MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 11 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 11MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक राजशेखर द्वारा नहीं लिखी गई है ?
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✓ सही उत्तर : (C) प्रबंधचिन्तामणि
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘प्रबंधचिन्तामणि’ की रचना 1305 ई. में जैन विद्वान मेरुतुंग ने की थी। जबकि काव्यमीमांसा, कर्पूरमंजरी (सट्टक) और विद्धशालभंजिका महाकवि राजशेखर की प्रमुख रचनाएं हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- राजशेखर गुर्जर-प्रतिहार शासक महेंद्रपाल प्रथम और महिपाल के गुरु व राजकवि थे, तथा बाद में त्रिपुरी (जबलपुर) के कलचुरि शासक युवराजदेव प्रथम के दरबार में रहे।
- त्रिपुरी के कलचुरि दरबार में ही राजशेखर ने अपने प्रसिद्ध नाटक ‘विद्धशालभंजिका’ का मंचन कराया था, जिसमें युवराजदेव प्रथम को ‘उज्जयिनी भुजंग’ कहा गया है।
- राजशेखर की अन्य कृतियां: बालरामायण, बालभारत (प्रचंड पांडव), हरविलास और भुवनकोश।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. ‘आल्हाखण्ड’ के लेखक कौन हैं ?
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✓ सही उत्तर : (D) जगनिक
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘आल्हाखण्ड’ बुंदेलखंड के प्रसिद्ध वीरगाथा कालीन कवि जगनिक द्वारा रचित है। जगनिक चंदेल वंश के प्रतापी राजा परमार्दिदेव (परमाल) के दरबारी कवि थे। इसमें महोबा के दो अमर वीर सेनापतियों आल्हा और ऊदल की 52 लड़ाइयों का ओजस्वी वर्णन मिलता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इसे विश्व का सबसे लंबा मौखिक लोक महाकाव्य माना जाता है, जिसे वर्षा ऋतु में ग्रामीण अंचलों में बड़े उत्साह से गाया जाता है।
- वर्ष 1865 में फर्रुखाबाद के तत्कालीन ब्रिटिश कलेक्टर चार्ल्स इलियट ने सर्वप्रथम आल्हाखण्ड की मौखिक गाथाओं का संकलन कराकर इसे लिपिबद्ध कराया था।
- चन्दबरदाई ने ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की थी।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक केशवदास द्वारा नहीं लिखी गई है ?
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✓ सही उत्तर : (D) राम रसायन
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘राम रसायन’ रीतिकालीन कवि पद्माकर (सागर, म.प्र.) की रचना है। केशवदास जी की रचना नहीं है। केशवदास (ओरछा) को हिंदी साहित्य में रीतिकाल का प्रवर्तक माना जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- केशवदास की अमर रचनाएं: रामचन्द्रिका, कविप्रिया, रसिकप्रिया, रतन बावनी, वीरसिंहदेव चरित, जहांगीर जसचंद्रिका और विज्ञानगीता।
- केशवदास को क्लिष्ट भाषा और अलंकारों की बहुलता के कारण आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने ‘कठिन काव्य का प्रेत’ कहा था।
- पद्माकर की अन्य कृतियां: हिम्मतबहादुर विरुदावली, जगत विनोद, पद्माभरण, गंगालहरी और प्रबोध पचासा।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. मध्यप्रदेश में मातंगेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है ?
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✓ सही उत्तर : (D) खजुराहो
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मातंगेश्वर मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो (छतरपुर जिला) के पश्चिमी मंदिर समूह में स्थित भगवान शिव का ऐतिहासिक मंदिर है। इसका निर्माण चंदेल वंश के शासक हर्षवर्मन ने 10वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में कराया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- खजुराहो के सभी प्राचीन मंदिरों में से केवल मातंगेश्वर मंदिर ही एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ आज भी निरंतर दैनिक पूजा-अर्चना की जाती है।
- इस मंदिर के गर्भगृह में लगभग 8 फीट ऊंचा विशाल पारद/मरकत शिवलिंग स्थापित है।
- खजुराहो को वर्ष 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. मध्यप्रदेश के किस क्षेत्र में “मनसुखा” लोक नाट्य प्रचलित है ?
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✓ सही उत्तर : (C) बघेलखण्ड
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘मनसुखा’ मध्य प्रदेश के बघेलखण्ड अंचल का एक पारंपरिक हास्य-व्यंग्य प्रधान लोकनाट्य है। यह मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला पर आधारित होता है, जिसमें ‘मनसुखा’ विदूषक (हंसाने वाले पात्र) की केंद्रीय भूमिका निभाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- बघेलखंड के अन्य प्रमुख लोकनाट्य: छाहुर, हिंगोला, जिंदबा/लकड़बग्घा।
- मालवा का राजकीय लोकनाट्य: माच (जनक: गुरु गोपाल जी)।
- निमाड़ का प्रमुख लोकनाट्य: गम्मत और रासलीला।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. बघेलखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर रणमत सिंह को कब फाँसी दी गई ?
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✓ सही उत्तर : (C) अगस्त, 1859
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1857 की क्रांति में रीवा और बघेलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार युद्ध लड़ने वाले क्रांतिवीर ठाकुर रणमत सिंह (मनकहरी गाँव, सतना) को अंग्रेजों ने बंदी बनाकर अगस्त 1859 में बांदा जेल (उत्तर प्रदेश) में फाँसी दी थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ठाकुर रणमत सिंह ने रीवा नरेश रघुराज सिंह की सेना से बगावत कर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष छेड़ा था और भिलगवां के युद्ध में अंग्रेजी अफसर कर्नल डन को पराजित किया था।
- रीवा स्थित प्रसिद्ध ‘ठाकुर रणमत सिंह (TRS) कॉलेज’ का नामकरण इन्हीं अमर बलिदानी के सम्मान में किया गया है।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने भीमबेटका के शैलाश्रयों की खोज कब की ?
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✓ सही उत्तर : (D) 1957-1958
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में विंध्याचल की पहाड़ियों में स्थित पुरापाषाणिक व मध्यपाषाणिक गुफाओं और शैलचित्रों के विश्व प्रसिद्ध स्थल ‘भीमबेटका’ की खोज विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के पुरातत्ववेत्ता पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने 1957-1958 में की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- वर्ष 2003 में यूनेस्को ने भीमबेटका को ‘विश्व धरोहर स्थल’ (UNESCO World Heritage Site) घोषित किया।
- यहाँ 750 से अधिक शैलाश्रय प्राप्त हुए हैं, जिनमें 500 से अधिक में आदिमानव द्वारा बनाए गए दुर्लभ शैलचित्र विद्यमान हैं।
- डॉ. वाकणकर ने कायथा और नवदाटोली का भी उत्खनन किया था।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. उचेहरा कांस्य शिल्प का बड़ा केन्द्र है। उचेहरा मध्यप्रदेश के किस जिले में स्थित है ?
