MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 : भारत का इतिहास कुल 8 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 8MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. कांची का कैलासनाथर मंदिर किस शैली में बना है ?
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✓ सही उत्तर : (A) राजसिम्हा शैली
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कांचीपुरम (तमिलनाडु) का प्रसिद्ध कैलासनाथर मंदिर पल्लव वंश के शासक नरसिंहवर्मन द्वितीय ‘राजसिंह’ (695-722 ई.) द्वारा 8वीं शताब्दी के प्रारंभ में बनवाया गया था। यह पल्लव वास्तुकला की ‘राजसिंह शैली’ का सर्वोत्कृष्ट संरचनात्मक (Structural Stone) मंदिर है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- पल्लव स्थापत्य कला के 4 चरण: महेंद्र शैली (गुहा मंदिर/मंडप), मामल्ल शैली (रथ मंदिर जैसे महाबलीपुरम के सप्त पैगोडा), राजसिंह शैली (कैलासनाथर व महाबलीपुरम का तटीय/शोर मंदिर), नंदीवर्मन शैली (वैकुंठ पेरुमल मंदिर)।
- कैलासनाथर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे द्रविड़ वास्तुकला के विकास का मूलाधार माना जाता है।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. मुस्लिम लीग ने ‘सीधी कार्यवाही’ (Direct Action Day) करने की घोषणा कब की ?
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✓ सही उत्तर : (B) 16 अगस्त, 1946
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कैबिनेट मिशन योजना द्वारा पृथक पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार किए जाने और अंतरिम सरकार के गठन के विरोध में मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त, 1946 को ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ (Direct Action Day) मनाने का आह्वान किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इसका सबसे भीषण प्रभाव तत्कालीन बंगाल प्रांत (विशेषकर कलकत्ता) में देखा गया, जिसे ‘द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ कहा गया।
- उस समय बंगाल के प्रीमियर (मुख्यमंत्री) मुस्लिम लीग के हुसैन शहीद सुहरावर्दी थे।
- महात्मा गांधी ने इन दंगों को शांत कराने के लिए नोआखाली में शांति यात्रा की, जहां लॉर्ड माउंटबेटन ने उन्हें ‘One Man Boundary Force’ कहा था।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. 6 अप्रैल, 1930 की तिथि भारत के इतिहास में अच्छी तरह जानी जाती है क्योंकि यह तिथि संबंधित है :
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✓ सही उत्तर : (D) महात्मा गांधी द्वारा डांडी यात्रा से
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महात्मा गांधी ने 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से 78 अनुयायियों के साथ ऐतिहासिक दांडी मार्च शुरू किया था। 24 दिनों की पदयात्रा के बाद 6 अप्रैल, 1930 की सुबह गांधीजी ने दांडी समुद्र तट पर मुट्ठी भर नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून तोड़ा और देशव्यापी सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ हुआ।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- तमिलनाडु में सी. राजगोपालाचारी ने तिरुचिरापल्ली से वेदारण्यम तक नमक यात्रा निकाली।
- केरल में के. केलप्पन (केरल के गांधी) ने कालीकट से पय्यानूर तक यात्रा की।
- धरासणा नमक डिपो सत्याग्रह का नेतृत्व सरोजिनी नायडू, इमाम साहब और मणिलाल गांधी ने किया (अमेरिकी पत्रकार वेब मिलर इसके प्रत्यक्षदर्शी थे)।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. किस उपनिषद में याज्ञवल्क्य और गार्गी का प्रसिद्ध संवाद मिलता है ?
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✓ सही उत्तर : (A) बृहदारण्यक उपनिषद
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महर्षि याज्ञवल्क्य और विदुषी गार्गी वाचक्नवी का सुप्रसिद्ध दार्शनिक शास्त्रार्थ ‘बृहदारण्यक उपनिषद’ (तृतीय अध्याय) में वर्णित है। यह संवाद विदेह (मिथिला) के राजा जनक द्वारा आयोजित एक बहु-दक्षिणा यज्ञ की दार्शनिक सभा में हुआ था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- बृहदारण्यक उपनिषद शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित है और सभी उपनिषदों में सबसे विशाल और प्राचीन माना जाता है।
- इसी उपनिषद में प्रसिद्ध शांति मंत्र ‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मामृतं गमय’ मिलता है।
- इसी उपनिषद में याज्ञवल्क्य और उनकी विदुषी पत्नी मैत्रेयी का प्रसिद्ध आत्म-ज्ञान संवाद भी मिलता है।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. ‘सत्कार्यवाद’ किस दर्शन का मुख्य आधार है ?
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✓ सही उत्तर : (C) सांख्य दर्शन
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सत्कार्यवाद (Satkaryavada) भारतीय दर्शन में सांख्य दर्शन (प्रवर्तक: महर्षि कपिल) का मौलिक कार्य-कारण सिद्धांत है। इसके अनुसार, ‘कार्य अपनी उत्पत्ति से पूर्व ही अपने उपादान कारण में सूक्ष्म रूप से विद्यमान (सत्) रहता है’ (जैसे तिल में तेल)।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- सत्कार्यवाद के दो मुख्य रूप हैं: परिणामवाद (सांख्य दर्शन – वास्तविक रूपांतरण) और विवर्तवाद (अद्वैत वेदांत – आभासी रूपांतरण)।
- असत्कार्यवाद / आरंभवाद: यह न्याय एवं वैशेषिक दर्शन का सिद्धांत है, जिसके अनुसार कार्य उत्पत्ति से पूर्व कारण में असत् होता है और सर्वथा नया उत्पन्न होता है।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. किस आश्रम में रहते हुए, मनुष्य को पंच महायज्ञों का अनुष्ठान करना पड़ता था ?
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✓ सही उत्तर : (B) गृहस्थ आश्रम
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: वैदिक व धर्मशास्त्र परंपरा के अनुसार गृहस्थ आश्रम को सभी आश्रमों का मूलाधार और सर्वश्रेष्ठ माना गया है। गृहस्थ व्यक्ति पर समाज, ऋषि, पितर और देवों के प्रति ऋण होते हैं, जिनके निवारण के लिए उसे प्रतिदिन ‘पंच महायज्ञों’ का अनुष्ठान करना अनिवार्य होता था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- पंच महायज्ञ: 1. ब्रह्मयज्ञ (वेदों का अध्ययन-अध्यापन), 2. देवयज्ञ (अग्नि में हवन), 3. पितृयज्ञ (श्राद्ध व तर्पण), 4. मनुष्य/नृयज्ञ (अतिथि सत्कार), 5. भूतयज्ञ (समस्त प्राणियों/पशु-पक्षियों को भोजन)।
- गृहस्थ आश्रम में ही मनुष्य तीन ऋणों (पितृ ऋण, ऋषि ऋण, देव ऋण) से मुक्त होता है।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. तमिलनाडु में वैष्णव धर्म का प्रचार अलवार संतों द्वारा किया गया। अलवार संतों में एकमात्र महिला साध्वी कौन थी ?
