ‘राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (Rashtriya Kishor Swasthya Karyakram – RKSK) में ’10 से 19 वर्ष’ की आयु वर्ग के किशोरों (Adolescents) को लक्षित किया गया है। इसमें पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (SRH), मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं हिंसा, तथा गैर-संचारी रोगों से बचाव के 6 रणनीतिक प्राथमिकता क्षेत्र शामिल हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- आयु वर्ग: 10 से 19 वर्ष (लड़के और लड़कियां दोनों, विवाहित व अविवाहित)।
- शुभारंभ: 7 जनवरी 2014।
- रणनीति: ‘साथिया’ (Peer Educators) के माध्यम से समुदाय स्तर पर सहपाठी परामर्श।
प्रश्न 8. विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित ‘द बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी (अमेंडमेंट) एक्ट’ [जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम], 2023 किस दिनांक को प्रकाशित किया गया था ?
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सही उत्तर : (C) 03 अगस्त
विस्तृत व्याख्या :
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वीकृति मिलने पर विधि एवं न्याय मंत्रालय ने ‘जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023′ को भारत के असाधारण राजपत्र (The Gazette of India) में ’03 अगस्त 2023’ को अधिसूचित एवं प्रकाशित किया था।
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वीकृति मिलने पर विधि एवं न्याय मंत्रालय ने ‘जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023′ को भारत के असाधारण राजपत्र (The Gazette of India) में ’03 अगस्त 2023’ को अधिसूचित एवं प्रकाशित किया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- राजपत्र में प्रकाशन तिथि: 03 अगस्त 2023।
- मूल अधिनियम: जैविक विविधता अधिनियम, 2002।
- प्रमुख संशोधन: पारंपरिक आयुष चिकित्सकों को राज्य जैव विविधता बोर्ड को पूर्व सूचना देने से छूट, अनुसंधान एवं पेटेंट प्रक्रिया का सरलीकरण।
प्रश्न 9. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स एकेडमी (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल अकादमी) की स्थापना किस शहर में की गई थी ?
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सही उत्तर : (A) नागपुर
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल अकादमी (National Disaster Response Force Academy – NDRF Academy) की स्थापना महाराष्ट्र के ‘नागपुर’ शहर में की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2021 में नागपुर में स्थित राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा कॉलेज (NCDC) का उन्नयन कर इसे एनडीआरएफ अकादमी के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल अकादमी (National Disaster Response Force Academy – NDRF Academy) की स्थापना महाराष्ट्र के ‘नागपुर’ शहर में की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2021 में नागपुर में स्थित राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा कॉलेज (NCDC) का उन्नयन कर इसे एनडीआरएफ अकादमी के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- स्थान: नागपुर (महाराष्ट्र)।
- मंत्रालय: गृह मंत्रालय, भारत सरकार।
- कार्य: आपदा मोचन, राहत एवं बचाव कार्यों हेतु आपदा प्रबंधन कर्मियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देना।
प्रश्न 10. “राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन” ने किस वर्ष तक सिकल सेल एनीमिया को भारत से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ?
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सही उत्तर : (D) 2047
विस्तृत व्याख्या :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2023 को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047’ (National Sickle Cell Anaemia Elimination Mission) का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस मिशन का लक्ष्य भारत की आजादी के शताब्दी वर्ष ‘2047’ तक देश (विशेषकर जनजातीय बहुल क्षेत्रों) से सिकल सेल रोग को पूरी तरह समाप्त करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2023 को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047’ (National Sickle Cell Anaemia Elimination Mission) का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस मिशन का लक्ष्य भारत की आजादी के शताब्दी वर्ष ‘2047’ तक देश (विशेषकर जनजातीय बहुल क्षेत्रों) से सिकल सेल रोग को पूरी तरह समाप्त करना है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मिशन शुभारंभ: 1 जुलाई 2023 (शहडोल, मध्य प्रदेश)।
- लक्ष्य वर्ष: 2047।
- सिकल सेल एनीमिया: एक आनुवंशिक रक्त विकार जिसमें लाल रक्त कणिकाएं (RBCs) गोल की जगह हँसिया (Sickle) के आकार की हो जाती हैं।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 9 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 9प्रश्न 1. मनुष्यों में गुणसूत्र संख्या 21 की ट्राइसोमी के कारण होने वाला विकार है :
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सही उत्तर : (B) डाउन सिन्ड्रोम
विस्तृत व्याख्या :
मनुष्यों में 21वें जोड़े गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रतिलिपि आ जाने (ट्राइसोमी – Trisomy 21) के कारण ‘डाउन सिन्ड्रोम’ (Down Syndrome / मंगोलिज्म) नामक आनुवंशिक विकार होता है। इसमें व्यक्ति में कुल 47 गुणसूत्र (46 के स्थान पर) हो जाते हैं। इसका सर्वप्रथम वर्णन 1866 में जॉन लैंगडन डाउन ने किया था।
मनुष्यों में 21वें जोड़े गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रतिलिपि आ जाने (ट्राइसोमी – Trisomy 21) के कारण ‘डाउन सिन्ड्रोम’ (Down Syndrome / मंगोलिज्म) नामक आनुवंशिक विकार होता है। इसमें व्यक्ति में कुल 47 गुणसूत्र (46 के स्थान पर) हो जाते हैं। इसका सर्वप्रथम वर्णन 1866 में जॉन लैंगडन डाउन ने किया था।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- डाउन सिंड्रोम: 21वीं जोड़ी में ट्राइसोमी (कुल 47 क्रोमोसोम)। लक्षण: छोटा कद, मंगोलियाई चेहरा, मानसिक मंदता।
- टर्नर सिंड्रोम: 45 (XO) – केवल महिलाओं में एक X गुणसूत्र की कमी।
- क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम: 47 (XXY) – पुरुषों में एक अतिरिक्त X गुणसूत्र।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 ने स्वास्थ्य में सुधार के लिए सात प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर समन्वित कार्यवाही की पहचान की है। दिए गए विकल्पों में से कौन-सा सात प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के अन्तर्गत नहीं है ?
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सही उत्तर : (D) अन्नपूर्णा योजना
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 (NHP 2017) के अंतर्गत गैर-चिकित्सीय स्वास्थ्य निर्धारकों पर अंतर-क्षेत्रीय कार्रवाई हेतु 7 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (Seven Priority Areas) की पहचान की गई थी: 1. स्वच्छ भारत अभियान, 2. संतुलित भोजन एवं पोषण (संतुलित आहार), 3. यात्री सुरक्षा (सड़क व रेल), 4. निर्भया नारी (महिलाओं के प्रति हिंसा निवारण), 5. व्यावसायिक स्वास्थ्य, 6. नशा मुक्ति/तंबाकू नियंत्रण, 7. प्रदूषण नियंत्रण। इसमें ‘अन्नपूर्णा योजना’ इन 7 प्राथमिकताओं में पृथक रूप से शामिल नहीं है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 (NHP 2017) के अंतर्गत गैर-चिकित्सीय स्वास्थ्य निर्धारकों पर अंतर-क्षेत्रीय कार्रवाई हेतु 7 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (Seven Priority Areas) की पहचान की गई थी: 1. स्वच्छ भारत अभियान, 2. संतुलित भोजन एवं पोषण (संतुलित आहार), 3. यात्री सुरक्षा (सड़क व रेल), 4. निर्भया नारी (महिलाओं के प्रति हिंसा निवारण), 5. व्यावसायिक स्वास्थ्य, 6. नशा मुक्ति/तंबाकू नियंत्रण, 7. प्रदूषण नियंत्रण। इसमें ‘अन्नपूर्णा योजना’ इन 7 प्राथमिकताओं में पृथक रूप से शामिल नहीं है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- NHP 2017 लक्ष्य: स्वास्थ्य व्यय को GDP के 2.5% तक बढ़ाना।
- जीवन प्रत्याशा लक्ष्य: जीवन प्रत्याशा को 67.5 से बढ़ाकर 70 वर्ष (2025 तक) करना।
प्रश्न 3. किस दाल का लगातार सेवन करने से लेथाइरिज्म नामक रोग हो जाता है ?
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सही उत्तर : (A) खेसारी दाल
विस्तृत व्याख्या :
खेसारी दाल (वानस्पतिक नाम: लैथाइरस सैटाइवस – Lathyrus sativus) का लगातार और अत्यधिक सेवन करने से ‘लैथाइरिज्म’ (Lathyrism) नामक एक गंभीर तंत्रिका-तंत्र विकार (Neurodegenerative Disease) हो जाता है। इसमें पैरों में पक्षाघात (लकवा) और निचला अंग कमजोर हो जाता है। यह दाल में मौजूद विषैले अमीनो एसिड ‘BOAA’ (बीटा-ऑक्सालाइल-अमीनो-एलेनिन) के कारण होता है।
खेसारी दाल (वानस्पतिक नाम: लैथाइरस सैटाइवस – Lathyrus sativus) का लगातार और अत्यधिक सेवन करने से ‘लैथाइरिज्म’ (Lathyrism) नामक एक गंभीर तंत्रिका-तंत्र विकार (Neurodegenerative Disease) हो जाता है। इसमें पैरों में पक्षाघात (लकवा) और निचला अंग कमजोर हो जाता है। यह दाल में मौजूद विषैले अमीनो एसिड ‘BOAA’ (बीटा-ऑक्सालाइल-अमीनो-एलेनिन) के कारण होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- खेसारी दाल: लैथाइरस सैटाइवस।
- विषाक्त तत्व: BOAA या ODAP (एक न्यूरोटॉक्सिन)।
- प्रभाव: निचले अंगों में स्पास्टिक पैरालिसिस (लकवा)।
प्रश्न 4. वर्ष 2017 में इसरो के किस सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल के द्वारा एक ही फ्लाइट में 104 सेटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए थे ?