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✓ सही उत्तर : (B) सतना
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: उचेहरा मध्य प्रदेश के सतना जिले की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक तहसील व कस्बा है। उचेहरा सदियों से अपने पारंपरिक कांस्य/कांसा शिल्प (Bell Metal / Bronze Ware) और धातु के उत्कृष्ट बर्तनों (जैसे कांसा की थाली, बटलोई) के निर्माण हेतु पूरे देश में प्रसिद्ध है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- मध्य प्रदेश के प्रमुख धातु शिल्प केंद्र: टीकमगढ़ एवं दतिया का पीतल व बेल मेटल शिल्प (GI टैग), डिंडोरी का ढोकरा शिल्प (बैगा/गोंड जनजाति द्वारा लॉस्ट वैक्स तकनीक)।
- उचेहरा कभी नागौद रियासत का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र भी रहा था।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. बाघ (जिला धार) की किस गुफा को ‘रंग महल’ कहा जाता है ?
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✓ सही उत्तर : (C) चौथी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: धार जिले में बाघिनी नदी के किनारे विंध्याचल पर्वत श्रृंखला में स्थित बौद्ध युगीन बाघ की गुफाओं में ‘गुफा संख्या 4’ को ‘रंग महल’ (Palace of Colors) कहा जाता है। इस गुफा में सर्वाधिक सुंदर, रंगीन और जीवंत भित्तिचित्र (Frescoes) प्राप्त हुए हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- बाघ में कुल 9 गुफाएं हैं (वर्तमान में 1 से 5 सुरक्षित हैं): गुफा 1: गृह गुफा, गुफा 2: पाण्डव गुफा, गुफा 3: हाथी गुफा, गुफा 4: रंग महल, गुफा 5: पाठशाला।
- बाघ गुफाओं की खोज 1818 में डेंजरफील्ड (Dangerfield) ने की थी।
- ये गुफाएं गुप्तकालीन बौद्ध कला का अनुपम उदाहरण हैं और अजंता की गुफाओं की समकालीन मानी जाती हैं।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 10
प्रश्न 10. छतरपुर के चरण पादुका गोली कांड में भीड़ पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया ?
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✓ सही उत्तर : (A) जी.टी. फिशर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी, 1931 को छतरपुर जिले में उर्मिल नदी के तट पर स्थित चरण पादुका मैदान में चल रही शांतिपूर्ण स्वतंत्रता सभा पर नौगांव छावनी के ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेंट कर्नल जी.टी. फिशर ने अंधाधुंध गोलियां चलवाई थीं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस बर्बर हत्याकांड को ‘मध्य प्रदेश का जलियाँवाला बाग हत्याकांड’ कहा जाता है।
- इसमें सेठ सुंदरलाल गुप्त, धर्मदास, रामलाल, हलकई अहीर सहित 21 देशभक्त शहीद हुए थे।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 11
प्रश्न 11. टूरिया जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया ?
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✓ सही उत्तर : (D) मूका लोहार
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के दौरान मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के टूरिया गाँव में अंग्रेजी वन कानूनों के विरोध में जंगल सत्याग्रह हुआ। इसका नेतृत्व स्थानीय आदिवासी नायक ‘मूका लोहार’ और बिरजू भोई ने किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 9 अक्टूबर 1930 को पुलिस गोलीबारी में वीरांगना गुद्दो बाई, रेमो बाई और डेमा बाई शहीद हो गई थीं।
- बैतूल के घोड़ाडोंगरी जंगल सत्याग्रह (1930) का नेतृत्व गंजन सिंह कोरकू ने किया था।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 10 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 10MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन पारंपरिक माच गायन शैली से सम्बद्ध है ?
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✓ सही उत्तर : (D) ओम प्रकाश शर्मा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: उज्जैन के प्रसिद्ध रंगकर्मी पंडित ओम प्रकाश शर्मा मालवा के पारंपरिक लोकनाट्य ‘माच’ (Maach) के मूर्धन्य कलाकार, संगीतकार और माच गायन शैली के सिद्धहस्त उस्ताद हैं। उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ‘माच’ मध्य प्रदेश का राजकीय लोकनाट्य है, जिसका उद्गम उज्जैन में हुआ (जनक: गुरु गोपाल जी)।
- कालूराम बामनिया: देवास के कबीर भजन गायक (पद्मश्री प्राप्त)।
- सत्येंद्र सिंह लोहिया: भिंड के अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग पैरा-तैराक (पद्मश्री प्राप्त)।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों को उनके क्रान्ति क्षेत्र से सुमेलित कीजिए :
(1) राजा मर्दन सिंह – (i) नेमावर
(2) राजा दौलत सिंह – (ii) भानपुर (बानपुर)
(3) राजा बखतवली – (iii) शाहगढ़
(4) मुराद अली – (iv) महू
कूट :
(1) राजा मर्दन सिंह – (i) नेमावर
(2) राजा दौलत सिंह – (ii) भानपुर (बानपुर)
(3) राजा बखतवली – (iii) शाहगढ़
(4) मुराद अली – (iv) महू
कूट :
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✓ सही उत्तर : (A) (ii) (i) (iii) (iv)
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में: राजा मर्दन सिंह – बानपुर/भानपुर (ललितपुर सीमा) -> (ii); राजा दौलत सिंह – नेमावर (देवास) -> (i); राजा बखतवली – शाहगढ़ (सागर) -> (iii); तथा मुराद अली खान – महू छावनी -> (iv)। अतः सही कूट (A) है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- राजा मर्दन सिंह (बानपुर) और राजा बखतवली (शाहगढ़) ने रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के साथ मिलकर बुंदेलखंड में अंग्रेजों के दांत खट्टे किए थे।
- महू छावनी में 1 जुलाई 1857 को सादत खान, भागीरथ सिलावट और मुराद अली खान ने अंग्रेजी सेना पर धावा बोला था।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. नर्मदा नदी का साहित्यिक सन्दर्भ सर्वप्रथम कहाँ मिलता है ?