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✓ सही उत्तर : (D) अण्डाल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: दक्षिण भारत में 6वीं से 9वीं शताब्दी के दौरान भक्ति आंदोलन का प्रसार अलवार (वैष्णव) और नयनार (शैव) संतों द्वारा किया गया। कुल 12 अलवार संतों में ‘अण्डाल’ (गोदा देवी) एकमात्र महिला संत थीं। उन्हें ‘दक्षिण की मीरा’ भी कहा जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अण्डाल की प्रमुख रचनाएं: ‘तिरुप्पावै’ (Tiruppavai) एवं ‘नाच्चियार तिरुमोली’।
- 12 अलवार संतों के पदों का संकलन ‘नालयिर दिव्य प्रबंधम’ कहलाता है (संकलनकर्ता: नाथमूनि)।
- नयनार संतों (कुल 63) में प्रसिद्ध महिला साध्वी ‘कारैक्काल अम्मैयार’ थीं।
MPPSC 2025 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. प्रत्येक वेद के लिए अलग-अलग ब्राह्मण ग्रंथ लिखे गए। यजुर्वेद से संबंधित ब्राह्मण ग्रंथ है :
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✓ सही उत्तर : (D) तैत्तिरीय तथा शतपथ
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: यजुर्वेद की दो मुख्य शाखाएं हैं— कृष्ण यजुर्वेद (ब्राह्मण: तैत्तिरीय ब्राह्मण) तथा शुक्ल यजुर्वेद (ब्राह्मण: शतपथ ब्राह्मण)। शतपथ ब्राह्मण सभी ब्राह्मण ग्रंथों में सबसे विशाल, प्राचीन और महत्वपूर्ण है, जिसकी रचना महर्षि याज्ञवल्क्य ने की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ऋग्वेद के ब्राह्मण ग्रंथ: ऐतरेय तथा कौषीतकि (शांखायन)।
- सामवेद के ब्राह्मण ग्रंथ: पञ्चविंश (ताण्ड्य), षड्विंश, जैमिनीय, छान्दोग्य।
- अथर्ववेद का ब्राह्मण ग्रंथ: गोपथ ब्राह्मण (एकमात्र ब्राह्मण ग्रंथ)।
- शतपथ ब्राह्मण में विदेघ माथव की कथा, जलप्लावन की कथा तथा पुरूरवा-उर्वशी आख्यान का वर्णन मिलता है।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 : भारत का इतिहास कुल 10 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 10MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. बंगला भाषा में रचित ऐतिहासिक उपन्यास ‘दुर्गेश नन्दिनी’ के लेखक का क्या नाम है ?
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✓ सही उत्तर : (B) बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘दुर्गेश नन्दिनी’ (1865) आधुनिक बांग्ला साहित्य के जनक बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय (Bankim Chandra Chatterjee) का प्रथम ऐतिहासिक उपन्यास है। यह 16वीं सदी के बंगाल-उड़ीसा में मुगल सेनापति मानसिंह के पुत्र जगतसिंह और पठान सरदारों के संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के अन्य प्रसिद्ध उपन्यास: ‘आनंदमठ’ (जिसमें राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ तथा संन्यासी विद्रोह का वर्णन है), ‘कपालकुंडला’, ‘विषवृक्ष’ और ‘देवी चौधरानी’।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. केशव चन्द्र सेन को ब्रह्म समाज का प्रधान आचार्य किसने नियुक्त किया था ?
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✓ सही उत्तर : (B) देवेन्द्रनाथ ठाकुर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1857 में केशव चंद्र सेन ब्रह्म समाज में सम्मिलित हुए थे। उनकी असाधारण वाक्पटुता, ओजस्वी व्यक्तित्व और निष्ठा से अत्यधिक प्रभावित होकर महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर ने 1862 में उन्हें ब्रह्म समाज का ‘प्रधान आचार्य’ (आचार्य) पद प्रदान किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- देवेंद्रनाथ ने केशव चंद्र सेन को ‘ब्रह्मानंद’ की उपाधि भी दी थी।
- बाद में अंतर्जातीय विवाह, समाज सुधार की गति और हिंदू धर्म के मूल तत्वों पर मतभेद के कारण 1866 में दोनों अलग हो गए।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. गाँधीजी ने किस आन्दोलन के समय वेल्स के राजकुमार का बहिष्कार करने का आह्वान किया ?
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✓ सही उत्तर : (A) असहयोग आन्दोलन
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: नवंबर 1921 में जब ब्रिटेन के भावी सम्राट ‘प्रिंस ऑफ वेल्स’ (Prince of Wales) का भारत आगमन हुआ, तब देश में महात्मा गांधी के नेतृत्व में ‘असहयोग आंदोलन’ (Non-Cooperation Movement, 1920-22) अपने चरम पर था। कांग्रेस कार्यसमिति ने उनके दौरे के बहिष्कार का आह्वान किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 17 नवंबर 1921 को जब प्रिंस ऑफ वेल्स बंबई के तट पर उतरे, तो पूरे शहर में पूर्ण हड़ताल रही और सड़कों पर सन्नाटा छा गया।
- उसी दिन बंबई में विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई और हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसके बाद गांधीजी ने 5 दिनों का उपवास रखा था।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. मौर्य कालीन प्रशासनिक व्यवस्था में प्रदेष्टा किस विभाग से सम्बन्धित है ?
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✓ सही उत्तर : (A) न्याय
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ के अनुसार मौर्य कालीन केंद्रीय न्याय प्रणाली में दो प्रकार के न्यायालय होते थे: 1. धर्मस्थीय (दीवानी न्यायालय) और 2. कंटकशोधन (फौजदारी न्यायालय)। कंटकशोधन न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ‘प्रदेष्टा’ (Pradeshta) कहा जाता था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- धर्मस्थीय न्यायालय के न्यायाधीश को ‘धर्मस्थ’ अथवा ‘व्यावहारिक’ कहा जाता था।
- मौर्य प्रशासन के अन्य प्रमुख अधिकारी: समाहर्ता (राजस्व संग्रहकर्ता), सन्निधाता (कोषाध्यक्ष), अक्षपटलाध्यक्ष (महालेखाकार), पण्याध्यक्ष (वाणिज्य अध्यक्ष)।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. के.एम. पणिक्कर ने किसके लिए कहा कि “वे आधुनिक भारत के सर्वप्रथम कूटनीतिज्ञ थे” ?
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✓ सही उत्तर : (A) नाना फडनवीस
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक एवं कूटनीतिज्ञ के.एम. पणिक्कर ने पेशवा काल के महान मराठा राजनेता एवं मंत्री ‘नाना फडनवीस’ (बालाजी जनार्दन भानु) के असाधारण कूटनीतिक कौशल के लिए कहा था कि वे आधुनिक भारत के प्रथम महान कूटनीतिज्ञ थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ब्रिटिश इतिहासकार जेम्स ग्रांट डफ ने नाना फडनवीस को ‘मराठों का मैकियावेली’ (The Maratha Machiavelli) कहा था।
- उन्होंने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782) के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ निजाम, हैदर अली और मराठों का एक अभूतपूर्व संयुक्त मोर्चा बनाकर अंग्रेजों को सालाबाई की संधि (1782) के लिए विवश किया था।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है ?