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सही उत्तर : (D) पीएसएलवी-सी37
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 15 फरवरी 2017 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से ‘PSLV-C37’ रॉकेट के माध्यम से एक ही मिशन में रिकॉर्ड ‘104 उपग्रह’ अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसमें भारत का कार्टोसैट-2D मुख्य उपग्रह था तथा अमेरिका, जर्मनी आदि के 103 सह-उपग्रह थे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 15 फरवरी 2017 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से ‘PSLV-C37’ रॉकेट के माध्यम से एक ही मिशन में रिकॉर्ड ‘104 उपग्रह’ अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसमें भारत का कार्टोसैट-2D मुख्य उपग्रह था तथा अमेरिका, जर्मनी आदि के 103 सह-उपग्रह थे।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लॉन्च व्हीकल: PSLV-C37 (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल)।
- तारीख: 15 फरवरी 2017।
- मुख्य उपग्रह: कार्टोसैट-2 शृंखला का रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट।
प्रश्न 5. ओजोन परत की मोटाई को ________ में मापा जाता है।
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सही उत्तर : (B) डॉबसन इकाई
विस्तृत व्याख्या :
वायुमंडल के समताप मंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन परत की सांद्रता और मोटाई को ‘डॉबसन इकाई’ (Dobson Unit – DU) में मापा जाता है। मानक ताप और दाब (STP) पर 1 डॉबसन इकाई 0.01 मिलीमीटर शुद्ध ओजोन परत की मोटाई के बराबर होती है। सामान्य वायुमंडल में ओजोन परत की मोटाई लगभग 300 DU होती है; 220 DU से कम होने पर उसे ‘ओजोन छिद्र’ कहा जाता है।
वायुमंडल के समताप मंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन परत की सांद्रता और मोटाई को ‘डॉबसन इकाई’ (Dobson Unit – DU) में मापा जाता है। मानक ताप और दाब (STP) पर 1 डॉबसन इकाई 0.01 मिलीमीटर शुद्ध ओजोन परत की मोटाई के बराबर होती है। सामान्य वायुमंडल में ओजोन परत की मोटाई लगभग 300 DU होती है; 220 DU से कम होने पर उसे ‘ओजोन छिद्र’ कहा जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मापक इकाई: डॉबसन इकाई (DU – गॉर्डन डॉबसन के नाम पर)।
- ओजोन परत अवस्थिति: समताप मंडल (Stratosphere – 15 से 35 किमी की ऊंचाई)।
- विश्व ओजोन दिवस: 16 सितंबर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1987 की स्मृति में)।
- डेसीबल (dB): ध्वनि की तीव्रता का मात्रक।
प्रश्न 6. मनुष्य शरीर में ग्रीवा कशेरुकाओं की संख्या होती है :
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सही उत्तर : (B) 7
विस्तृत व्याख्या :
मानव शरीर की रीढ़ की हड्डी (कशेरुक दंड / Vertebral Column) के गर्दन वाले हिस्से में कुल ‘7 ग्रीवा कशेरुकाएं’ (Cervical Vertebrae – C1 से C7) पाई जाती हैं। पहली ग्रीवा कशेरुका को ‘एटलस’ (Atlas) तथा दूसरी को ‘एक्सिस’ (Axis) कहा जाता है। लगभग सभी स्तनधारियों (स्तनपायियों) में ग्रीवा कशेरुकाओं की संख्या 7 ही होती है।
मानव शरीर की रीढ़ की हड्डी (कशेरुक दंड / Vertebral Column) के गर्दन वाले हिस्से में कुल ‘7 ग्रीवा कशेरुकाएं’ (Cervical Vertebrae – C1 से C7) पाई जाती हैं। पहली ग्रीवा कशेरुका को ‘एटलस’ (Atlas) तथा दूसरी को ‘एक्सिस’ (Axis) कहा जाता है। लगभग सभी स्तनधारियों (स्तनपायियों) में ग्रीवा कशेरुकाओं की संख्या 7 ही होती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ग्रीवा कशेरुकाएं (Cervical): 7 (C1-C7)।
- वक्षीय कशेरुकाएं (Thoracic): 12 (T1-T12)।
- कटि कशेरुकाएं (Lumbar): 5 (L1-L5)।
- त्रिक (Sacral): 5 (संलयित होकर 1)।
- अनुत्रिक (Coccyx): 4 (संलयित होकर 1)। कुल वयस्क में 26 कशेरुकाएं।
प्रश्न 7. मंगल ग्रह के लिए भारत का पहला अंतर-ग्रहीय मिशन किस वर्ष में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था ?
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सही उत्तर : (A) 2013
विस्तृत व्याख्या :
भारत का प्रथम अंतर-ग्रहीय अंतरिक्ष मिशन ‘मंगलयान’ (Mars Orbiter Mission – MOM) इसरो द्वारा ‘5 नवंबर 2013’ को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C25 रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। यह 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रविष्ट हुआ, जिससे भारत अपने पहले ही प्रयास में मंगल पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बना।
भारत का प्रथम अंतर-ग्रहीय अंतरिक्ष मिशन ‘मंगलयान’ (Mars Orbiter Mission – MOM) इसरो द्वारा ‘5 नवंबर 2013’ को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C25 रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। यह 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रविष्ट हुआ, जिससे भारत अपने पहले ही प्रयास में मंगल पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बना।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लॉन्च तिथि: 5 नवंबर 2013 (PSLV-C25 द्वारा)।
- मंगल कक्षा प्रविष्टि: 24 सितंबर 2014।
- उपलब्धि: एशिया का पहला और विश्व का चौथा अंतरिक्ष संगठन (NASA, सोवियत संघ, ESA के बाद)।
प्रश्न 8. भारत सरकार ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम कब पारित किया था ?
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सही उत्तर : (D) 1974
विस्तृत व्याख्या :
भारत सरकार ने जल प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और जल की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु ‘जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम’ वर्ष ‘1974’ (Water Act, 1974) में पारित किया था। इसी अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) की स्थापना की गई थी।
भारत सरकार ने जल प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और जल की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु ‘जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम’ वर्ष ‘1974’ (Water Act, 1974) में पारित किया था। इसी अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) की स्थापना की गई थी।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- जल अधिनियम: 1974।
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) गठन: सितंबर 1974।
- वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम: 1981।
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम: 1986।
प्रश्न 9. एक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के तालाब में, निम्नलिखित में से किस घटक का प्रतिनिधित्व कवकों, जीवाणुओं एवं फ्लैजेलेट्स के द्वारा किया जाता है ?
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सही उत्तर : (C) अपघटक
विस्तृत व्याख्या :
किसी तालाब (जलीय पारिस्थितिकी तंत्र) में जीवाणु (Bacteria), कवक (Fungi) और फ्लैजिलेट्स (कशाभिक सूक्ष्मजीव) ‘अपघटक’ (Decomposers / Saprotrophs) का कार्य करते हैं। ये मृत पादपों और जंतुओं के कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर सरल अकार्बनिक पोषक तत्वों में बदल देते हैं, जिससे पोषक चक्र जारी रहता है।
किसी तालाब (जलीय पारिस्थितिकी तंत्र) में जीवाणु (Bacteria), कवक (Fungi) और फ्लैजिलेट्स (कशाभिक सूक्ष्मजीव) ‘अपघटक’ (Decomposers / Saprotrophs) का कार्य करते हैं। ये मृत पादपों और जंतुओं के कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर सरल अकार्बनिक पोषक तत्वों में बदल देते हैं, जिससे पोषक चक्र जारी रहता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अपघटक (Decomposers): मृतपोषी सूक्ष्मजीव जो जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल तत्वों में विघटित करते हैं।
- उत्पादक (स्वपोषी): फाइटोप्लांकटन (पादप प्लवक), जलीय पौधे, शैवाल।
- उपभोक्ता: जूप्लांकटन (जंतु प्लवक), छोटी व बड़ी मछलियां।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 11 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 11प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा कृषि पद्धतियों का सही क्रम है ?