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✓ सही उत्तर : (A) शतपथ ब्राह्मण
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: पवित्र नर्मदा नदी का प्राचीनतम साहित्यिक उल्लेख वैदिक साहित्य के अंतर्गत शुक्ल यजुर्वेद के ‘शतपथ ब्राह्मण’ (12/9/3/1) में ‘रेवोत्तरस’ (Revottaras पाटव चक्र के संदर्भ में) के रूप में मिलता है, जो रेवा (नर्मदा) नदी के कछार में निवास करने वाले लोगों का संकेत है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- नर्मदा का पौराणिक नाम ‘रेवा’ (उछलने-कूदने वाली) तथा ‘मेकलसुता’ (अमरकंटक/मेकल पर्वत से निकलने के कारण) है।
- भूगोलवेत्ता टॉलेमी ने नर्मदा को ‘नामोदोष’ (Namados) कहा था।
- ऋग्वेद में नर्मदा का सीधा उल्लेख नहीं मिलता, वैदिक संहिताओं में सर्वप्रथम शतपथ ब्राह्मण में इसका प्रसंग आता है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. किस ताम्रपाषाणयुगीन स्थल को वराहमिहिर का जन्म स्थल भी कहा जाता है ?
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✓ सही उत्तर : (B) कायथा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: उज्जैन जिले में छोटी कालीसिंध नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध ताम्रपाषाणिक स्थल ‘कायथा’ (प्राचीन नाम: कपित्थक) गुप्तकालीन महान खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और ज्योतिषाचार्य ‘वराहमिहिर’ की जन्मस्थली है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- वराहमिहिर ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘बृहज्जातक’ में स्वयं को ‘कपित्थक’ (कायथा) का निवासी तथा सूर्यदेव का उपासक बताया है।
- वराहमिहिर की प्रमुख कृतियां: पंचसिद्धांतिका, वृहत्संहिता, वृहज्जातक और लघुजातक।
- कायथा पुरातात्विक स्थल की खोज 1964 में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने की थी (कायथा संस्कृति: 2000-1800 ई.पू.)।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. शंकर राव पंडित का सम्बन्ध किस विधा से था ?
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✓ सही उत्तर : (C) ख्याल गायकी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: पंडित शंकर राव पंडित (1863-1917) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सबसे प्राचीन ‘ग्वालियर घराना’ के मूर्धन्य ख्याल गायक थे। वे उस्ताद हस्सू खां, हद्दू खां और नत्थू खां के परम शिष्य थे तथा पद्मभूषण पंडित कृष्णराव शंकर पंडित के पिता एवं गुरु थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ग्वालियर घराना को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की ‘ख्याल शैली की गंगोत्री’ माना जाता है।
- 1914 में ग्वालियर में ‘शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय’ की स्थापना इन्हीं की स्मृति में की गई थी।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. गम्मत लोकनाट्य का सूत्रधार क्या कहलाता है ?
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✓ सही उत्तर : (B) ठोठ्या
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल के अत्यंत लोकप्रिय व्यंग्य प्रधान लोकनाट्य ‘गम्मत’ (Gammat) के मुख्य सूत्रधार तथा हास्य पात्र (विदूषक) को स्थानीय बोली में ‘ठोठ्या’ (Thothya) कहा जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- गम्मत में ‘ठोठ्या’ अपनी हाजिरजवाबी, चटपटे संवादों और कटाक्ष से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करता है और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करता है।
- गम्मत प्रायः नवरात्र, होली और गणगौर के पर्व पर खुले रंगमंच पर रातभर प्रस्तुत किया जाता है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. मोहनखेड़ा जैन तीर्थ निम्न में से किस जिले में स्थित है ?
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✓ सही उत्तर : (B) धार
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मोहनखेड़ा मध्य प्रदेश के धार जिले में सरदारपुर/राजगढ़ के समीप स्थित श्वेतांबर जैन संप्रदाय का एक सुप्रसिद्ध और भव्य अतिशय तीर्थ स्थल है। इसकी स्थापना 1884 ई. में जैन आचार्य श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराज ने की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- यहाँ प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की 16 फीट ऊंची पद्मासन मुद्रा में श्वेत पाषाण प्रतिमा तथा राजेंद्र सूरीश्वर जी की समाधि मंदिर स्थापित है।
- मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख जैन तीर्थ: बावनगजा (बड़वानी), पावागिरि/ऊन (खरगोन), मुक्तागिरि (बैतूल), कुंडलपुर (दमोह), गोमटगिरि (इंदौर)।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. कुमारगुप्त और बन्धुवर्मन के दशपुर अभिलेख के सम्बन्ध में कौन-सा कथन ग़लत है ?
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✓ सही उत्तर : (D) इस अभिलेख की रचना भवभूति ने की थी।
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कथन (D) पूर्णतः गलत है, क्योंकि दशपुर (मंदसौर) के इस ऐतिहासिक शिलालेख की रचना गुप्तकालीन संस्कृत के प्रकांड विद्वान ‘वत्सभट्टि’ (Vatsabhatti) ने की थी, न कि भवभूति ने। भवभूति 8वीं शताब्दी (कन्नौज नरेश यशोवर्मन के दरबारी) के नाटककार थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- दशपुर अभिलेख (473 ई.) में गुजरात के लाट प्रदेश से दशपुर आकर बसे रेशम बुनकरों की गिल्ड (श्रेणी/तंतुवाय श्रेणी) द्वारा भव्य सूर्य मंदिर के निर्माण व जीर्णोद्धार का उल्लेख है।
- इसमें रेशमी वस्त्रों की सुंदरता का ऐसा काव्यात्मक विवरण है कि इसे ‘संसार का प्रथम विज्ञापन अभिलेख’ कहा जाता है।
- इसमें तत्कालीन गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम और मालवा के स्थानीय औलिकर शासक बंधुवर्मन का उल्लेख है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. कोहबर क्या है ?
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✓ सही उत्तर : (A) वैवाहिक आनुष्ठानिक भित्तिचित्र
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘कोहबर’ (Kohbar) मध्य प्रदेश के बघेलखंड और बुंदेलखंड अंचल (तथा संपूर्ण उत्तर भारत) में विवाह के पावन अवसर पर दूल्हा-दुल्हन के वैवाहिक कक्ष की दीवारों पर बनाया जाने वाला एक पारंपरिक आनुष्ठानिक भित्तिचित्र (Ritualistic Wall Painting) है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- कोहबर में कुलदेवता, गणेश, शिव-पार्वती, सूर्य-चंद्र, बांस का पेड़, कमल, मछली और कछुए जैसे शुभ एवं उर्वरता (Fertility) व सौभाग्य के प्रतीक चिन्ह प्राकृतिक गेरू और पिसे चावल (ऐपन) से चित्रित किए जाते हैं।
- बघेलखंड के अन्य प्रमुख पारंपरिक लोकचित्र: तिलंगा, न्युरानौमेय, छठी चित्र।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 10
प्रश्न 10. यशोधर्मन के सोंधनी अभिलेख के रचयिता कौन हैं ?