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✓ सही उत्तर : (D) अथर्ववेद
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘अथर्ववेद’ के सातवें कांड (सूक्त 12, मंत्र 1) में लोकतांत्रिक परामर्शदात्री संस्थाओं ‘सभा’ और ‘समिति’ को प्रजापति की दो जुड़वां पुत्रियां (‘सभा च मा समितिश्चावतां प्रजापतेर्दुहितरौ संविदाने’) कहकर संबोधित किया गया है, जो स्पष्ट करता है कि ये दोनों दो स्वतंत्र एवं पृथक संस्थाएं थीं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ‘सभा’ वृद्ध, कुलीन एवं विशिष्ट जनों की छोटी संस्था थी जो न्याय कार्य भी करती थी।
- ‘समिति’ संपूर्ण जनसामान्य (जनता) की राष्ट्रीय आम सभा थी, जो राजा का चुनाव व पदच्युत करती थी; समिति के अध्यक्ष को ‘ईशान’ कहा जाता था।
- ऋग्वेद में ‘सभा’ का 8 बार तथा ‘समिति’ का 9 बार उल्लेख मिलता है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. क्षत्रिय वर्णों के उपनयन संस्कार में किस मन्त्र के सम्पादन का प्रावधान था ?
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✓ सही उत्तर : (B) त्रिष्टुभ मन्त्र
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: प्राचीन धर्मशास्त्रों, गृह्यसूत्रों (जैसे आश्वलायन, पारस्कर) और मनुस्मृति के अनुसार उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार में तीनों द्विज वर्णों को अलग-अलग वैदिक छंदों में सावित्री मंत्र की दीक्षा देने का स्पष्ट विधान था: ब्राह्मण को ‘गायत्री छंद’ में, क्षत्रिय को ‘त्रिष्टुभ छंद’ में, तथा वैश्य को ‘जगती छंद’ में।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- उपनयन की आयु: ब्राह्मण – 8 वर्ष (वसंत ऋतु), क्षत्रिय – 11 वर्ष (ग्रीष्म ऋतु), वैश्य – 12 वर्ष (शरद ऋतु)।
- उपनयन संस्कार को द्विज (दूसरा जन्म) का सूचक माना जाता है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. गुहा मंदिरों में सुप्रसिद्ध कैलाश मंदिर कहाँ स्थित है ?
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✓ सही उत्तर : (B) एलोरा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: शैलकृत वास्तुकला का विश्वप्रसिद्ध आश्चर्य ‘कैलाश मंदिर’ महाराष्ट्र के संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में स्थित ‘एलोरा’ (वेरुल) की गुफा संख्या 16 में स्थित है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- यह मंदिर एक ही विशाल बेसाल्ट पहाड़ी चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर काटकर (Monolithic Rock-cut Architecture) बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है।
- इसका निर्माण 8वीं शताब्दी में राष्ट्रकूट वंश के प्रतापी राजा कृष्ण प्रथम (756-774 ई.) ने करवाया था।
- यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और द्रविड़ वास्तुकला शैली का सर्वोत्कृष्ट शिखर माना जाता है।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सा वेद सबसे अधिक प्राचीन है ?
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✓ सही उत्तर : (A) ऋग्वेद
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: चारों वेदों में ‘ऋग्वेद’ केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व वाङ्मय का सबसे प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ और प्रथम वेद है। इसकी रचना लगभग 1500 ई.पू. से 1000 ई.पू. के मध्य सप्त-सैंधव प्रदेश में हुई थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ऋग्वेद में कुल 10 मंडल, 1,028 सूक्त और 10,580 ऋचाएं (मंत्र) हैं।
- इसके मंत्रों का पाठ करने वाले पुरोहित को ‘होता’ अथवा ‘होतृ’ कहा जाता है।
- ऋग्वेद के द्वितीय से सप्तम मंडल सबसे प्राचीन (वंश मंडल/ऋषि मंडल) माने जाते हैं, जबकि प्रथम और दशम मंडल सबसे बाद में जोड़े गए।
MPPSC 2024 | प्रश्न सं. 10
प्रश्न 10. अष्टांग योग के अन्तर्गत किसे अन्तरंग साधना कहा जाता है ?
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✓ सही उत्तर : (D) धारणा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित योगदर्शन में मोक्ष प्राप्ति हेतु ‘अष्टांग योग’ (आठ अंगों) का विधान है। इन 8 अंगों को दो भागों में विभाजित किया जाता है: 1. बहिरंग साधना (प्रथम 5 अंग: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार), तथा 2. अन्तरंग साधना (अंतिम 3 अंग: धारणा, ध्यान, समाधि)। अतः ‘धारणा’ अन्तरंग साधना है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- धारणा (Concentration): चित्त को किसी एक देश/बिंदु पर स्थिर करना (‘देशबन्धश्चित्तस्य धारणा’)।
- ध्यान (Meditation): धारणा किए गए विषय में चित्त की एकरस निरंतरता (‘तत्र प्रत्ययैकतानता ध्यानम्’)।
- समाधि (Absorption): ध्यान की वह पराकाष्ठा जहाँ ध्येयमात्र ही अवशिष्ट रह जाता है।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023 : भारत का इतिहास कुल 9 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 9MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. किस अधिवेशन में कांग्रेस नरम एवं गरम दल में विभाजित हो गई थी ?
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✓ सही उत्तर : (B) सूरत
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: दिसंबर 1907 में ताप्ती नदी के तट पर आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 23वें अधिवेशन (सूरत) में रास बिहारी घोष की अध्यक्षता में कांग्रेस का स्पष्ट विभाजन उदारवादी (नरम दल) और उग्रवादी (गरम दल) में हो गया। इसे इतिहास में ‘सूरत विभाजन’ (Surat Split) कहा जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- विवाद का मुख्य कारण अध्यक्ष पद का चुनाव (गरम दल लाला लाजपत राय या बाल गंगाधर तिलक को अध्यक्ष बनाना चाहता था) तथा स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वशासन प्रस्तावों का क्रियान्वयन था।
- वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन (अध्यक्ष: अंबिका चरण मजूमदार) में तिलक और एनी बेसेंट के प्रयासों से दोनों दलों का ऐतिहासिक पुनर्मिलन हुआ।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कितनी रियासतें 15 फरवरी 1948 को ‘सौराष्ट्र संघ’ में मिलाई गई थीं ?
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✓ सही उत्तर : (A) 222
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सरदार वल्लभभाई पटेल और वी.पी. मेनन के कूटनीतिक प्रयासों से 15 फरवरी 1948 को काठियावाड़ प्रायद्वीप की कुल 222 छोटी-बड़ी देशी रियासतों और ताल्लुकों को मिलाकर ‘संयुक्त राज्य सौराष्ट्र’ (United State of Kathiawar / Saurashtra Union) का गठन किया गया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस नए राज्य के राजप्रमुख नवानगर (जामनगर) के जाम साहब दिग्विजय सिंह बने तथा पहले मुख्यमंत्री उच्छंगराय नवलशंकर ढेबर (यू.एन. ढेबर) बने।
- यह सरदार पटेल के देशी रियासतों के एकीकरण का सबसे पहला और जटिल क्षेत्रीय विलय मॉडल था।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किसके द्वारा प्रथम बार ‘पाकिस्तान’ शब्द का प्रयोग किया गया था ?