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सही उत्तर : (B) मिट्टी तैयार करना – बुआई – सिंचाई – कटाई
विस्तृत व्याख्या :
NCERT विज्ञान कक्षा-8 (अध्याय-1) के अनुसार कृषि पद्धतियों (Agricultural Practices) का सही वैज्ञानिक क्रम है:
1. मिट्टी तैयार करना (जुताई और समतलीकरण)
2. बुआई (उन्नत बीजों का रोपण)
3. खाद एवं उर्वरक देना तथा सिंचाई (जल देना)
4. खरपतवार से सुरक्षा
5. कटाई (फसल की कटाई)
6. भंडारण।
अतः सही क्रम (B) मिट्टी तैयार करना ➔ बुआई ➔ सिंचाई ➔ कटाई है।
NCERT विज्ञान कक्षा-8 (अध्याय-1) के अनुसार कृषि पद्धतियों (Agricultural Practices) का सही वैज्ञानिक क्रम है:
1. मिट्टी तैयार करना (जुताई और समतलीकरण)
2. बुआई (उन्नत बीजों का रोपण)
3. खाद एवं उर्वरक देना तथा सिंचाई (जल देना)
4. खरपतवार से सुरक्षा
5. कटाई (फसल की कटाई)
6. भंडारण।
अतः सही क्रम (B) मिट्टी तैयार करना ➔ बुआई ➔ सिंचाई ➔ कटाई है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्राथमिक जुताई: मिट्टी को उलट-पुलट कर पोला बनाना जिससे जड़ें गहराई तक जा सकें।
- सिंचाई की आधुनिक विधियां: ड्रिप (टपक) सिंचाई और स्प्रिंकलर (छिड़काव) तंत्र।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का विश्व स्तर पर स्वीकृत राष्ट्रीय ‘हॉटस्पॉट’ नहीं है ?
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सही उत्तर : (B) नारो हिल्स
विस्तृत व्याख्या :
कंजर्वेशन इंटरनेशनल द्वारा विश्व में पहचाने गए 36 वैश्विक जैव विविधता तप्त स्थलों (Biodiversity Hotspots) में से 4 भारत में विस्तृत हैं:
1. हिमालय (Himalaya)
2. पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका (Western Ghats)
3. इंडो-बर्मा (Indo-Burma)
4. सुंडालैंड (Sundaland – निकोबार द्वीप समूह)।
‘नारो हिल्स’ कोई स्वीकृत जैव विविधता हॉटस्पॉट नहीं है, अतः (B) सही उत्तर है।
कंजर्वेशन इंटरनेशनल द्वारा विश्व में पहचाने गए 36 वैश्विक जैव विविधता तप्त स्थलों (Biodiversity Hotspots) में से 4 भारत में विस्तृत हैं:
1. हिमालय (Himalaya)
2. पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका (Western Ghats)
3. इंडो-बर्मा (Indo-Burma)
4. सुंडालैंड (Sundaland – निकोबार द्वीप समूह)।
‘नारो हिल्स’ कोई स्वीकृत जैव विविधता हॉटस्पॉट नहीं है, अतः (B) सही उत्तर है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- हॉटस्पॉट संकल्पना के जनक: नॉर्मन मायर्स (Norman Myers – 1988)।
- हॉटस्पॉट की दो अनिवार्य शर्तें: 1. कम से कम 1,500 संवहनी स्थानिक पादप प्रजातियां हों, 2. 70% से अधिक मूल पर्यावास नष्ट हो चुका हो।
प्रश्न 3. सूर्य के व्यापक अध्ययन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा इसरो का हाल का वैज्ञानिक मिशन है ?
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सही उत्तर : (A) आदित्य-एल 1
विस्तृत व्याख्या :
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य का विस्तृत अध्ययन करने हेतु भारत का पहला समर्पित सौर मिशन ‘आदित्य-एल 1’ (Aditya-L1) 2 सितंबर 2023 को PSLV-C57 द्वारा सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु 1 (L1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा (Halo Orbit) में स्थापित हुआ है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य का विस्तृत अध्ययन करने हेतु भारत का पहला समर्पित सौर मिशन ‘आदित्य-एल 1’ (Aditya-L1) 2 सितंबर 2023 को PSLV-C57 द्वारा सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु 1 (L1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा (Halo Orbit) में स्थापित हुआ है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- लॉन्च तिथि: 2 सितंबर 2023 (रॉकेट: PSLV-C57)।
- कक्षा प्रविष्टि: 6 जनवरी 2024 को L1 हेलो कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित।
- पेलोड्स: कुल 7 वैज्ञानिक पेलोड (VELC, SUIT, ASPEX, PAPA, SoLEXS, HEL1OS, मैग्नेटोमीटर)।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत सरकार का राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम नहीं है ?
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सही उत्तर : (D) राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
विस्तृत व्याख्या :
‘राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (National Oral Health Programme – NOHP) दाँतों और मुख स्वास्थ्य की देखभाल से संबंधित एक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम है, यह ‘पोषण कार्यक्रम’ (Nutrition Programme) नहीं है। जबकि आयोडीन अल्पता कार्यक्रम, फ्लोरोसिस रोकथाम और राष्ट्रीय आयरन प्लस पहल (एनीमिया मुक्त भारत) तीनों सूक्ष्म पोषक तत्वों और पोषण से प्रत्यक्ष संबंधित राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं।
‘राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (National Oral Health Programme – NOHP) दाँतों और मुख स्वास्थ्य की देखभाल से संबंधित एक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम है, यह ‘पोषण कार्यक्रम’ (Nutrition Programme) नहीं है। जबकि आयोडीन अल्पता कार्यक्रम, फ्लोरोसिस रोकथाम और राष्ट्रीय आयरन प्लस पहल (एनीमिया मुक्त भारत) तीनों सूक्ष्म पोषक तत्वों और पोषण से प्रत्यक्ष संबंधित राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- आयोडीन अल्पता नियंत्रण कार्यक्रम (NIDDCP): 1992 से संचालित (घेंघा रोग व मानसिक विकास हेतु)।
- राष्ट्रीय आयरन प्लस पहल (NIPI): एनीमिया नियंत्रण हेतु आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण।
- पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan): मार्च 2018 में राजस्थान के झुंझुनू से प्रारंभ।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे स्थिर पारिस्थितिकी-तंत्र है ?
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सही उत्तर : (C) समुद्री पारिस्थितिकी-तंत्र
विस्तृत व्याख्या :
विश्व का सबसे विशाल और सबसे स्थिर पारिस्थितिकी-तंत्र (Most Stable Ecosystem) ‘समुद्री / महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र’ (Ocean/Marine Ecosystem) है। इसका कारण इसका विशाल आकार, अत्यधिक गहराई, रासायनिक संघटन (लवणता) की स्थिरता और बाह्य पर्यावरणीय व मौसमी परिवर्तनों के प्रति दीर्घकालिक प्रतिरोधक क्षमता है। यह पृथ्वी के लगभग 71% भाग पर विस्तृत है।
विश्व का सबसे विशाल और सबसे स्थिर पारिस्थितिकी-तंत्र (Most Stable Ecosystem) ‘समुद्री / महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र’ (Ocean/Marine Ecosystem) है। इसका कारण इसका विशाल आकार, अत्यधिक गहराई, रासायनिक संघटन (लवणता) की स्थिरता और बाह्य पर्यावरणीय व मौसमी परिवर्तनों के प्रति दीर्घकालिक प्रतिरोधक क्षमता है। यह पृथ्वी के लगभग 71% भाग पर विस्तृत है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पृथ्वी का सबसे बड़ा इकोसिस्टम: महासागरीय/समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (71% भूभाग)।
- स्थिरता का कारण: लवणता, तापमान और रासायनिक संरचना में सदियों तक बहुत धीमा परिवर्तन।
- कृत्रिम इकोसिस्टम: एक्वेरियम, धान का खेत, अंतरिक्ष यान।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय (बायोडिग्रेडेबल) प्रदूषक नहीं है ?
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सही उत्तर : (C) कीटनाशक
विस्तृत व्याख्या :
‘कीटनाशक’ (Pesticides जैसे DDT, एल्ड्रिन, बीएचसी आदि) अजैव-निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) प्रदूषक हैं। ये सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से विघटित नहीं होते और लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं तथा खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर ‘जैव-आवर्धन’ (Biomagnification) का कारण बनते हैं। जबकि कागज, भोजन अपशिष्ट और लकड़ी/सेल्यूलोज सभी प्राकृतिक रूप से अपघटित हो जाने वाले बायोडिग्रेडेबल पदार्थ हैं।
‘कीटनाशक’ (Pesticides जैसे DDT, एल्ड्रिन, बीएचसी आदि) अजैव-निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) प्रदूषक हैं। ये सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से विघटित नहीं होते और लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं तथा खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर ‘जैव-आवर्धन’ (Biomagnification) का कारण बनते हैं। जबकि कागज, भोजन अपशिष्ट और लकड़ी/सेल्यूलोज सभी प्राकृतिक रूप से अपघटित हो जाने वाले बायोडिग्रेडेबल पदार्थ हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अजैव-निम्नीकरणीय प्रदूषक: प्लास्टिक, पॉलीथीन, डीडीटी, भारी धातुएं (पारा, सीसा, कैडमियम), कांच।
- जैव आवर्धन (Biomagnification): खाद्य श्रृंखला के उच्च स्तरों पर विषैले रसायनों की सांद्रता में क्रमिक वृद्धि।
प्रश्न 7. पारिस्थितिकी-तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह निम्न से उच्च पोषण (ट्रॉफिक) स्तर पर जाने से कम होता है। इसे निम्नलिखित द्वारा समझा जा सकता है :
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सही उत्तर : (B) ऊष्मागतिकी (थर्मोडायनेमिक्स) के द्वितीय नियम द्वारा
विस्तृत व्याख्या :
पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) होता है और प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर जाने पर ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है। इसे ‘ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम’ (Second Law of Thermodynamics – एन्ट्रॉपी का नियम) द्वारा समझाया जाता है, जिसके अनुसार जब भी ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण होता है, तो ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा (श्वसन, उपापचय) के रूप में वातावरण में नष्ट (ह्रास) हो जाता है।
पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) होता है और प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर जाने पर ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है। इसे ‘ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम’ (Second Law of Thermodynamics – एन्ट्रॉपी का नियम) द्वारा समझाया जाता है, जिसके अनुसार जब भी ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण होता है, तो ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा (श्वसन, उपापचय) के रूप में वातावरण में नष्ट (ह्रास) हो जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम: ऊर्जा संरक्षण का नियम (ऊर्जा न तो बनती है, न नष्ट होती है)।
- ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम: ऊर्जा स्थानांतरण में ऊष्मा का ह्रास और एंट्रॉपी वृद्धि।
- लिंडमैन का 10% नियम (1942): एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
प्रश्न 8. ऑस्टियोक्लास्ट निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित हैं ?