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✓ सही उत्तर : (B) वासुल कवि
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मंदसौर नगर से लगभग 4 किमी दूर सोंधनी गाँव में स्थित मालवा के प्रतापी औलिकर नरेश यशोधर्मन ‘विष्णुवर्धन’ के दो अद्वितीय एकाश्मक विजय स्तंभों पर उत्कीर्ण संस्कृत प्रशस्ति के रचयिता ‘वासुल’ (कवि वासुल) थे तथा उत्कीर्णक गोविंद थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस अभिलेख में यशोधर्मन द्वारा क्रूर हूण आक्रांता ‘मिहिरकुल’ को पराजित कर अपने चरणों में झुकाने का गौरवशाली वर्णन है।
- अभिलेख में कहा गया है कि जिस मिहिरकुल का सिर कभी भगवान शिव के अलावा किसी के आगे नहीं झुका, उसने यशोधर्मन के चरणों की वंदना की।
- रविकीर्ति ने पुलकेशिन द्वितीय का ऐहोल अभिलेख लिखा था।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 8 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 8MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. वर्ष 1948 में बुंदेलखण्ड एवं बघेलखण्ड को जोड़कर कौन-सा प्रदेश अस्तित्व में आया था ?
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✓ सही उत्तर : (B) विंध्य प्रदेश
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: भारतीय स्वतंत्रता के उपरांत अप्रैल 1948 में बुंदेलखंड और बघेलखंड की 35 देशी रियासतों (रीवा, पन्ना, छतरपुर आदि) को मिलाकर ‘विंध्य प्रदेश’ (Vindhya Pradesh) का गठन किया गया था, जिसकी राजधानी रीवा बनाई गई थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- विंध्य प्रदेश के राजप्रमुख रीवा के महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव बने तथा प्रथम मुख्यमंत्री पंडित शंभूनाथ शुक्ल बने।
- 1950 में इसे ‘पार्ट-सी’ (Part-C) राज्य का दर्जा दिया गया और 1 नवंबर 1956 को नए मध्य प्रदेश में इसका विलय हुआ।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. सागर के आंचलिक क्षेत्रों में दीपावली के अवसर पर कौन-सा लोकनृत्य प्रचलित है ?
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✓ सही उत्तर : (A) मौनी नृत्य
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: बुंदेलखंड के सागर, दमोह आदि आंचलिक क्षेत्रों में दीपावली के पावन पर्व (विशेष रूप से गोवर्धन पूजा और दूज) पर यादव/अहीर समुदाय द्वारा ‘मौनी नृत्य’ (मौनिया नृत्य / दिवारी नृत्य) अत्यंत उत्साह से किया जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इसमें नर्तक मोरपंख की लाठी लेकर पारंपरिक वेशभूषा में ढोलक और नगाड़े की थाप पर दिनभर मौन व्रत रखकर 12 गांवों की परिक्रमा कर नृत्य करते हैं।
- मांडल्य और फेफरिया: निमाड़ अंचल के लोकनृत्य हैं।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. चित्रकूट धार्मिक स्थल को किस एक अन्य नाम से भी पहचाना गया ?
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✓ सही उत्तर : (C) ब्रह्मपुरी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के सतना जिले में मंदाकिनी नदी के पावन तट पर स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल चित्रकूट को प्राचीन धार्मिक ग्रंथों एवं अनुश्रुतियों में ‘ब्रह्मपुरी’ (Brahmapuri) के नाम से भी संबोधित किया गया है, क्योंकि यहाँ ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने अनुसूया के सतीत्व के कारण बाल रूप में अवतार लिया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- भगवान श्रीराम, सीताजी और लक्ष्मण ने अपने 14 वर्षों के वनवास काल में से लगभग 11 वर्ष चित्रकूट के जंगलों में महर्षि अत्रि और अनुसूया के आश्रम में व्यतीत किए थे।
- चित्रकूट के प्रमुख स्थल: कामदगिरि पर्वत, रामघाट, जानकी कुंड, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, स्फटिक शिला।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. ‘मुकुल’ किसकी प्रसिद्ध साहित्यिक रचना है ?
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✓ सही उत्तर : (D) सुभद्रा कुमारी चौहान
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘मुकुल’ (1930) राष्ट्रीय चेतना और वीर रस की अमर कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान का प्रथम और सर्वाधिक प्रसिद्ध कविता संग्रह है। इसी संग्रह के लिए उन्हें 1931 में हिंदी साहित्य सम्मेलन का प्रतिष्ठित ‘सेकसरिया पुरस्कार’ प्रदान किया गया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- भारत की सबसे लोकप्रिय राष्ट्रीय कविता ‘झांसी की रानी’ (बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी…) तथा ‘वीरों का कैसा हो वसंत’ इसी मुकुल संग्रह में संकलित हैं।
- सुभद्रा कुमारी चौहान की अन्य प्रमुख कृतियां: ‘त्रिधारा’ (काव्य), ‘बिखरे मोती’ और ‘उन्मादिनी’ (कहानी संग्रह)।
- वे जबलपुर को अपनी कर्मस्थली मानकर स्वतंत्रता आंदोलन में जेल जाने वाली पहली महिला सत्याग्रही बनी थीं।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. ऐतिहासिक मतंगेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है ?
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✓ सही उत्तर : (C) खजुराहो
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: खजुराहो (छतरपुर) में स्थित मतंगेश्वर मंदिर 10वीं शताब्दी में चंदेल राजा हर्षवर्मन द्वारा निर्मित भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। यह खजुराहो का एकमात्र जीवित (सक्रिय पूजा स्थल) मंदिर है जहाँ महाशिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- खजुराहो के अन्य प्रमुख शिव मंदिर: कंदरिया महादेव, विश्वनाथ मंदिर, दूल्हादेव मंदिर।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. ‘रामचन्द्रिका’ किसकी प्रसिद्ध रचना है ?