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✓ सही उत्तर : (A) चौधरी रहमत अली
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के विधि छात्र चौधरी रहमत अली ने 28 जनवरी 1933 को प्रकाशित अपने प्रसिद्ध 4 पृष्ठीय पर्चे ‘Now or Never; Are We to Live or Perish Forever?’ में पहली बार ‘PAKSTAN’ शब्द गढ़ा था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- रहमत अली के अनुसार ‘PAKSTAN’ का पूर्ण रूप था: P- पंजाब, A- अफगान सीमांत (NWFP), K- कश्मीर, S- सिंध, और TAN- बलूचिस्तान।
- मुस्लिम लीग ने औपचारिक रूप से अलग मुस्लिम राष्ट्र का प्रस्ताव 23 मार्च 1940 को अपने ‘लाहौर अधिवेशन’ (प्रस्ताव का प्रारूप सिकंदर हयात खान ने बनाया, फजलुल हक ने पेश किया) में पारित किया था।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. राष्ट्रीय आन्दोलन के प्रथम चरण में कांग्रेस की निम्न में से कौन-सी माँग नहीं थी ?
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✓ सही उत्तर : (D) कार्यपालिका एवं न्यायपालिका का एकीकरण
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम चरण (उदारवादी युग 1885-1905) में कांग्रेस की सर्वप्रमुख मांगों में कार्यपालिका और न्यायपालिका का पृथक्करण (Separation of Judiciary from the Executive) शामिल था ताकि न्याय निष्पक्ष हो सके, न कि उनका ‘एकीकरण’। अतः विकल्प (D) कांग्रेस की मांग नहीं थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- प्रथम चरण की अन्य प्रमुख मांगें: केंद्रीय व प्रांतीय विधान परिषदों का विस्तार एवं भारतीय प्रतिनिधियों की वृद्धि, सिविल सेवा परीक्षा (ICS) का भारत और इंग्लैंड में एक साथ आयोजन, लंदन स्थित ‘भारत परिषद’ (India Council) की समाप्ति, तथा सैन्य व्यय में कटौती।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किसके द्वारा महाराष्ट्र में ‘गणेशोत्सव’ प्रारम्भ किया गया था ?
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✓ सही उत्तर : (B) बाल गंगाधर तिलक
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने धार्मिक उत्सवों को ब्रिटिश विरोधी राष्ट्रीय आंदोलन का मंच बनाने और जनसामान्य में देशप्रेम की भावना जाग्रत करने के उद्देश्य से 1893 में ‘सार्वजनिक गणेशोत्सव’ तथा 1895 में ‘शिवाजी उत्सव’ प्रारंभ किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- तिलक ने अपने दो समाचार पत्रों ‘केसरी’ (मराठी) और ‘द महराट्टा’ (अंग्रेजी) के माध्यम से इन उत्सवों को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया।
- वैलेंटाइन शिरोल ने अपनी पुस्तक ‘Indian Unrest’ में तिलक को ‘भारतीय अशांति का जनक’ कहा था।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से किस वर्ष में नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया था ?
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✓ सही उत्तर : (D) 1739 ई.
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: फारस (ईरान) के नेपोलियन कहे जाने वाले नादिर शाह ने 1739 ई. में भारत पर आक्रमण किया। उसने 24 फरवरी 1739 को करनाल के युद्ध में मुगल सम्राट मुहम्मद शाह ‘रंगीला’ को मात्र 3 घंटे में पराजित कर दिया।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- नादिर शाह मार्च 1739 में दिल्ली पहुंचा और कत्लेआम का आदेश दिया जिसमें 30,000 से अधिक नागरिक मारे गए।
- वह दिल्ली से शाहजहाँ का विश्वप्रसिद्ध ‘तख्त-ए-ताऊस’ (मयूर सिंहासन) और ‘कोहिनूर हीरा’ लूटकर अपने साथ फारस ले गया था।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. ‘आर्यमंजूश्रीमूलकल्प’ निम्न में से किससे संबंधित है ?
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✓ सही उत्तर : (A) महायान
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘आर्यमंजूश्रीमूलकल्प’ महायान बौद्ध धर्म के क्रिया-तंत्र (Kriya-Tantra) वर्ग से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथ है। इसमें बौद्ध दृष्टिकोण से प्राचीन भारतीय इतिहास, विशेष रूप से मौर्य, गुप्त और हर्ष कालीन राजनीतिक घटनाओं का दुर्लभ वर्णन मिलता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- MPPSC की आधिकारिक अंतिम उत्तर कुंजी में इसका उत्तर (A) महायान स्वीकार किया गया है।
- इतिहासकार के.पी. जायसवाल ने ‘An Imperial History of India’ नामक पुस्तक में आर्यमंजूश्रीमूलकल्प के ऐतिहासिक अंशों का संकलन और अंग्रेजी अनुवाद किया था।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से किस वर्ष में लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा प्रेस स्वतंत्रता प्रदान की गई ?
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✓ सही उत्तर : (A) 1835 ई.
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: लॉर्ड विलियम बैंटिक ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय (1835) में प्रेस पर उदार नीति अपनाई थी। उनके उत्तराधिकारी कार्यवाहक गवर्नर जनरल सर चार्ल्स मेटकाफ ने 1835 के ऐतिहासिक ‘प्रेस एक्ट’ (अधिनियम सं. 11, 1835) द्वारा 1823 के कठोर लाइसेंसिंग नियमों को रद्द कर भारतीय प्रेस को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- आयोग ने इस प्रश्न का सही उत्तर (A) 1835 ई. माना है।
- सर चार्ल्स मेटकाफ को ‘भारतीय समाचार पत्रों का मुक्तिदाता’ (Liberator of the Indian Press) कहा जाता है।
MPPSC 2023 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. शकों पर विजयोपरांत चन्द्रगुप्त II ने निम्न में से किस धातु के सिक्के प्रचलित किए ?
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✓ सही उत्तर : (C) चाँदी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ ने मालवा और काठियावाड़ के अंतिम शक क्षत्रप रुद्रसिंह तृतीय को पराजित कर मार डाला और शक शक्ति का समूल उन्मूलन किया। इस ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में उन्होंने गुप्त साम्राज्य में पहली बार विशेष ‘चांदी के सिक्के’ (रूप्यक) जारी किए।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- शकों पर विजय के बाद ही चंद्रगुप्त द्वितीय ने ‘शकारि’ तथा ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की थी।
- शकों के चांदी के सिक्कों के अनुकरण पर जारी इन सिक्कों पर एक ओर राजा का सिर तथा दूसरी ओर गरुड़ के स्थान पर मोर अथवा सिंह की आकृति उत्कीर्ण थी।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022 : भारत का इतिहास कुल 10 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 10MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. भारत छोड़ो आंदोलन किस तिथि को शुरू हुआ था ?