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सही उत्तर : (C) हड्डी टूटना
विस्तृत व्याख्या :
‘ऑस्टियोक्लास्ट’ (Osteoclasts) विशेष प्रकार की अस्थि कोशिकाएं हैं जो पुरानी, क्षतिग्रस्त या अवांछित हड्डी के ऊतकों को घोलने और अवशोषित/विघटित (Bone Resorption / हड्डी का विघटन/टूटना) करने का कार्य करती हैं। जबकि ‘ऑस्टियोब्लास्ट’ (Osteoblasts) नई हड्डी का निर्माण (Bone Formation) करती हैं। इन दोनों कोशिकाओं के संतुलन से अस्थियों का पुनर्गठन (Bone Remodeling) होता है।
‘ऑस्टियोक्लास्ट’ (Osteoclasts) विशेष प्रकार की अस्थि कोशिकाएं हैं जो पुरानी, क्षतिग्रस्त या अवांछित हड्डी के ऊतकों को घोलने और अवशोषित/विघटित (Bone Resorption / हड्डी का विघटन/टूटना) करने का कार्य करती हैं। जबकि ‘ऑस्टियोब्लास्ट’ (Osteoblasts) नई हड्डी का निर्माण (Bone Formation) करती हैं। इन दोनों कोशिकाओं के संतुलन से अस्थियों का पुनर्गठन (Bone Remodeling) होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ऑस्टियोक्लास्ट (Osteoclast): अस्थि भंजन/विघटन कोशिका (Bone Resorption)।
- ऑस्टियोब्लास्ट (Osteoblast): अस्थि निर्माण कोशिका (Bone Formation)।
- ऑस्टियोसाइट (Osteocyte): परिपक्व अस्थि कोशिका (Mature Bone Cell)।
प्रश्न 9. ग्रीन मफ़लर किस प्रदूषण से सम्बन्धित है ?
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सही उत्तर : (C) ध्वनि
विस्तृत व्याख्या :
‘ग्रीन मफलर’ (Green Muffler) तकनीक ‘ध्वनि प्रदूषण’ (Noise Pollution) के नियंत्रण से संबंधित है। इसके अंतर्गत सड़कों, रेल पटरियों, औद्योगिक क्षेत्रों और घनी बस्तियों के किनारे 4 से 6 पंक्तियों में सघन घने पेड़ (जैसे अशोक, नीम, जामुन, इमली) लगाए जाते हैं, जो वाहनों और मशीनों से निकलने वाली तेज ध्वनि तरंगों को अवशोषित और अवरुद्ध कर ध्वनि प्रदूषण को 10 से 15 डेसीबल तक कम कर देते हैं।
‘ग्रीन मफलर’ (Green Muffler) तकनीक ‘ध्वनि प्रदूषण’ (Noise Pollution) के नियंत्रण से संबंधित है। इसके अंतर्गत सड़कों, रेल पटरियों, औद्योगिक क्षेत्रों और घनी बस्तियों के किनारे 4 से 6 पंक्तियों में सघन घने पेड़ (जैसे अशोक, नीम, जामुन, इमली) लगाए जाते हैं, जो वाहनों और मशीनों से निकलने वाली तेज ध्वनि तरंगों को अवशोषित और अवरुद्ध कर ध्वनि प्रदूषण को 10 से 15 डेसीबल तक कम कर देते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ग्रीन मफलर: ध्वनि प्रदूषण रोकने हेतु सड़कों के किनारे वृक्षारोपण की तकनीक।
- सर्वश्रेष्ठ वृक्ष: अशोक, नीम, पीपल और कचनार (सघन पत्तियों के कारण ध्वनि अवशोषक)।
- मानक सुरक्षित ध्वनि स्तर: WHO के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 dB और रात में 45 dB।
प्रश्न 10. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?
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सही उत्तर : (B) नई दिल्ली
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal – NGT) का प्रधान पीठ / मुख्यालय ‘नई दिल्ली’ में स्थित है। इसके अतिरिक्त देश में 4 क्षेत्रीय पीठें हैं जो भोपाल (मध्य क्षेत्र), पुणे (पश्चिमी क्षेत्र), कोलकाता (पूर्वी क्षेत्र) और चेन्नई (दक्षिणी क्षेत्र) में स्थित हैं।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal – NGT) का प्रधान पीठ / मुख्यालय ‘नई दिल्ली’ में स्थित है। इसके अतिरिक्त देश में 4 क्षेत्रीय पीठें हैं जो भोपाल (मध्य क्षेत्र), पुणे (पश्चिमी क्षेत्र), कोलकाता (पूर्वी क्षेत्र) और चेन्नई (दक्षिणी क्षेत्र) में स्थित हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- प्रधान पीठ: नई दिल्ली।
- मध्य क्षेत्रीय पीठ: भोपाल (मध्य प्रदेश)।
- स्थापना: 18 अक्टूबर 2010 (NGT अधिनियम 2010 के तहत)।
- प्रथम अध्यक्ष: न्यायमूर्ति लोकेश्वर सिंह पंटा।
प्रश्न 11. निम्नलिखित युग्मों का मिलान करते हुए सही कूट की पहचान कीजिए :
जैव आरक्षित क्षेत्र : 1. नोकरेक 2. मानस 3. सिमलीपाल 4. शेषाचलम
राज्य : a. ओडिशा b. मेघालय c. आंध्र प्रदेश d. असम
कूट :
जैव आरक्षित क्षेत्र : 1. नोकरेक 2. मानस 3. सिमलीपाल 4. शेषाचलम
राज्य : a. ओडिशा b. मेघालय c. आंध्र प्रदेश d. असम
कूट :
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सही उत्तर : (A) 1-b, 2-d, 3-a, 4-c
विस्तृत व्याख्या :
बायोस्फीयर रिजर्व और उनके राज्यों का सही सुमेलन:
• 1. नोकरेक – b. मेघालय (गारो हिल्स)
• 2. मानस – d. असम
• 3. सिमलीपाल – a. ओडिशा (मयूरभंज जिला)
• 4. शेषाचलम – c. आंध्र प्रदेश (चित्तूर/कडप्पा जिला)
अतः सही कूट (A) 1-b, 2-d, 3-a, 4-c है।
बायोस्फीयर रिजर्व और उनके राज्यों का सही सुमेलन:
• 1. नोकरेक – b. मेघालय (गारो हिल्स)
• 2. मानस – d. असम
• 3. सिमलीपाल – a. ओडिशा (मयूरभंज जिला)
• 4. शेषाचलम – c. आंध्र प्रदेश (चित्तूर/कडप्पा जिला)
अतः सही कूट (A) 1-b, 2-d, 3-a, 4-c है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व: नीलगिरि (1986 – तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक)।
- मध्य प्रदेश के 3 बायोस्फीयर रिजर्व: 1. पचमढ़ी (1999), 2. अचानकमार-अमरकंटक (2005), 3. पन्ना (2011)।
- कुल बायोस्फीयर रिजर्व: भारत में कुल 18 बायोस्फीयर रिजर्व हैं जिनमें से 12 यूनेस्को MAB सूची में शामिल हैं।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 9 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 9प्रश्न 1. एटलस और अक्ष के मध्य पाए जाने वाले जोड़ (पिवोट) को कहते हैं :
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सही उत्तर : (D) सिनोवियल जोड़
विस्तृत व्याख्या :
प्रथम ग्रीवा कशेरुका (एटलस – Atlas) और द्वितीय ग्रीवा कशेरुका (अक्ष / एक्सिस – Axis) के मध्य पाया जाने वाला धुराग्र जोड़ (Pivot Joint) वास्तव में ‘सिनोवियल जोड़’ (Synovial Joint) का ही एक विशिष्ट प्रकार है। सिनोवियल जोड़ों में सिनोवियल गुहा और सिनोवियल द्रव भरा होता है जो गर्दन को दाएं-बाएं घुमाने में मुक्त गति प्रदान करता है।
प्रथम ग्रीवा कशेरुका (एटलस – Atlas) और द्वितीय ग्रीवा कशेरुका (अक्ष / एक्सिस – Axis) के मध्य पाया जाने वाला धुराग्र जोड़ (Pivot Joint) वास्तव में ‘सिनोवियल जोड़’ (Synovial Joint) का ही एक विशिष्ट प्रकार है। सिनोवियल जोड़ों में सिनोवियल गुहा और सिनोवियल द्रव भरा होता है जो गर्दन को दाएं-बाएं घुमाने में मुक्त गति प्रदान करता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पिवोट जॉइंट (धुराग्र जोड़): सिनोवियल जोड़ का प्रकार (एटलस और एक्सिस के बीच सिर का घूर्णन)।
- बॉल और सॉकेट जोड़: कंधा और कूल्हा (सिनोवियल)।
- हिंज (कब्जा) जोड़: कोहनी और घुटना (सिनोवियल)।
- फाइब्रस जोड़ (अचल जोड़): खोपड़ी की अस्थियों के बीच सूचर्स।
प्रश्न 2. आनुवंशिक रूप से परिवर्तित बीटी. बैंगन को निम्नलिखित में से किसके लिए विकसित किया गया है ?