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✓ सही उत्तर : (C) केशवदास
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘रामचन्द्रिका’ (1601 ई.) ओरछा के दरबारी महाकवि केशवदास द्वारा रचित अमर प्रबंध काव्य है। इसमें भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का विविध छंदों में सजीव और पांडित्यपूर्ण वर्णन किया गया है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- रामचन्द्रिका में छंदों की अत्यधिक विविधता के कारण आलोचकों ने इसे ‘छंदों का अजायबघर’ कहा है।
- कहा जाता है कि केशवदास ने तुलसीदास कृत रामचरितमानस की प्रतिस्पर्धा में मात्र एक ही रात में रामचन्द्रिका की रचना कर दी थी।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ ने दो काव्य — ‘प्राणार्पण’ तथा ‘आत्मोत्सर्ग’ किस पर लिखे ?
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✓ सही उत्तर : (A) गणेश शंकर विद्यार्थी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के शाजापुर (भयाना गाँव) में जन्मे ओजस्वी राष्ट्रीय कवि बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ ने अपने राजनीतिक गुरु, पत्रकारिता के आदर्श और ‘प्रताप’ अखबार के संपादक अमर शहीद ‘गणेश शंकर विद्यार्थी’ के बलिदान पर ‘प्राणार्पण’ और ‘आत्मोत्सर्ग’ नामक दो भावपूर्ण शोक-काव्य लिखे थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- गणेश शंकर विद्यार्थी 25 मार्च 1931 को कानपुर के भीषण सांप्रदायिक दंगों में लोगों की जान बचाते हुए शहीद हो गए थे।
- नवीन जी की अन्य प्रसिद्ध रचनाएं: कुंकुम, रश्मिरेखा, अपलक, क्वासि, हम विषपायी जनम के, और उर्मिला (महाकाव्य)।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. स्वतंत्रता आंदोलन में निवाड़ी जिले की थौना-लुहारी गोलीकांड की घटना कब घटित हुई थी ?
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✓ सही उत्तर : (C) 1939
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ओरछा रियासत (वर्तमान निवाड़ी जिला) में प्रजामंडल आंदोलन और बेगार प्रथा के विरोध के दौरान वर्ष 1939 में थौना और लुहारी गाँव में पुलिस द्वारा किसानों और सत्याग्रहियों पर बर्बर गोलीबारी की गई थी, जिसमें देशभक्त लालाराम बाजपेयी शहीद हो गए थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस घटना को बुंदेलखंड के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ माना जाता है।
- निवाड़ी 1 अक्टूबर 2018 को टीकमगढ़ से अलग होकर मध्य प्रदेश का 52वां जिला बना था।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 7 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 7MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. निर्मल वर्मा पुरस्कार, मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा किस क्षेत्र में दिया जाता है ?
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✓ सही उत्तर : (D) भारतीय प्रवासी द्वारा हिन्दी भाषा का प्रचार एवं विकास
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग (मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति) द्वारा ‘निर्मल वर्मा सम्मान’ प्रतिवर्ष किसी अप्रवासी भारतीय (NRI) अथवा विदेशी नागरिक को विदेशों में हिंदी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संवर्धन और वैश्विक प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रदान किया जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इसमें ₹5 लाख की आयकर मुक्त सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका और शॉल-श्रीफल भेंट किया जाता है।
- प्रसिद्ध कथाकार और निबंधकार निर्मल वर्मा के नाम पर यह राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किस स्तूप के तोरण द्वार पर अशोक एवं उसकी दो रानियों के साथ बोधिवृक्ष तीर्थयात्रा का अंकन मिलता है ?
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✓ सही उत्तर : (B) सांची
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: रायसेन जिले में स्थित सांची के महास्तूप (स्तूप संख्या 1) के ‘दक्षिणी तोरण द्वार’ (South Gateway) के स्तंभ पर मौर्य सम्राट अशोक को अपनी दो रानियों के साथ बोधगया के पवित्र बोधिवृक्ष की धार्मिक तीर्थयात्रा करते हुए अत्यंत सजीव रूप से नक्काशीदार पत्थरों पर चित्रित किया गया है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- सांची स्तूप को 1989 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
- सांची के तोरण द्वारों का निर्माण शुंग और सातवाहन काल में हुआ था, जिसमें जातक कथाओं और बुद्ध के जीवन प्रसंगों का अंकन है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी भागीरथ सिलावट, सादत खान एवं वंश गोपाल का संबंध निम्नलिखित में से किस स्थान से है ?
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✓ सही उत्तर : (B) इन्दौर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में होलकर रियासत की सेना के तोपखाना रिसालदार सादत खान, भागीरथ सिलावट और वंश गोपाल ने 1 जुलाई 1857 को इंदौर और महू छावनी में ब्रिटिश रेजीडेंसी पर भीषण हमला कर अंग्रेजों को भागने पर विवश कर दिया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- सादत खान को बाद में अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर इंदौर रेजीडेंसी में ही फांसी दी थी।
- इंदौर में रेजीडेंसी कोठी के पास स्थित सादत खान का मजार उनकी वीरता का ऐतिहासिक स्मारक है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से किस अरब लेखक ने कलचुरी शासक गांगेयदेव एवं उसकी राजधानी त्रिपुरी का विवरण दिया था ?
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✓ सही उत्तर : (C) अल-बरूनी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 11वीं शताब्दी के महान अरब-फारसी यात्री और इतिहासकार अल-बरूनी ने अपनी अमर कृति ‘किताब-उल-हिन्द’ (तहकीक-ए-हिन्द) में मध्य भारत के डाहल (चेदि) राज्य के प्रतापी कलचुरि सम्राट गांगेयदेव विक्रमादित्य और उनकी राजधानी त्रिपुरी (जबलपुर के निकट तेवर) का स्पष्ट और विस्तृत विवरण दिया है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- गांगेयदेव ने ‘त्रिकलिंगाधिपति’ और ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की थी तथा लक्ष्मी शैली के स्वर्ण सिक्के जारी किए थे।
- अल-बरूनी ने लिखा था कि गांगेयदेव उस समय मध्य भारत के सबसे शक्तिशाली शासकों में से एक थे।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म ग़लत है ?