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✓ सही उत्तर : (B) 9 अगस्त, 1942
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 8 अगस्त 1942 की रात बंबई के ऐतिहासिक ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने ‘भारत छोड़ो प्रस्ताव’ पारित किया। ब्रिटिश सरकार ने 9 अगस्त 1942 के तड़के ‘ऑपरेशन ज़ीरो ऑवर’ चलाकर सभी शीर्ष नेताओं को बंदी बना लिया, जिसके साथ ही 9 अगस्त को यह स्वतःस्फूर्त जन-आंदोलन प्रारंभ हो गया।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस आंदोलन को ‘अगस्त क्रांति’ भी कहा जाता है, जिसमें गांधीजी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था।
- अरुणा आसफ अली ने 9 अगस्त को ग्वालिया टैंक मैदान पर तिरंगा फहराया था।
- उषा मेहता ने बंबई में भूमिगत सीक्रेट कांग्रेस रेडियो का संचालन किया था।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. “पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।” यह पंक्तियां किस संत की हैं ?
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✓ सही उत्तर : (A) कबीर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: यह अमर साखी भक्ति काल की निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा के महान संत और समाज सुधारक ‘संत कबीरदास’ की है। उन्होंने पाखंड, शुष्क किताबी ज्ञान और बाह्याचार की कटु आलोचना करते हुए ईश्वर और मानवता के प्रति निष्काम प्रेम को ही सच्ची विद्वता माना।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- कबीरदास जी के उपदेशों और पदों का संकलन उनके शिष्य धर्मदास ने ‘बीजक’ नाम से किया, जिसके तीन भाग हैं: साखी, सबद और रमैनी।
- कबीरदास रामानंद के 12 प्रमुख शिष्यों में से एक थे और सिकंदर लोदी के समकालीन थे।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किस वर्ष हुई थी ?
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✓ सही उत्तर : (A) 1336 ई.
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में दो भाइयों हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर की थी। उन्होंने अपने गुरु संत विद्यारण्य और भाष्यकार सायणाचार्य की प्रेरणा से हिंदू धर्म व संस्कृति की रक्षा हेतु इस साम्राज्य की नींव रखी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- विजयनगर साम्राज्य पर क्रमशः 4 राजवंशों ने शासन किया: 1. संगम वंश (1336-1485), 2. सालुव वंश (1485-1505), 3. तुलुव वंश (1505-1570), 4. अराविदु वंश (1570-1649)।
- तुलुव वंश के सम्राट कृष्णदेवराय (1509-1529 ई.) विजयनगर के सबसे प्रतापी शासक थे, जिनके दरबार में अष्टदिग्गज कवि रहते थे।
- राजधानी हम्पी (कर्नाटक) वर्तमान में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. चम्पारण सत्याग्रह के दौरान नील की खेती किस नाम से पहचानी जाती थी ?
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✓ सही उत्तर : (A) तिनकठिया पद्धति
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: बिहार के चंपारण में यूरोपीय बागान मालिकों (नीलहों) द्वारा किसानों पर एक अनुबंध लागू किया गया था, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल जोत के प्रत्येक बीघे (20 कट्ठा) में से कम से कम 3 कट्ठे (3/20 भाग) पर नील की खेती करना अनिवार्य था। इसे ‘तिनकठिया पद्धति’ कहा जाता था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर महात्मा गांधी 1917 में चंपारण पहुंचे और अपना पहला सफल सत्याग्रह (प्रथम सविनय अवज्ञा) किया।
- सरकार ने चंपारण एग्रेरियन कमेटी गठित की, जिसके सदस्य गांधीजी भी थे; अवैध वसूली का 25% किसानों को वापस कराया गया और तिनकठिया प्रथा समाप्त हुई।
- इसी सत्याग्रह की सफलता के बाद रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को ‘महात्मा’ की उपाधि दी थी।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. परमहंस मंडली की स्थापना किस राज्य में हुई थी ?
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✓ सही उत्तर : (C) महाराष्ट्र
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘परमहंस मंडली’ की स्थापना वर्ष 1849 में बंबई (महाराष्ट्र) में दादोबा पांडुरंग तर्खडकर, आत्माराम पांडुरंग, बालकृष्ण जयकर और दुर्गाराम मेहताजी द्वारा की गई थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- यह महाराष्ट्र की प्रथम सामाजिक-धार्मिक सुधार संस्था थी, जो मानव धर्म सभा (सूरत) से प्रेरित थी।
- यह एक गुप्त संगठन था जिसका मुख्य उद्देश्य जाति-बंधन तोड़ना, छुआछूत मिटाना, मूर्तिपूजा का विरोध और एकेश्वरवाद की स्थापना था।
- इसकी बैठकों में सभी जातियों के सदस्य एक साथ भोजन ग्रहण करते थे।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. “तहकीक-ए-हिन्द” किताब के लेखक कौन हैं ?
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✓ सही उत्तर : (B) अल-बरूनी
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘तहकीक-ए-हिन्द’ (किताब-उल-हिन्द / भारत की खोज) के लेखक ख्वारिज्म (उज्बेकिस्तान) के महान विद्वान अबू रैहान अल-बरूनी (Al-Biruni) थे। वह 11वीं सदी के प्रारंभ में सुल्तान महमूद गजनवी के साथ भारत आया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अल-बरूनी संस्कृत भाषा और हिंदू धर्मग्रंथों (पुराण, गीता, उपनिषद) का गहन अध्ययन करने वाला पहला मुस्लिम विद्वान था।
- इस पुस्तक में 80 अध्यायों में 11वीं सदी के भारत के धर्म, दर्शन, खगोलशास्त्र, गणित, समाज, रीति-रिवाज और रीति-नीतियों का निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक विवरण दिया गया है।
- एडवर्ड सचाउ ने इसका अंग्रेजी में ‘Alberuni’s India’ नाम से अनुवाद किया था।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. प्रार्थना समाज की स्थापना ________ में हुई थी।
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✓ सही उत्तर : (D) महाराष्ट्र
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना 31 मार्च, 1867 को बंबई (महाराष्ट्र) में डॉ. आत्माराम पांडुरंग ने ब्रह्म समाज के नेता केशव चंद्र सेन की महाराष्ट्र यात्रा और प्रेरणा से की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 1869 में महादेव गोविंद रानाडे और इतिहासकार आर.जी. भंडारकर के इसमें शामिल होने के बाद यह संस्था पश्चिमी भारत में समाज सुधार का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनी।
- प्रार्थना समाज के 4 मुख्य कार्य थे: जाति प्रथा की समाप्ति, स्त्री शिक्षा को प्रोत्साहन, विधवा पुनर्विवाह का समर्थन, तथा बाल विवाह पर रोक।
- रानाडे ने इसके मंच से ‘विधवा पुनर्विवाह संघ’ (1861) और ‘दक्कन एजुकेशन सोसाइटी’ (1884) को प्रेरित किया।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. परंपरा के अनुसार अलवारों और नयनारों की संख्या कितनी है ?