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सही उत्तर : (B) कीट प्रतिरोध के लिए
विस्तृत व्याख्या :
बीटी बैंगन (Bt Brinjal) एक आनुवंशिक रूप से संशोधित (Genetically Modified – GM) फसल है, जिसे बैंगन में लगने वाले विनाशकारी तना एवं फल छेदक कीट (Shoot and Fruit Borer – Leucinodes orbonalis) के विरुद्ध ‘कीट प्रतिरोध’ (Pest Resistance) प्रदान करने हेतु विकसित किया गया है। इसमें मृदा जीवाणु ‘बैसिलस थुरिंजिएंसिस’ (Bacillus thuringiensis – Bt) से Cry1Ac जीन डाला गया है।
बीटी बैंगन (Bt Brinjal) एक आनुवंशिक रूप से संशोधित (Genetically Modified – GM) फसल है, जिसे बैंगन में लगने वाले विनाशकारी तना एवं फल छेदक कीट (Shoot and Fruit Borer – Leucinodes orbonalis) के विरुद्ध ‘कीट प्रतिरोध’ (Pest Resistance) प्रदान करने हेतु विकसित किया गया है। इसमें मृदा जीवाणु ‘बैसिलस थुरिंजिएंसिस’ (Bacillus thuringiensis – Bt) से Cry1Ac जीन डाला गया है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- बीटी जीवाणु: बैसिलस थुरिंजिएंसिस (Bacillus thuringiensis)।
- विषाक्त प्रोटीन: Cry प्रोटीन (कीटों की आंत में क्षारीय माध्यम में सक्रिय होकर कीट को मारता है)।
- भारत में व्यावसायिक अनुमोदित जीएम फसल: बीटी कपास (Bt Cotton – 2002 से)।
प्रश्न 3. मनुष्यों में निम्नांकित में से कौन-सा विटामिन खून का थक्का जमने में सहायक होता है ?
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सही उत्तर : (C) विटामिन के
विस्तृत व्याख्या :
‘विटामिन के’ (Vitamin K – रासायनिक नाम: फिलोक्विनोन / फाइलोक्विनोन) रक्त का थक्का जमने (Blood Clotting) के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह यकृत (Liver) में रक्त स्कंदन कारकों जैसे प्रोथ्रोम्बिन (कारक II), कारक VII, IX और X के संश्लेषण के लिए अनिवार्य सह-कारक होता है। इसकी कमी से रक्त का थक्का नहीं जमता और अत्यधिक रक्तस्राव होता है।
‘विटामिन के’ (Vitamin K – रासायनिक नाम: फिलोक्विनोन / फाइलोक्विनोन) रक्त का थक्का जमने (Blood Clotting) के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह यकृत (Liver) में रक्त स्कंदन कारकों जैसे प्रोथ्रोम्बिन (कारक II), कारक VII, IX और X के संश्लेषण के लिए अनिवार्य सह-कारक होता है। इसकी कमी से रक्त का थक्का नहीं जमता और अत्यधिक रक्तस्राव होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- विटामिन K: रक्त स्कंदन रोधी विटामिन।
- विटामिन A (रेटिनॉल): रतौंधी और जीरोफ्थैल्मिया से बचाव।
- विटामिन D (कैल्सीफेरॉल): रिकेट्स और ऑस्टियोमलेशिया से बचाव।
- विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड): स्कर्वी से बचाव।
प्रश्न 4. वह क्षेत्र जो दो पारिस्थितिकी तंत्रों के मध्य सीमा रेखा अथवा संक्रमण क्षेत्र के रूप में कार्य करता है :
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सही उत्तर : (D) इकोटोन
विस्तृत व्याख्या :
दो या दो से अधिक विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों अथवा जैविक समुदायों के मध्य स्थित संकीर्ण संक्रमणकालीन क्षेत्र को ‘इकोटोन’ (Ecotone / संक्रांतिका) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, स्थलीय और जलीय तंत्र के मध्य ‘दलदल / मैंग्रोव’, तथा वन और घास के मैदान के मध्य का क्षेत्र। इकोटोन में दोनों तंत्रों की प्रजातियां पाई जाती हैं जिससे यहाँ जैव विविधता अधिक होती है, जिसे ‘कोर प्रभाव’ (Edge Effect) कहते हैं।
दो या दो से अधिक विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों अथवा जैविक समुदायों के मध्य स्थित संकीर्ण संक्रमणकालीन क्षेत्र को ‘इकोटोन’ (Ecotone / संक्रांतिका) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, स्थलीय और जलीय तंत्र के मध्य ‘दलदल / मैंग्रोव’, तथा वन और घास के मैदान के मध्य का क्षेत्र। इकोटोन में दोनों तंत्रों की प्रजातियां पाई जाती हैं जिससे यहाँ जैव विविधता अधिक होती है, जिसे ‘कोर प्रभाव’ (Edge Effect) कहते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- इकोटोन उदाहरण: मैंग्रोव वन, आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स), एश्चुअरी, घास के मैदान।
- कोर प्रभाव (Edge Effect): सीमांत क्षेत्र में प्रजातियों की संख्या और घनत्व का दोनों आसन्न समुदायों से अधिक होना।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से हमारे देश का कौन-सा क्षेत्र “जैव-विविधता का तप्त स्थल” कहलाता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) पश्चिमी घाट
विस्तृत व्याख्या :
‘पश्चिमी घाट’ (Western Ghats / सह्याद्रि) भारत के प्रमुख जैव विविधता तप्त स्थलों (Biodiversity Hotspots) में से एक है। यह अपनी असाधारण स्थानिक प्रजातियों (Endemic Species), सघन उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों और समृद्ध वन्यजीवों के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में भी शामिल है।
‘पश्चिमी घाट’ (Western Ghats / सह्याद्रि) भारत के प्रमुख जैव विविधता तप्त स्थलों (Biodiversity Hotspots) में से एक है। यह अपनी असाधारण स्थानिक प्रजातियों (Endemic Species), सघन उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों और समृद्ध वन्यजीवों के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में भी शामिल है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पश्चिमी घाट की स्थानिक प्रजातियां: नीलगिरि तहर, लायन-टेल्ड मकाक, मालाबार ग्रे हॉर्नबिल।
- माधव गाडगिल समिति एवं कस्तूरीरंगन समिति: पश्चिमी घाट के पारिस्थितिक संरक्षण हेतु गठित की गई थीं।
प्रश्न 6. वायु की गति का मापन किया जाता है :
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सही उत्तर : (D) ऐनीमोमीटर द्वारा
विस्तृत व्याख्या :
वायु की गति अथवा पवन के वेग को मापने वाला वैज्ञानिक उपकरण ‘ऐनीमोमीटर’ (Anemometer / पवनवेगमापी) कहलाता है।
• बैरोमीटर: वायुमंडलीय दाब मापने हेतु
• हायग्रोमीटर: वायुमंडल की सापेक्षिक आर्द्रता मापने हेतु
• थर्मामीटर: तापमान मापने हेतु।
वायु की गति अथवा पवन के वेग को मापने वाला वैज्ञानिक उपकरण ‘ऐनीमोमीटर’ (Anemometer / पवनवेगमापी) कहलाता है।
• बैरोमीटर: वायुमंडलीय दाब मापने हेतु
• हायग्रोमीटर: वायुमंडल की सापेक्षिक आर्द्रता मापने हेतु
• थर्मामीटर: तापमान मापने हेतु।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ऐनीमोमीटर: पवन की गति/वेग।
- विंड वेन (Wind Vane): वायु की दिशा ज्ञात करने हेतु।
- बैरोमीटर: वायुदाब (पारा अचानक गिरना तूफान का संकेत)।
प्रश्न 7. कौन-सा प्रदूषण मनुष्यों में इटाई-इटाई रोग करता है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) कैडमियम प्रदूषण
विस्तृत व्याख्या :
‘इटाई-इटाई’ (Itai-Itai / Ouch-Ouch) रोग भारी धातु ‘कैडमियम’ (Cadmium – Cd) के जल प्रदूषण और संदूषण के कारण होता है। यह सर्वप्रथम 1912 में जापान के टोयामा प्रांत में देखा गया था। इसमें हड्डियों और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है तथा हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती हैं (ऑस्टियोमलेशिया) एवं गुर्दे खराब हो जाते हैं।
‘इटाई-इटाई’ (Itai-Itai / Ouch-Ouch) रोग भारी धातु ‘कैडमियम’ (Cadmium – Cd) के जल प्रदूषण और संदूषण के कारण होता है। यह सर्वप्रथम 1912 में जापान के टोयामा प्रांत में देखा गया था। इसमें हड्डियों और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है तथा हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती हैं (ऑस्टियोमलेशिया) एवं गुर्दे खराब हो जाते हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- कैडमियम (Cd): इटाई-इटाई रोग।
- पारा (Mercury – Hg): मिनामाटा रोग (जापान, 1956)।
- आर्सेनिक (Arsenic): ब्लैक फुट रोग (Black Foot Disease)।
- नाइट्रेट (Nitrate): ब्लू बेबी सिंड्रोम (मेथेमोग्लोबिनेमिया)।
प्रश्न 8. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार हमारे देश में निम्नलिखित में से किस चिह्न को सभी प्रसंस्कृत फल उत्पादों के लिए अनिवार्य किया गया है ?