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✓ सही उत्तर : (D) तुलसी शोध संस्थान – भोपाल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: युग्म (D) गलत है, क्योंकि ‘तुलसी शोध संस्थान’ भोपाल में नहीं, बल्कि चित्रकूट (सतना जिला) में स्थित है। इसकी स्थापना चित्रकूट में गोस्वामी तुलसीदास जी के साहित्य और दर्शन पर शोध हेतु की गई थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- साकेत रामायण कला संग्रहालय: ओरछा (निवाड़ी)।
- प्रेमचंद सृजन पीठ: विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन।
- मुक्तिबोध सृजन पीठ: डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर।
- निराला सृजन पीठ: बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल; सुभद्रा कुमारी चौहान सृजन पीठ: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. पंडित द्वारका प्रसाद मिश्र निम्नलिखित में से किस समाचार-पत्र के मुख्य संपादक थे ?
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✓ सही उत्तर : (C) लोकमत
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, प्रखर राजनेता और साहित्यकार पंडित द्वारका प्रसाद मिश्र जबलपुर से निकलने वाले प्रसिद्ध दैनिक राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘लोकमत’ (Lokmat) के मुख्य संपादक थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- उन्होंने ‘शारदा’ नामक मासिक साहित्यिक पत्रिका का भी संपादन किया था।
- पं. द्वारका प्रसाद मिश्र ने जेल में रहते हुए प्रसिद्ध महाकाव्य ‘कृष्णायन’ की रचना की थी, जिसे आधुनिक युग का रामचरितमानस माना जाता है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. धर्म राजेश्वर स्मारक निम्नलिखित में से किस प्राचीन नगर से संबंधित है ?
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✓ सही उत्तर : (A) दशपुर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के मंदसौर (प्राचीन नाम: दशपुर) जिले के गरोठ/शामगढ़ के समीप स्थित 8वीं-9वीं शताब्दी का प्रसिद्ध ‘धर्मराजेश्वर शैलकृत मंदिर’ दशपुर क्षेत्र से संबंधित है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- एलोरा के कैलाश मंदिर की तरह ही एक ही विशाल चट्टान को ऊपर से तराशकर बनाए जाने के कारण इसे ‘मालवा का एलोरा’ कहा जाता है।
- इसके मुख्य एकाश्मक मंदिर में भगवान शिव का शिवलिंग और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है, जिसके चारों ओर सात छोटे मंदिर बने हैं।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2021 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 11 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 11MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. श्री राम सहाय पाण्डे किस लोक नृत्य कला से संबंधित हैं ?
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✓ सही उत्तर : (A) राई
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सागर जिले के मढ़िया गाँव में जन्मे पंडित राम सहाय पाण्डे बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोकनृत्य ‘राई’ (Rai Dance) के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नर्तक और गुरु हैं। उन्होंने मृदंग की थाप पर राई को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिष्ठा दिलाई, जिसके लिए उन्हें वर्ष 2022 में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ‘राई’ मध्य प्रदेश का राजकीय लोकनृत्य है (बुंदेलखंड व बघेलखंड का प्रमुख नृत्य)।
- बुंदेलखंड में राई नृत्य बेड़नी नर्तकी और मृदंग वादक द्वारा तीव्र गति से प्रस्तुत किया जाता है।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन मध्यप्रदेश के प्रमुख चित्रकार नहीं हैं ?
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✓ सही उत्तर : (C) नाना साहेब पेनसे
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: नाना साहेब पेनसे (दमोह/ग्वालियर) मध्य प्रदेश के मूर्धन्य शास्त्रीय संगीतज्ञ और ‘मृदंग / पखावज वादक’ थे, चित्रकार नहीं। जबकि एन.एस. बेन्द्रे (इंदौर), विष्णु चिंचालकर (आलोट/देवास) और अमृतलाल बेगड़ (जबलपुर) मध्य प्रदेश के विश्वविख्यात चित्रकार हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अमृतलाल बेगड़ को ‘नर्मदा पुत्र’ कहा जाता है; उन्होंने नर्मदा पदयात्रा पर अमर पुस्तकें (‘अमृतस्य नर्मदा’, ‘तीरे-तीरे नर्मदा’) लिखीं और रेखाचित्र बनाए।
- विष्णु चिंचालकर सूखे पत्तों, टहनियों और प्राकृतिक वस्तुओं से कोलाज/चित्र बनाने के लिए प्रसिद्ध थे।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. किस तीर्थस्थल का प्राचीन नाम ‘मांधाता’ है ?
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✓ सही उत्तर : (B) ओंकारेश्वर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के खंडवा (पूर्वी निमाड़) जिले में नर्मदा नदी के मध्य ॐ (ओम) के आकार के मान्धाता द्वीप पर स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ‘ओंकारेश्वर’ का प्राचीन नाम ‘मांधाता’ (Mandhata) है। इक्ष्वाकु वंश के राजा मांधाता ने यहाँ घोर तपस्या की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी दो धाराओं में बंटकर मांधाता द्वीप का निर्माण करती है।
- हाल ही में ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ (एकात्मता की प्रतिमा) का अनावरण किया गया है।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. ‘तुर्रा कलंगी’ लोकनाट्य किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है ?
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✓ सही उत्तर : (B) निमाड़
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘तुर्रा कलंगी’ मध्य प्रदेश के निमाड़ (तथा मालवा) अंचल में प्रचलित एक पारंपरिक काव्यात्मक प्रतिस्पर्धात्मक लोकनाट्य और गायन शैली है। यह लगभग 400 वर्ष पुराना है और इसका उद्गम चंदेरी से माना जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- यह शिव और शक्ति के दो अखाड़ों के बीच काव्यात्मक मुकाबला होता है: ‘तुर्रा’ अखाड़ा भगवान शिव का प्रतीक (भगवा ध्वज) और ‘कलंगी’ अखाड़ा शक्ति/पार्वती का प्रतीक (हरा ध्वज) होता है।
- निमाड़ में उस्ताद चेतराम और तुकनगीर इसके अमर प्रवर्तक माने जाते हैं।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. निम्न में से कौन-सा अभिलेख विश्व के प्रथम विज्ञापन के तौर पर जाना जाता है ?