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✓ सही उत्तर : (A) 12 और 63
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: दक्षिण भारत के प्रारंभिक मध्यकालीन भक्ति आंदोलन में तमिल वैष्णव संत कवियों को ‘अलवार’ (Alvars) तथा तमिल शैव संत कवियों को ‘नयनार’ (Nayanars) कहा जाता है। परंपरा के अनुसार कुल 12 अलवार संत और 63 नयनार संत हुए हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अलवार संतों (12) में एकमात्र महिला साध्वी ‘अण्डाल’ (गोदा देवी) थीं; इनके पदों का संग्रह ‘नालयिर दिव्य प्रबंधम’ कहलाता है।
- नयनार संतों (63) में प्रमुख संत अप्पार, संबंदर, सुंदरर और मणिक्कवाचकर थे; महिला संत कारैक्काल अम्मैयार थीं। इनके भजनों का संकलन ‘तेवारम’ और ‘तिरुवाचकम’ कहलाता है।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. संथाल विद्रोह के मुख्य नेता कौन थे ?
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✓ सही उत्तर : (A) सिद्धो और कान्हू
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1855-56 ई. में भागलपुर से राजमहल पहाड़ियों के बीच ‘दामिन-ए-कोह’ क्षेत्र में अंग्रेजों, जमींदारों और साहूकारों (दिक्कुओं) के शोषण के विरुद्ध हुए भीषण ‘संथाल विद्रोह’ (संथाल हूल) का नेतृत्व चार मुर्मू भाइयों— सिद्धो, कान्हू, चांद और भैरव ने किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 30 जून 1855 को भगनाडीह गांव में 10,000 से अधिक संथाल एकत्र हुए और उन्होंने सिद्धो को राजा व कान्हू को मंत्री चुना।
- विद्रोह को दबाने के लिए मेजर बरो के नेतृत्व में सेना भेजी गई, जिसे पीरपैंती के युद्ध में संथालों ने पराजित किया; अंततः मार्शल लॉ लगाकर सिद्धो और कान्हू को फांसी दी गई।
- विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने ‘संथाल परगना’ नामक पृथक गैर-विनियमित जिला बनाया और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम पारित किया।
MPPSC 2022 | प्रश्न सं. 10
प्रश्न 10. निम्नलिखित किस स्थान पर बौद्ध गुफाएँ स्थित नहीं हैं ?
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✓ सही उत्तर : (D) वलसाड
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: अजंता (महाराष्ट्र) और बाघ (मध्य प्रदेश) दोनों ही विश्व प्रसिद्ध प्राचीन शैलकृत बौद्ध गुफाओं के स्थल हैं। सांची (मध्य प्रदेश) में भी बौद्ध स्तूपों के अतिरिक्त शैलकृत बौद्ध गुहा अवशेष व संघाराम पाए जाते हैं। जबकि गुजरात का ‘वलसाड’ कोई बौद्ध गुफा स्थल नहीं है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अजंता (औरंगाबाद, महाराष्ट्र): 29 शैलकृत गुफाएं, मुख्य रूप से बौद्ध हीनयान और महायान कला की भित्तिचित्र।
- बाघ (धार, मध्य प्रदेश): 9 बौद्ध गुफाएं, गुप्तकालीन कला की समकालीन।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2021 : भारत का इतिहास कुल 9 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 9MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. किस तारीख को गाँधीजी ने दाण्डी यात्रा शुरू की थी ?
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✓ सही उत्तर : (A) 12 मार्च, 1930
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महात्मा गांधी ने 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से अपने 78 चुने हुए सत्याग्रहियों के साथ ऐतिहासिक दांडी यात्रा प्रारंभ की थी। यह यात्रा 24 दिनों में 240 मील (385 किमी) की दूरी तय कर 5 अप्रैल को दांडी पहुंची थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- 6 अप्रैल, 1930 की सुबह गांधीजी ने दांडी के समुद्र तट पर नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून तोड़ा और देशव्यापी ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ का शंखनाद किया।
- सुभाष चंद्र बोस ने गांधीजी के दांडी मार्च की तुलना नेपोलियन के एल्बा से पेरिस मार्च और मुसोलिनी के रोम मार्च से की थी।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. 1813 के चार्टर एक्ट में भारत में अंग्रेजी शिक्षा के लिए कितने रुपए का प्रावधान किया गया था ?
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✓ सही उत्तर : (A) 1 लाख
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 1813 के चार्टर अधिनियम की धारा 43 के तहत ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में स्थानीय विद्वानों को प्रोत्साहित करने तथा साहित्य एवं विज्ञान के प्रसार हेतु प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹1 लाख की धनराशि व्यय करने का निर्देश दिया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- यह भारत में शिक्षा के विकास के लिए राज्य द्वारा वित्तीय उत्तरदायित्व स्वीकार करने का पहला ऐतिहासिक कदम था।
- इस ₹1 लाख के व्यय को लेकर ‘प्राच्य-पाश्चात्य विवाद’ (Orientalist-Anglicist Controversy) उत्पन्न हुआ, जिसका समाधान 1835 के मैकाले मिनट द्वारा अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देकर किया गया।
- 1813 के एक्ट द्वारा ही कंपनी का चाय और चीन के व्यापार को छोड़कर अन्य सभी व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया गया।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. किस भारतीय रियासत के शासक ने 1947 में पाकिस्तान में विलय की घोषणा की थी, किन्तु जनमत संग्रह के बाद उसे भारत में शामिल होने के लिए विवश होना पड़ा ?
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✓ सही उत्तर : (B) जूनागढ़
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: काठियावाड़ (गुजरात) की जूनागढ़ रियासत के नवाब महाबत खान रसूल खान ने 15 अगस्त 1947 को अपनी हिंदू बहुल जनता की इच्छा के विरुद्ध पाकिस्तान में विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- सरदार वल्लभभाई पटेल के निर्देश पर भारत सरकार ने जूनागढ़ की आर्थिक नाकेबंदी की और भारतीय सेना ने प्रवेश किया; नवाब कराची भाग गया।
- फरवरी 1948 में जूनागढ़ में निष्पक्ष जनमत संग्रह (Plebiscite) कराया गया, जिसमें 99% से अधिक जनता ने भारत संघ में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. महात्मा गाँधी ने “दाण्डी यात्रा” किस आश्रम से प्रारम्भ की थी ?
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✓ सही उत्तर : (A) साबरमती
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक दांडी मार्च की शुरुआत अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर स्थित अपने ‘साबरमती आश्रम’ (सत्याग्रह आश्रम) से की थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- दांडी यात्रा पर निकलते समय गांधीजी ने दृढ़ प्रतिज्ञा ली थी कि: ‘जब तक मैं स्वराज प्राप्त नहीं कर लेता, तब तक आश्रम वापस नहीं लौटूंगा’।
- पवनार आश्रम: आचार्य विनोबा भावे द्वारा स्थापित (महाराष्ट्र)।
- सेवाग्राम आश्रम: वर्धा (महाराष्ट्र) में गांधीजी द्वारा 1936 में स्थापित आश्रम।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. डलहौजी की “व्यपगत सिद्धान्त” के अन्तर्गत विलय किया गया प्रथम राज्य कौन-सा था ?