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सही उत्तर : (A) एफ.पी.ओ. (FPO)
विस्तृत व्याख्या :
‘एफ.पी.ओ.’ (FPO – Fruit Products Order) मार्क भारत में सभी प्रसंस्कृत फल उत्पादों (जैसे जैम, जेली, जूस, अचार, डिब्बाबंद फल) के लिए अनिवार्य गुणवत्ता और स्वच्छता प्रमाणीकरण चिह्न है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) के तहत यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद स्वच्छ वातावरण में निर्मित है।
‘एफ.पी.ओ.’ (FPO – Fruit Products Order) मार्क भारत में सभी प्रसंस्कृत फल उत्पादों (जैसे जैम, जेली, जूस, अचार, डिब्बाबंद फल) के लिए अनिवार्य गुणवत्ता और स्वच्छता प्रमाणीकरण चिह्न है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) के तहत यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद स्वच्छ वातावरण में निर्मित है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- FPO मार्क: प्रसंस्कृत फल एवं सब्जी उत्पाद।
- AGMARK: कृषि उत्पाद (अनाज, तेल, घी, मसाले)।
- ISI मार्क: औद्योगिक एवं इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद (BIS द्वारा)।
- BEE स्टार: विद्युत उपकरणों की ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency)।
- हॉलमार्क: सोने एवं चांदी के आभूषणों की शुद्धता।
प्रश्न 9. आयुष (AYUSH) किसका संक्षिप्त रूप है ?
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सही उत्तर : (A) आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी
विस्तृत व्याख्या :
आयुष (AYUSH) भारत की पारंपरिक एवं गैर-एलोपैथिक चिकित्सा प्रणालियों का संक्षिप्त रूप है:
• A – Ayurveda (आयुर्वेद)
• Y – Yoga & Naturopathy (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा)
• U – Unani (यूनानी)
• S – Siddha (सिद्ध)
• H – Homeopathy (होम्योपैथी)।
भारत सरकार ने 9 नवंबर 2014 को पृथक ‘आयुष मंत्रालय’ का गठन किया था। इसमें ‘एलोपैथी’ शामिल नहीं है।
आयुष (AYUSH) भारत की पारंपरिक एवं गैर-एलोपैथिक चिकित्सा प्रणालियों का संक्षिप्त रूप है:
• A – Ayurveda (आयुर्वेद)
• Y – Yoga & Naturopathy (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा)
• U – Unani (यूनानी)
• S – Siddha (सिद्ध)
• H – Homeopathy (होम्योपैथी)।
भारत सरकार ने 9 नवंबर 2014 को पृथक ‘आयुष मंत्रालय’ का गठन किया था। इसमें ‘एलोपैथी’ शामिल नहीं है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- A: आयुर्वेद, Y: योग और प्राकृतिक चिकित्सा, U: यूनानी, S: सिद्ध, H: होम्योपैथी।
- आयुष मंत्रालय गठन: 9 नवंबर 2014।
- राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: धनतेरस (धन्वंतरि जयंती) पर मनाया जाता है।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2021 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 7 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 7प्रश्न 1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) की स्थापना कब हुई थी ?
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सही उत्तर : (C) 07 अप्रैल (1948)
विस्तृत व्याख्या :
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी के रूप में ’07 अप्रैल 1948′ को हुई थी। इसी ऐतिहासिक तिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ (World Health Day) मनाया जाता है। इसका मुख्यालय जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में स्थित है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी के रूप में ’07 अप्रैल 1948′ को हुई थी। इसी ऐतिहासिक तिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ (World Health Day) मनाया जाता है। इसका मुख्यालय जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में स्थित है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- स्थापना तिथि: 7 अप्रैल 1948।
- मुख्यालय: जिनेवा (स्विट्जरलैंड)।
- विश्व स्वास्थ्य दिवस: 7 अप्रैल को प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
प्रश्न 2. इसरो का पूरा नाम क्या है ?
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सही उत्तर : (D) इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन
विस्तृत व्याख्या :
ISRO का पूर्ण रूप ‘इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ (Indian Space Research Organisation – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) है। इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 को डॉ. विक्रम साराभाई (भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक) के प्रयासों से की गई थी। इसका मुख्यालय बेंगलुरु (कर्नाटक) में स्थित है।
ISRO का पूर्ण रूप ‘इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ (Indian Space Research Organisation – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) है। इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 को डॉ. विक्रम साराभाई (भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक) के प्रयासों से की गई थी। इसका मुख्यालय बेंगलुरु (कर्नाटक) में स्थित है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पूर्ण रूप: Indian Space Research Organisation (ISRO)।
- स्थापना: 15 अगस्त 1969।
- मुख्यालय: अंतरिक्ष भवन, बेंगलुरु।
- जनक: डॉ. विक्रम साराभाई।
प्रश्न 3. फास्फेटेज परीक्षण किसके विश्लेषण हेतु उपयोग में लिया जाता है ?
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सही उत्तर : (A) दूध
विस्तृत व्याख्या :
‘फॉस्फेटेज परीक्षण’ (Alkaline Phosphatase Test) का उपयोग ‘दूध’ (Milk) के पाश्चुरीकरण (Pasteurization) की प्रभावशीलता और गुणवत्ता की जांच करने के लिए किया जाता है। कच्चे दूध में प्राकृतिक रूप से अल्कलाइन फॉस्फेटेज एंजाइम मौजूद होता है, जो पाश्चुरीकरण के तापमान पर नष्ट हो जाता है। यदि पाश्चुरीकृत दूध में यह एंजाइम अनुपस्थित पाया जाता है, तो दूध उचित रूप से पाश्चुरीकृत माना जाता है। (MPPSC ने विकल्प A दूध को सही माना था; बाद में कुछ संदर्भों में सभी मानकर विचार भी हुआ, परंतु मुख्य रूप से दूध इसका मानक उत्तर है)।
‘फॉस्फेटेज परीक्षण’ (Alkaline Phosphatase Test) का उपयोग ‘दूध’ (Milk) के पाश्चुरीकरण (Pasteurization) की प्रभावशीलता और गुणवत्ता की जांच करने के लिए किया जाता है। कच्चे दूध में प्राकृतिक रूप से अल्कलाइन फॉस्फेटेज एंजाइम मौजूद होता है, जो पाश्चुरीकरण के तापमान पर नष्ट हो जाता है। यदि पाश्चुरीकृत दूध में यह एंजाइम अनुपस्थित पाया जाता है, तो दूध उचित रूप से पाश्चुरीकृत माना जाता है। (MPPSC ने विकल्प A दूध को सही माना था; बाद में कुछ संदर्भों में सभी मानकर विचार भी हुआ, परंतु मुख्य रूप से दूध इसका मानक उत्तर है)।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- पाश्चुरीकरण के जनक: लुई पाश्चर।
- फॉस्फेटेज टेस्ट: दूध के पाश्चुरीकरण की सफलता का प्राथमिक जैव-रासायनिक परीक्षण।
प्रश्न 4. भोपाल गैस त्रासदी किस वर्ष में हुई ?
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सही उत्तर : (C) 1984
विस्तृत व्याख्या :
विश्व की सबसे भीषण औद्योगिक त्रासदियों में से एक ‘भोपाल गैस त्रासदी’ ‘2-3 दिसंबर 1984’ की रात को यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के कीटनाशक संयंत्र में हुई थी। इसमें अत्यधिक जहरीली गैस ‘मिथाइल आइसोसाइनेट’ (MIC – C2H3NO) का रिसाव हुआ था, जिससे हजारों लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी।
विश्व की सबसे भीषण औद्योगिक त्रासदियों में से एक ‘भोपाल गैस त्रासदी’ ‘2-3 दिसंबर 1984’ की रात को यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के कीटनाशक संयंत्र में हुई थी। इसमें अत्यधिक जहरीली गैस ‘मिथाइल आइसोसाइनेट’ (MIC – C2H3NO) का रिसाव हुआ था, जिससे हजारों लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- तिथि: 2-3 दिसंबर 1984।
- गैस का नाम: मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC – Methyl Isocyanate)।
- कंपनी: यूनियन कार्बाइड (अमेरिकी कंपनी)।
- राहत ऑपरेशन: ‘ऑपरेशन फेथ’ (Operation Faith) बचे हुए MIC के सुरक्षित निष्कासन हेतु चलाया गया था।
प्रश्न 5. सर्टोली कोशिकाएँ किस अंग में पाई जाती है ?