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✓ सही उत्तर : (A) दशपुर अभिलेख
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल का वत्सभट्टि द्वारा रचित ‘दशपुर (मंदसौर) अभिलेख’ विश्व का प्रथम विज्ञापन माना जाता है। इसमें लाट (गुजरात) से दशपुर आए रेशम बुनकरों द्वारा रेशमी वस्त्रों की सुंदरता और आकर्षण का विज्ञापन जैसा मनोहारी वर्णन किया गया है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- एरण अभिलेख (510 ई., सागर): भानुगुप्त के समय का अभिलेख, जिसमें भारत में ‘सती प्रथा का प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य’ (गोपराज की पत्नी का सती होना) मिलता है।
- सोहगौरा ताम्रपत्र (गोरखपुर): अकाल राहत और अन्नागार का प्राचीनतम अभिलेखीय साक्ष्य।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. मालव संवत इस नाम से भी जाना जाता है :
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✓ सही उत्तर : (B) कृत संवत
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 57 ईसा पूर्व में प्रारंभ हुए ऐतिहासिक ‘विक्रम संवत’ को प्रारंभिक अभिलेखों में सर्वप्रथम ‘कृत संवत’ (Krita Samvat) तथा बाद में मालव गण द्वारा प्रयोग किए जाने के कारण ‘मालव संवत’ कहा गया। बाद में चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के काल से यह ‘विक्रम संवत’ नाम से लोकप्रिय हुआ।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- दशपुर (मंदसौर) के अधिकांश औलिकर कालीन अभिलेखों में मालव संवत/कृत संवत का ही उल्लेख मिलता है।
- शक संवत 78 ई. में कनिष्क द्वारा प्रारंभ किया गया (भारत का राष्ट्रीय पंचांग)।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. निम्न में से कौन-सा मध्यकालीन शहर ‘छींट’ नामक छपे हुए सूती कपड़े के लिए प्रसिद्ध था ?
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✓ सही उत्तर : (B) सिरोंज
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्यकाल में विदिशा जिले का ऐतिहासिक व्यापारिक नगर ‘सिरोंज’ (Sironj) अपने हाथ से छपे हुए उत्कृष्ट सूती कपड़े ‘छींट’ (Chintz / कैलिको प्रिंट) के लिए समूचे भारत और विदेशों में विख्यात था। यहाँ के छींट कपड़े यूरोप, फारस और तुर्की तक भारी मात्रा में निर्यात किए जाते थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- प्रसिद्ध 17वीं सदी के फ्रांसीसी जौहरी और यात्री ज्यां-बैप्टिस्ट टेवर्नियर ने अपने यात्रा वृतांत में सिरोंज के छींट वस्त्र उद्योग का अत्यंत प्रशंसात्मक विवरण दिया है।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. निम्न में से कौन-सा कथन म.प्र. में स्वतंत्रता आन्दोलन के सम्बन्ध में असत्य है ?
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✓ सही उत्तर : (D) सिपाही बहादुर सरकार की स्थापना इन्दौर में की गई थी।
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कथन (D) असत्य है, क्योंकि 1857 की क्रांति के समय ‘सिपाही बहादुर सरकार’ की स्थापना इंदौर में नहीं, बल्कि सीहोर (Sehore) में विद्रोही सैनिकों द्वारा की गई थी। सूबेदार महावीर कोठा और वली शाह ने सीहोर छावनी को अंग्रेजों से मुक्त कराकर समानांतर स्वतंत्र सरकार स्थापित की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- खाज्या नायक और भीमा नायक (निमाड़ के रॉबिनहुड) ने बड़वानी और निमाड़ में अंग्रेजों से गोरिल्ला युद्ध लड़ा था।
- गोंडवाना के राजा शंकरशाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह को 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में तोप के मुहाने पर बांधकर उड़ा दिया गया था।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. निम्नलिखित में किस जिले में गोटमार मेला आयोजित होता है ?
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✓ सही उत्तर : (C) छिन्दवाड़ा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध और साहसिक ‘गोटमार मेला’ (Gotmar Mela) भाद्रपद मास की पोला अमावस्या के दूसरे दिन छिन्दवाड़ा (वर्तमान में नवगठित जिला पांढुरना) के पांढुरना नगर में जाम नदी के तट पर आयोजित होता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इसमें जाम नदी के बीच पलाश के पेड़ पर झंडी लगाई जाती है, और नदी के दोनों किनारों (पांढुरना और सावरगांव) के लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हुए झंडी तोड़ने की कोशिश करते हैं।
- यह मेला एक प्राचीन प्रेमी-प्रेमिका की लोककथा की स्मृति में आयोजित किया जाता है।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 10
प्रश्न 10. निम्न में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
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✓ सही उत्तर : (B) भवानी प्रसाद – गीत फरोश, सतपुड़ा के घने जंगल, हिमतरंगिनी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: युग्म (B) सुमेलित नहीं है, क्योंकि ‘हिमतरंगिनी’ (तथा हिमकिरीटिनी) राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की अमर रचना है, जिसके लिए उन्हें 1955 में प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। भवानी प्रसाद मिश्र की रचनाएं ‘गीत फरोश’ और ‘सतपुड़ा के घने जंगल’ हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- हरिशंकर परसाई (होशंगाबाद): प्रसिद्ध व्यंग्यकार (विकलांग श्रद्धा का दौर, रानी नागफनी की कहानी)।
- गजानन माधव मुक्तिबोध (श्योपुर): चाँद का मुँह टेढ़ा है, काठ का सपना, भूरी-भूरी खाक-धूल।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 11
प्रश्न 11. किस चन्देल राजा ने महमूद गज़नवी का सामना किया था ?
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✓ सही उत्तर : (C) विद्याधर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: चंदेल वंश के सर्वाधिक शक्तिशाली और प्रतापी सम्राट ‘विद्याधर’ (1019-1029 ई.) ने भारत पर आक्रमण करने वाले तुर्क आक्रांता महमूद गजनवी का दो बार (1019 और 1022 ई. में कालिंजर दुर्ग के घेरे के समय) डटकर सामना किया और उसे कोई निर्णायक सफलता नहीं मिलने दी, जिसके बाद गजनवी उपहार देकर संधि करने पर विवश हुआ।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- मुस्लिम इतिहासकार इब्न-अल-असीर ने विद्याधर को ‘भारत का सबसे शक्तिशाली हिंदू राजा’ कहा था।
- कंदरिया महादेव मंदिर (खजुराहो) का भव्य निर्माण सम्राट विद्याधर ने ही महमूद गजनवी पर विजय के उपलक्ष्य में करवाया था।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2020 : मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य कुल 9 प्रश्न
विषय 2: History, Culture and Literature of Madhya Pradesh | प्रश्न क्रमांक 1 से 9MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. भोपाल राज्य के मूल संस्थापक कौन थे ?