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✓ सही उत्तर : (D) सतारा
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) ने अपने ‘व्यपगत सिद्धांत’ (Doctrine of Lapse / हड़प नीति) के तहत दत्तक पुत्र लेने के अधिकार को अस्वीकार करते हुए सर्वप्रथम 1848 में महाराष्ट्र की ‘सतारा’ रियासत का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- व्यपगत सिद्धांत द्वारा हड़पे गए राज्यों का क्रमिक क्रम: 1. सतारा (1848), 2. जैतपुर एवं संभलपुर (1849), 3. बघाट (1850), 4. उदयपुर (1852), 5. झाँसी (1853), 6. नागपुर (1854)।
- अवध का विलय (1856) व्यपगत सिद्धांत के तहत नहीं, बल्कि ‘कुशासन के आरोप’ (Outram Report) के आधार पर किया गया था।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. मुद्राराक्षस के रचयिता कौन थे ?
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✓ सही उत्तर : (C) विशाखदत्त
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘मुद्राराक्षस’ गुप्तकालीन महान संस्कृत नाटककार विशाखदत्त की सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति है। यह भारतीय साहित्य का अनूठा राजनीतिक-जासूसी नाटक है जिसमें कोई नायिका या विदूषक नहीं है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- इस नाटक में आचार्य चाणक्य (कौटिल्य) की राजनीतिक कूटनीति, नंद वंश के उन्मूलन तथा चंद्रगुप्त मौर्य के सिंहासनारोहण का सजीव चित्रण मिलता है।
- विशाखदत्त की दूसरी प्रसिद्ध कृति ‘देवीचंद्रगुप्तम’ है, जिससे गुप्त सम्राट रामगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय और ध्रुवदेवी की ऐतिहासिक कथा मिलती है।
- पद्मगुप्त ने ‘नवसाहसांकचरित’ की रचना की थी; हेमचंद्र ने ‘परिशिष्टपर्वन’ लिखा था।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. सिन्धु सभ्यता से प्राप्त मुहरों में कौन-से वृक्ष की छाप मिलती है ?
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✓ सही उत्तर : (B) पीपल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता के विभिन्न स्थलों (विशेष रूप से मोहनजोदड़ो और हड़प्पा) से सेलखड़ी (Steatite) की मुहरों पर सबसे अधिक ‘पीपल’ (Ficus religiosa) के वृक्ष और उसकी विशिष्ट पत्तियों का चित्रांकन मिलता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक प्रसिद्ध मुहर पर पीपल के वृक्ष की दो शाखाओं के मध्य एक देवता (पशुपति/वनस्पति देवता) को दर्शाया गया है तथा सामने एक उपासक को बकरे की बलि लाते दिखाया गया है।
- इससे यह प्रमाणित होता है कि हड़प्पावासी पीपल के वृक्ष को अत्यंत पवित्र मानकर उसकी पूजा करते थे।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. किसकी प्रशासकीय प्रणाली की अद्वितीय विशेषता ग्राम स्वायत्तता का विकास थी ?
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✓ सही उत्तर : (B) चोल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: दक्षिण भारत के चोल साम्राज्य (9वीं से 12वीं शताब्दी) के प्रशासन की सबसे विलक्षण और अद्वितीय विशेषता उसका उच्च स्तरीय ‘स्थानीय स्वशासन’ और ‘ग्राम स्वायत्तता’ (Village Autonomy) थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- चोल नरेश परांतक प्रथम के प्रसिद्ध ‘उत्तरमेरुर अभिलेख’ (919 एवं 921 ई., तमिलनाडु) से चोल कालीन ग्राम सभाओं और उनकी चुनाव प्रणाली का संपूर्ण विवरण मिलता है।
- ग्राम प्रशासन दो प्रमुख संस्थाओं द्वारा संचालित होता था: ‘उर’ (सामान्य ग्राम सभा) और ‘सभा/महासभा’ (ब्राह्मणों के अग्रहार गांवों की सभा)।
- सभा की विभिन्न समितियों (वारियम) के सदस्यों का चुनाव पर्चियां डालकर लॉटरी पद्धति (‘कुदुवोलाई’) द्वारा निष्पक्ष रूप से किया जाता था।
MPPSC 2021 | प्रश्न सं. 9
प्रश्न 9. एलोरा एवं एलिफेंटा के स्थल किस काल से सम्बन्धित हैं ?
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✓ सही उत्तर : (C) राष्ट्रकूट
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: महाराष्ट्र के संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित एलोरा के विश्वप्रसिद्ध एकाश्मक शैलकृत गुहा मंदिर तथा मुंबई के समीप एलिफेंटा द्वीप के शैव गुफा मंदिर मुख्य रूप से ‘राष्ट्रकूट राजवंश’ (8वीं से 10वीं शताब्दी) के काल से संबंधित हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- एलोरा की गुफा 16 में स्थित भव्य ‘कैलास मंदिर’ का निर्माण राष्ट्रकूट सम्राट कृष्ण प्रथम (756-774 ई.) ने कराया था।
- एलिफेंटा की मुख्य गुफा में भगवान शिव की सुप्रसिद्ध ‘महेश मूर्ति’ (सदाशिव/त्रिमूर्ति) स्थापित है, जो राष्ट्रकूट कालीन मूर्तिकला का चरमोत्कर्ष है।
- एलोरा में कुल 34 गुफाएं हैं: गुफा 1-12 (बौद्ध), गुफा 13-29 (हिंदू/शैव-वैष्णव), गुफा 30-34 (जैन धर्म)।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2020 : भारत का इतिहास कुल 8 प्रश्न
विषय 1: History of India | प्रश्न क्रमांक 1 से 8MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 1
प्रश्न 1. ’19 वीं शताब्दी के मध्य में भारतीय राष्ट्रवाद भ्रूणावस्था में थी।’ इस तथ्य को मानने वाले इतिहासकार :
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✓ सही उत्तर : (A) डॉ. आर. सी. मजूमदार और डॉ. एस. एन. सेन
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: डॉ. आर.सी. मजूमदार और डॉ. एस.एन. सेन दोनों ने 1857 के विद्रोह के विश्लेषण में माना कि 19वीं सदी के मध्य में भारतीय राष्ट्रवाद अपने प्रारंभिक अथवा ‘भ्रूणावस्था’ (Embryonic stage) में था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- डॉ. आर.सी. मजूमदार ने अपनी पुस्तक ‘The Sepoy Mutiny and the Revolt of 1857’ में लिखा था: ‘तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम था, न राष्ट्रीय था और न ही स्वतंत्रता संग्राम था’।
- डॉ. एस.एन. सेन ने अपनी आधिकारिक पुस्तक ‘Eighteen Fifty Seven’ में लिखा कि यह आंदोलन राष्ट्रीयता के अभाव में प्रारंभ हुआ किंतु इसका अंत राष्ट्रीय संग्राम के रूप में हुआ।
- जेम्स आउट्रम और डब्ल्यू. टेलर ने इसे ‘हिंदू-मुस्लिम षड्यंत्र’ कहा था, जबकि टी.आर. होम्स ने इसे ‘बर्बरता और सभ्यता के बीच संघर्ष’ कहा था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 2
प्रश्न 2. 1857 में लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचारपत्र ‘टाइम्स’ के संवाददाता कौन थे, जिन्होंने लिखा था ‘उत्तरी भारत में गोरे आदमी की गाड़ी को कोई भी मित्रतापूर्ण दृष्टि से नहीं देखता था’ ?