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सही उत्तर : (D) वृषण
विस्तृत व्याख्या :
‘सर्टोली कोशिकाएँ’ (Sertoli Cells) नर जनन तंत्र के ‘वृषण’ (Testes) की शुक्रजनक नलिकाओं (Seminiferous Tubules) में पाई जाती हैं। इन्हें ‘नर्स कोशिकाएं’ (Nurse Cells) भी कहा जाता है क्योंकि ये विकासशील शुक्राणुओं (Sperms) को पोषण और सुरक्षा प्रदान करती हैं।
‘सर्टोली कोशिकाएँ’ (Sertoli Cells) नर जनन तंत्र के ‘वृषण’ (Testes) की शुक्रजनक नलिकाओं (Seminiferous Tubules) में पाई जाती हैं। इन्हें ‘नर्स कोशिकाएं’ (Nurse Cells) भी कहा जाता है क्योंकि ये विकासशील शुक्राणुओं (Sperms) को पोषण और सुरक्षा प्रदान करती हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अंग: वृषण (Testis)।
- उपनाम: नर्स कोशिकाएं (Nurse Cells / Sustentacular Cells)।
- लीडिग कोशिकाएं (Leydig Cells): यह भी वृषण में पाई जाती हैं और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन स्रावित करती हैं।
प्रश्न 6. हाइड्रोक्लोरिक एसिड किस अंग में स्रावित होता है ?
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सही उत्तर : (C) अमाशय
विस्तृत व्याख्या :
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) मानव पाचन तंत्र के ‘अमाशय’ (Stomach) की गैस्ट्रिक ग्रंथियों की ‘ऑक्सिंटिक / पार्श्वीय कोशिकाओं’ (Oxyntic / Parietal Cells) द्वारा स्रावित होता है। यह जठर रस (Gastric Juice) का मुख्य घटक है जो भोजन के माध्यम को अम्लीय (pH ~1.5 से 2.0) बनाता है, भोजन के हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है और निष्क्रिय पेप्सिनोजेन को सक्रिय पेप्सिन में बदलता है।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) मानव पाचन तंत्र के ‘अमाशय’ (Stomach) की गैस्ट्रिक ग्रंथियों की ‘ऑक्सिंटिक / पार्श्वीय कोशिकाओं’ (Oxyntic / Parietal Cells) द्वारा स्रावित होता है। यह जठर रस (Gastric Juice) का मुख्य घटक है जो भोजन के माध्यम को अम्लीय (pH ~1.5 से 2.0) बनाता है, भोजन के हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है और निष्क्रिय पेप्सिनोजेन को सक्रिय पेप्सिन में बदलता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अंग: अमाशय (Stomach)।
- स्रावक कोशिकाएं: ऑक्सिंटिक या पैराइटल कोशिकाएं।
- कार्य: भोजन के माध्यम को अम्लीय बनाना और प्रोटीन पाचक एंजाइम पेप्सिन को सक्रिय करना।
प्रश्न 7. स्कर्वी रोग इस विटामिन की न्यूनता (कमी) से होता है :
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सही उत्तर : (D) विटामिन ‘सी’
विस्तृत व्याख्या :
‘स्कर्वी रोग’ (Scurvy) ‘विटामिन सी’ (एस्कॉर्बिक एसिड – Ascorbic Acid) की कमी से होता है। इसके मुख्य लक्षणों में मसूड़ों से खून आना, जोड़ों में दर्द, घाव का देर से भरना और त्वचा पर चकत्ते पड़ना शामिल हैं। विटामिन सी खट्टे फलों (आंवला, संतरा, नींबू) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
‘स्कर्वी रोग’ (Scurvy) ‘विटामिन सी’ (एस्कॉर्बिक एसिड – Ascorbic Acid) की कमी से होता है। इसके मुख्य लक्षणों में मसूड़ों से खून आना, जोड़ों में दर्द, घाव का देर से भरना और त्वचा पर चकत्ते पड़ना शामिल हैं। विटामिन सी खट्टे फलों (आंवला, संतरा, नींबू) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड): स्कर्वी रोग।
- सर्वश्रेष्ठ स्रोत: आंवला (Gooseberry), नींबू, अमरूद।
- ताप संवेदी: गर्म करने पर सबसे पहले नष्ट होने वाला विटामिन C ही है।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2020 : विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य कुल 9 प्रश्न
विषय 7: Science, Environment and Health | प्रश्न क्रमांक 1 से 9प्रश्न 1. जेनेटिक कोड की विशिष्ट विशेषताएँ हैं :
i. यह प्रायः सार्वत्रिक होता है
ii. यह तीन न्यूक्लियोटाइड क्षारकों का बना होता है जो 20 अमिनो अम्लों के संगत होते हैं
iii. यह अनतिव्यापी, गैर-अस्पष्ट एवं कोमारहित होता है
iv. इनमें एक प्रारम्भन एवं एक समापन कोडॉन होता है
इनमें से कौन-सा कथन सही है ?
i. यह प्रायः सार्वत्रिक होता है
ii. यह तीन न्यूक्लियोटाइड क्षारकों का बना होता है जो 20 अमिनो अम्लों के संगत होते हैं
iii. यह अनतिव्यापी, गैर-अस्पष्ट एवं कोमारहित होता है
iv. इनमें एक प्रारम्भन एवं एक समापन कोडॉन होता है
इनमें से कौन-सा कथन सही है ?
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सही उत्तर : (D) उपरोक्त सभी
विस्तृत व्याख्या :
आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की चारों विशेषताएं सत्य हैं:
1. यह सार्वत्रिक (Universal) होता है (जीवाणु से मनुष्य तक समान कोडॉन समान अमीनो अम्ल कोड करता है)।
2. यह ट्रिपलेट (तीन न्यूक्लियोटाइड क्षारकों) का बना होता है जो कुल 20 मानक अमीनो अम्लों को कोड करते हैं (कुल 64 कोडॉन)।
3. यह अनतिव्यापी (Non-overlapping), असंदिग्ध (Unambiguous/गैर-अस्पष्ट) और कोमारहित (Comma-less) होता है।
4. इसमें AUG प्रारंभिक कोडॉन (Initiation Codon) तथा UAA, UAG, UGA समापन कोडॉन (Stop Codons) होते हैं।
अतः सही उत्तर (D) उपरोक्त सभी है।
आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की चारों विशेषताएं सत्य हैं:
1. यह सार्वत्रिक (Universal) होता है (जीवाणु से मनुष्य तक समान कोडॉन समान अमीनो अम्ल कोड करता है)।
2. यह ट्रिपलेट (तीन न्यूक्लियोटाइड क्षारकों) का बना होता है जो कुल 20 मानक अमीनो अम्लों को कोड करते हैं (कुल 64 कोडॉन)।
3. यह अनतिव्यापी (Non-overlapping), असंदिग्ध (Unambiguous/गैर-अस्पष्ट) और कोमारहित (Comma-less) होता है।
4. इसमें AUG प्रारंभिक कोडॉन (Initiation Codon) तथा UAA, UAG, UGA समापन कोडॉन (Stop Codons) होते हैं।
अतः सही उत्तर (D) उपरोक्त सभी है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ट्रिपलेट कोड खोज: मार्शल निरेनबर्ग, हेनरिक मथाई और हरगोविंद खुराना (1968 नोबेल पुरस्कार)।
- स्टार्ट कोडॉन: AUG (मिथियोनिन को कोड करता है)।
- स्टॉप कोडॉन: UAA, UAG, UGA (नॉनसेंस कोडॉन)।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय विषाणु-विज्ञान संस्थान कहाँ स्थित है ?
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सही उत्तर : (A) पुणे
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय विषाणु-विज्ञान संस्थान (NIV – National Institute of Virology) महाराष्ट्र के ‘पुणे’ में स्थित है। यह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का एक प्रमुख शोध संस्थान है, जिसकी स्थापना 1952 में रॉकफेलर फाउंडेशन के सहयोग से की गई थी। इसने कोरोना महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन (कोवैक्सीन) के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय विषाणु-विज्ञान संस्थान (NIV – National Institute of Virology) महाराष्ट्र के ‘पुणे’ में स्थित है। यह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का एक प्रमुख शोध संस्थान है, जिसकी स्थापना 1952 में रॉकफेलर फाउंडेशन के सहयोग से की गई थी। इसने कोरोना महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन (कोवैक्सीन) के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- मुख्यालय: पुणे (महाराष्ट्र)।
- मूल संस्था: ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद)।
- उपलब्धि: भारत में पोलियो, जीका, निपाह और SARS-CoV-2 वायरसों का सर्वप्रथम पृथक्करण।
प्रश्न 3. आम की नीलम एवं अल्फांसों के मध्य क्रास से किस संकर किस्म के फल का विकास होता है ?