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✓ सही उत्तर : (A) दोस्त मोहम्मद खाँ
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: भोपाल की नवाबी रियासत के मूल संस्थापक एक अफगान सरदार दोस्त मोहम्मद खाँ (1657-1728) थे। उन्होंने 1709 में बैरसिया को पट्टे पर लिया और गोंड रानी कमलापति की मृत्यु के बाद 1723-24 में बड़ा तालाब के किनारे ‘फतेहगढ़ किला’ बनाकर स्वतंत्र भोपाल राज्य की स्थापना की।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- दोस्त मोहम्मद खान ने इस्लाम नगर (प्राचीन जगदीशपुर) को अपनी पहली राजधानी बनाया था।
- नवाब हमीदुल्ला खाँ भोपाल के अंतिम शासक थे, जिनके समय 1 जून 1949 को भोपाल का भारत संघ में विलय हुआ।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. राजा वीरसिंह देव की राजधानी कहाँ थी ?
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✓ सही उत्तर : (B) गहोरा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: बघेलखंड के बघेल (सोलंकी) राजवंश के प्रतापी राजा वीरसिंह देव (1500-1540 ई.) की राजधानी ‘गहोरा’ (Gahora – वर्तमान चित्रकूट/कर्वी के समीप) थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- राजा वीरसिंह देव ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर और सिकंदर लोदी व बाबर के समकालीन थे।
- बाद में उनके पौत्र राजा रामचंद्र देव के समय बघेलों की राजधानी गहोरा से स्थानांतरित होकर ‘बांधवगढ़’ बनी, जहाँ तानसेन दरबारी गायक थे।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. “माण्डू विजय, दक्षिण विजय की कुंजी था” यह किसने कहा था ?
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✓ सही उत्तर : (D) अमीर खुसरो
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सल्तनत कालीन प्रसिद्ध कवि, इतिहासकार और संगीतज्ञ अमीर खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध फारसी ऐतिहासिक पुस्तक ‘खजाइन-उल-फुतुह’ (तारीख-ए-अलाई) में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की मालवा और दक्षिण भारत विजय का वर्णन करते हुए लिखा था कि ‘माण्डू विजय, दक्षिण विजय की कुंजी था’।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 1305 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति आईन-उल-मुल्क मुल्तानी ने मालवा के परमार शासक महलकदेव और कोका प्रधान को हराकर मांडू पर अधिकार किया था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. भीमबेटका को किसने खोजा था ?
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✓ सही उत्तर : (C) डॉ. विष्णुधर वाकणकर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: रायसेन जिले में स्थित पुरापाषाणिक गुफाओं और शैलचित्रों के विश्वविख्यात स्थल भीमबेटका की खोज वर्ष 1957-58 में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के पुरातत्ववेत्ता डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (डॉ. विष्णुधर वाकणकर) ने की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- वर्ष 2003 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
- डॉ. एच.डी. सांकलिया ने महेश्वर के निकट नवदाटोली का उत्खनन कराया था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. कैलाश सत्यार्थी का जन्म मध्य प्रदेश के किस जिले में हुआ ?
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✓ सही उत्तर : (D) विदिशा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: नोबेल शांति पुरस्कार (2014) से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी का जन्म 11 जनवरी 1954 को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में हुआ था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- उन्होंने वर्ष 1980 में ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ (BBA) की स्थापना की, जिसके माध्यम से उन्होंने लाखों बच्चों को बाल श्रम, तस्करी और दासता से मुक्त कराया।
- कैलाश सत्यार्थी को पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से वर्ष 2014 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. राष्ट्रीय कवि बालकवि बैरागी का वास्तविक नाम क्या था ?
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✓ सही उत्तर : (D) नंदराम दास
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रामपुरा में जन्मे सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि, गीतकार, साहित्यकार और पूर्व सांसद बालकवि बैरागी का वास्तविक और मूल नाम ‘नंदराम दास बैरागी’ था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- बचपन में एक सम्मेलन में उनकी ओजस्वी कविता सुनकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें प्यार से ‘बालकवि’ कहा था, जिसके बाद वे बालकवि बैरागी के नाम से प्रसिद्ध हुए।
- उनकी प्रसिद्ध रचनाएं: गौरव गीत, दरद दीवानी, दो टूक, भावी रक्षक देश के। वे मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. सात सागर, नौ नारायण एवं 84 महादेव की परिक्रमा मध्य प्रदेश के किस नगर में सम्पन्न होती है ?
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✓ सही उत्तर : (D) उज्जैन
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महाकाल की पावन नगरी उज्जैन (उज्जयिनी / अवंतिका) में पारंपरिक रूप से ‘सात सागर’ (रुद्र सागर, पुरुषोत्तम सागर आदि), ‘नौ नारायण’ (अनंत नारायण, पद्मनाभ आदि) और ’84 महादेव’ की पवित्र धार्मिक परिक्रमा संपन्न होती है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- स्कंद पुराण के अवंती खंड में उज्जैन के इन 84 महादेव और 7 सागरों की महत्ता का विस्तृत धार्मिक वर्णन मिलता है।
- उज्जैन में प्रत्येक 12 वर्ष में क्षिप्रा नदी के तट पर सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. राजा भोज के किस कवि ने जैनधर्म अपना लिया था ?
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✓ सही उत्तर : (D) धनपाल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: धार के प्रख्यात परमार राजा भोज (1000-1055 ई.) के राजदरबार के प्रमुख विद्वान और राजकवि ‘धनपाल’ (Dhanapala) ने अपने छोटे भाई शोभन मुनि के उपदेशों से प्रभावित होकर श्वेतांबर जैन धर्म अंगीकार कर लिया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- कवि धनपाल ने राजा भोज के आग्रह पर प्रसिद्ध चंपू काव्य ‘तिलकमंजरी’ की रचना की थी, जिसके लिए राजा भोज ने उन्हें ‘सरस्वती’ की उपाधि दी थी।
- धनपाल की अन्य प्रसिद्ध रचनाएं: ‘पइयलच्छी नाममाला’ (प्राकृत कोश) और ‘ऋषभ पंचाशिका’।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची का प्राचीन नाम यह भी था :
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✓ सही उत्तर : (A) काकणाम
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची (रायसेन जिला) का प्राचीन नाम गुप्तकालीन व मौर्यकालीन अभिलेखों में ‘काकणाम’ (काकनादबोट / काकनाया / बोथ श्रीपर्वत) मिलता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय के सांची शिलालेख में इसे ‘काकनादबाट’ कहा गया है।
- बेसनगरी: विदिशा का प्राचीन नाम; दशपुर: मंदसौर का प्राचीन नाम; वेत्रवती: बेतवा नदी का प्राचीन नाम।