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सही उत्तर : (C) रत्ना
विस्तृत व्याख्या :
आम की ‘नीलम’ (मादा) और ‘अल्फांसो’ (नर) किस्मों के बीच संकरण (Cross – Neelam × Alphonso) से ‘रत्ना’ (Ratna) संकर किस्म का विकास किया गया है। यह किस्म कोंकण कृषि विद्यापीठ (दापोली, महाराष्ट्र) द्वारा विकसित की गई थी। यह स्पॉन्जी ऊतक रोग से मुक्त होती है।
• आम्रपाली: दशहरी × नीलम के क्रॉस से बनी है।
• मल्लिका: नीलम × दशहरी के क्रॉस से बनी है।
आम की ‘नीलम’ (मादा) और ‘अल्फांसो’ (नर) किस्मों के बीच संकरण (Cross – Neelam × Alphonso) से ‘रत्ना’ (Ratna) संकर किस्म का विकास किया गया है। यह किस्म कोंकण कृषि विद्यापीठ (दापोली, महाराष्ट्र) द्वारा विकसित की गई थी। यह स्पॉन्जी ऊतक रोग से मुक्त होती है।
• आम्रपाली: दशहरी × नीलम के क्रॉस से बनी है।
• मल्लिका: नीलम × दशहरी के क्रॉस से बनी है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- रत्ना = नीलम (Neelam) × अल्फांसो (Alphonso) [शॉर्टकट: RNA]।
- आम्रपाली = दशहरी (Dashehari) × नीलम (Neelam) [शॉर्टकट: DNA]।
- सिंधु = रत्ना × अल्फांसो (विश्व की पहली बीज-रहित/गुठली-मुक्त संकर आम किस्म)।
प्रश्न 4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जननी सुरक्षा योजना के मुख्य उद्देश्य क्या है ?
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सही उत्तर : (A) माता एवं मातृ शिशु की मृत्यु दर को कम करना
विस्तृत व्याख्या :
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 12 अप्रैल 2005 को शुरू की गई ‘जननी सुरक्षा योजना’ (Janani Suraksha Yojana – JSY) का प्राथमिक उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देकर ‘मातृ मृत्यु दर’ (MMR) और ‘शिशु मृत्यु दर’ (IMR) में कमी लाना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 12 अप्रैल 2005 को शुरू की गई ‘जननी सुरक्षा योजना’ (Janani Suraksha Yojana – JSY) का प्राथमिक उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देकर ‘मातृ मृत्यु दर’ (MMR) और ‘शिशु मृत्यु दर’ (IMR) में कमी लाना है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- शुरुआत: 12 अप्रैल 2005 (सुरक्षित मातृत्व दिवस पर)।
- रणनीति: संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद वित्तीय सहायता देना।
- आशा (ASHA): मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस योजना की मुख्य कड़ी हैं।
प्रश्न 5. मनुष्य में कितने जोड़ी कपाल तन्त्रिका पायी जाती है ?
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सही उत्तर : (B) 12
विस्तृत व्याख्या :
मनुष्य के परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) में मस्तिष्क से सीधे निकलने वाली ’12 जोड़ी कपाल तंत्रिकाएं’ (Cranial Nerves) पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी) से निकलने वाली ’31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएं’ (Spinal Nerves) होती हैं।
मनुष्य के परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) में मस्तिष्क से सीधे निकलने वाली ’12 जोड़ी कपाल तंत्रिकाएं’ (Cranial Nerves) पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी) से निकलने वाली ’31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएं’ (Spinal Nerves) होती हैं।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- कपाल तंत्रिकाएं (Cranial Nerves): 12 जोड़ी (कुल 24)।
- मेरु तंत्रिकाएं (Spinal Nerves): 31 जोड़ी (कुल 62)।
- सबसे लंबी कपाल तंत्रिका: वेगस तंत्रिका (Vagus Nerve – 10वीं कपाल तंत्रिका)।
प्रश्न 6. किसी भी पारिस्थितिक तन्त्र में ऊर्जा का पिरामिड़ होता है :
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सही उत्तर : (A) हमेशा सीधा
विस्तृत व्याख्या :
किसी भी पारिस्थितिक तंत्र (चाहे वह स्थलीय हो, जलीय हो, वन हो या घास का मैदान हो) में ‘ऊर्जा का पिरामिड’ (Pyramid of Energy) ‘हमेशा सीधा’ (Always Upright) ही होता है। इसका कारण यह है कि उत्पादक स्तर से सर्वोच्च उपभोक्ता स्तर की ओर जाने पर ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम और लिंडमैन के 10% नियम के अनुसार ऊर्जा की मात्रा निरंतर घटती जाती है।
किसी भी पारिस्थितिक तंत्र (चाहे वह स्थलीय हो, जलीय हो, वन हो या घास का मैदान हो) में ‘ऊर्जा का पिरामिड’ (Pyramid of Energy) ‘हमेशा सीधा’ (Always Upright) ही होता है। इसका कारण यह है कि उत्पादक स्तर से सर्वोच्च उपभोक्ता स्तर की ओर जाने पर ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम और लिंडमैन के 10% नियम के अनुसार ऊर्जा की मात्रा निरंतर घटती जाती है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- ऊर्जा का पिरामिड: सदैव सीधा (Never Inverted)।
- जैवभार का पिरामिड (Biomass): स्थलीय तंत्र में सीधा, परंतु तालाब/जलीय तंत्र में उल्टा (Inverted) होता है।
- संख्या का पिरामिड (Number): सामान्यतः सीधा, परंतु एकल वृक्ष पर उल्टा होता है।
प्रश्न 7. भोजन में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का उपयोग किया जाता है :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (B) स्वाद बढ़ाने में
विस्तृत व्याख्या :
मोनोसोडियम ग्लूटामेट (Monosodium Glutamate – MSG, जिसे बोलचाल में ‘अजीनोमोटो’ भी कहते हैं) का उपयोग खाद्य पदार्थों में ‘स्वाद बढ़ाने’ (Flavor Enhancer) के लिए किया जाता है। यह जीभ की स्वाद कलिकाओं पर पांचवें बुनियादी स्वाद ‘उमामी’ (Umami – नमकीन/मांस जैसा स्वादिष्ट स्वाद) को उत्तेजित करता है। इसका बहुतायत से उपयोग चाइनीज और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में होता है।
मोनोसोडियम ग्लूटामेट (Monosodium Glutamate – MSG, जिसे बोलचाल में ‘अजीनोमोटो’ भी कहते हैं) का उपयोग खाद्य पदार्थों में ‘स्वाद बढ़ाने’ (Flavor Enhancer) के लिए किया जाता है। यह जीभ की स्वाद कलिकाओं पर पांचवें बुनियादी स्वाद ‘उमामी’ (Umami – नमकीन/मांस जैसा स्वादिष्ट स्वाद) को उत्तेजित करता है। इसका बहुतायत से उपयोग चाइनीज और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में होता है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- MSG: स्वाद वर्धक (Flavor Enhancer)।
- उमामी स्वाद: मीठा, खट्टा, खारा और कड़वा के बाद 5वां स्वाद।
- रासायनिक सूत्र: C5H8NO4Na।
प्रश्न 8. आपदा प्रबन्धन एक्ट बनाया गया था :
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (C) 2005
विस्तृत व्याख्या :
भारत की संसद द्वारा ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005’ (Disaster Management Act, 2005) 23 दिसंबर 2005 को पारित एवं अधिसूचित किया गया था। यह कानून 2004 में आई हिंद महासागर सुनामी की पृष्ठभूमि में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और शमन हेतु बनाया गया था। इसी कानून के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और NDRF का गठन किया गया।
भारत की संसद द्वारा ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005’ (Disaster Management Act, 2005) 23 दिसंबर 2005 को पारित एवं अधिसूचित किया गया था। यह कानून 2004 में आई हिंद महासागर सुनामी की पृष्ठभूमि में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और शमन हेतु बनाया गया था। इसी कानून के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और NDRF का गठन किया गया।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- अधिनियम वर्ष: 2005 (23 दिसंबर 2005)।
- NDMA अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री।
- SDMA अध्यक्ष: संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री।
- DDMA अध्यक्ष: जिला कलेक्टर/मजिस्ट्रेट।
प्रश्न 9. इनमें से कौन-सी बीमारी कोरोना वाइरस से सम्बंधित है ?
👁️ उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर : (D) उपरोक्त सभी
विस्तृत व्याख्या :
ये तीनों ही बीमारियाँ ‘कोरोना वायरस परिवार’ (Coronaviridae Family) के वायरसों के कारण होती हैं:
1. MERS (मर्स – Middle East Respiratory Syndrome) : MERS-CoV के कारण (2012 में सऊदी अरब से शुरू)।
2. SARS (सार्स – Severe Acute Respiratory Syndrome) : SARS-CoV के कारण (2002-03 में चीन से शुरू)।
3. COVID-19 : SARS-CoV-2 के कारण (2019 में वुहान, चीन से शुरू)।
अतः सही उत्तर (D) उपरोक्त सभी है।
ये तीनों ही बीमारियाँ ‘कोरोना वायरस परिवार’ (Coronaviridae Family) के वायरसों के कारण होती हैं:
1. MERS (मर्स – Middle East Respiratory Syndrome) : MERS-CoV के कारण (2012 में सऊदी अरब से शुरू)।
2. SARS (सार्स – Severe Acute Respiratory Syndrome) : SARS-CoV के कारण (2002-03 में चीन से शुरू)।
3. COVID-19 : SARS-CoV-2 के कारण (2019 में वुहान, चीन से शुरू)।
अतः सही उत्तर (D) उपरोक्त सभी है।
📌 परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts):
- MERS-CoV: मर्स (वाहक: ऊंट)।
- SARS-CoV: सार्स (वाहक: सिवेट बिल्ली)।
- SARS-CoV-2: कोविड-19 (महामारी 2020)।