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✓ सही उत्तर : (A) डब्ल्यू. एच. रसल
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: लंदन के प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘द टाइम्स’ (The Times) के प्रसिद्ध युद्ध संवाददाता विलियम हॉवर्ड रसेल (William Howard Russell) ने 1857 के विद्रोह के दौरान भारत का प्रत्यक्ष दौरा किया था और भारतीयों में ब्रिटिश शासन के प्रति गहरे असंतोष का यह सजीव विवरण लिखा था।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- डब्ल्यू.एच. रसेल को आधुनिक युद्ध पत्रकारिता के संस्थापकों में गिना जाता है।
- उन्होंने क्रीमिया युद्ध (1854-56) और 1857 के भारतीय विद्रोह की आंखों देखी रिपोर्टिंग की थी।
- उनके यात्रा वृतांत ‘My Indian Mutiny Diary’ में ब्रिटिश दमन और भारतीय प्रतिरोध का प्रामाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज मिलता है।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 3
प्रश्न 3. भारत की आत्मनिर्भर समाज व्यवस्था का वर्णन करते हुए किसने कहा कि ‘भारत की ग्राम व्यवस्था छोटे-छोटे गणतन्त्र हैं’ ?
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✓ सही उत्तर : (A) चार्ल्स मैटकोफ
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सर चार्ल्स मेटकाफ (Sir Charles Metcalfe) ने 1830 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स की सिलेक्ट कमेटी के समक्ष पेश अपने कार्यवृत्त (Minute) में भारतीय ग्रामीण समुदायों को ‘छोटे-छोटे गणराज्य’ (Little Republics) कहा था, जो प्रायः आत्मनिर्भर हैं और राजवंशों के उत्थान-पतन से अप्रभावित रहते हैं।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- चार्ल्स मेटकाफ को 1835 के प्रेस कानून द्वारा समाचार पत्रों से प्रतिबंध हटाने के कारण ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ कहा जाता है।
- उन्होंने लिखा था: ‘साम्राज्य बिखर जाते हैं, क्रांतियां आती हैं, पर ग्राम समुदाय उसी प्रकार बने रहते हैं’।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 4
प्रश्न 4. बिन्दुसार के शासन काल में अशोक ने अवन्ति महाजनपद जीतकर मौर्य साम्राज्य में मिला लिया था। इसका उल्लेख किस ग्रन्थ में मिलता है ?
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✓ सही उत्तर : (A) बुद्ध घोष की समन्त पासादिका
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: 5वीं शताब्दी के प्रसिद्ध बौद्ध आचार्य बुद्धघोष द्वारा विनयपिटक पर रचित पालि टीका ग्रंथ ‘समन्तपासादिका’ में उल्लेख मिलता है कि बिंदुसार के शासनकाल में अशोक को उज्जयिनी (अवंती राष्ट्र) का उपराजा/राज्यपाल (वायसराय) बनाया गया था, जहाँ उसने प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- अशोक ने उज्जयिनी में लगभग 11 वर्ष तक राज्यपाल के रूप में कार्य किया था।
- उज्जयिनी प्रवास के दौरान ही अशोक का विवाह विदिशा की श्रेष्ठी-कन्या देवी (महादेवी) से हुआ, जिनसे महेंद्र और संघमित्रा का जन्म हुआ।
- दिव्यावदान में उल्लेख है कि बिंदुसार के समय तक्षशिला में हुए विद्रोह को दबाने के लिए भी अशोक को भेजा गया था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 5
प्रश्न 5. चचनामा के अनुसार 6 वीं और 7 वीं शताब्दी में सिन्धु देश की राजधानी क्या थी ?
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✓ सही उत्तर : (B) अरोड़
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: सिंध के इतिहास के सबसे प्राचीन प्रामाणिक ग्रंथ ‘चचनामा’ (तारीख-ए-हिंद व सिंध) के अनुसार, 6वीं और 7वीं शताब्दी में राय राजवंश तथा राजा चच व राजा दाहिर के समय सिंधु देश (सिंध) की राजधानी ‘अरोड़’ (Alor/Aror – आधुनिक रोहड़ी के निकट) थी।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ‘चचनामा’ मूल रूप से अरबी भाषा में लिखा गया था, जिसका बाद में मुहम्मद अली बिन अबू बक्र कूफी ने फारसी में अनुवाद किया।
- 712 ई. में उमय्यद खिलाफत के सेनापति मुहम्मद बिन कासिम ने राजा दाहिर को रावर के युद्ध में पराजित कर अरोड़ और सिंध पर अधिकार किया था।
- ‘देवल’ सिंध का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 6
प्रश्न 6. मुगलकालीन ग्रन्थ ‘मासिर-ए-आलमगीरी’ किसकी रचना है ?
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✓ सही उत्तर : (A) साक़ी मुस्तैद खाँ
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: ‘मासिर-ए-आलमगीरी’ की रचना साकी मुस्तैद खां (Saqi Mustaid Khan) ने मुगल बादशाह औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात इनायतुल्लाह खान कश्मीरी के संरक्षण में की थी। यह औरंगजेब के 51 वर्षों के संपूर्ण शासनकाल का सबसे प्रामाणिक स्रोत माना जाता है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- प्रसिद्ध इतिहासकार सर जदुनाथ सरकार ने ‘मासिर-ए-आलमगीरी’ को ‘मुगल साम्राज्य का गजेटियर’ कहा है।
- औरंगजेब ने अपने शासनकाल के 21वें वर्ष में इतिहास लेखन पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद मुस्तैद खां ने गुप्त रूप से दैनिक घटनाओं के नोट्स तैयार किए थे।
- मुहम्मद काजिम ने ‘आलमगीरनामा’ (प्रथम 10 वर्षों का इतिहास) लिखा था; खफी खां ने ‘मुंतखब-उल-लुबाब’ लिखा था।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 7
प्रश्न 7. मध्यकालीन भारतीय इतिहास में ‘पनही’ तथा ‘उपानह’ का उल्लेख किस संदर्भ में मिलता है ?
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✓ सही उत्तर : (D) जूता
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतीय साहित्य में ‘पनही’ (पनहीं) तथा संस्कृत शब्द ‘उपानह’ का प्रयोग पैरों में पहने जाने वाले जूते, पादुका अथवा चमड़े की जूतियों (Footwear) के लिए किया जाता रहा है।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- वैदिक एवं स्मृतिकालीन ग्रंथों में चमड़े व काष्ठ (लकड़ी) से निर्मित खड़ाऊं व पादुकाओं को ‘उपानह’ कहा गया है।
- मध्यकालीन हिंदी व अवधी साहित्य (जैसे तुलसीदास कृत रामचरितमानस) में ‘पनही’ शब्द जूतियों के लिए प्रयुक्त हुआ है।
MPPSC 2020 | प्रश्न सं. 8
प्रश्न 8. आदि ब्रह्मसमाज की स्थापना किसने की ?
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✓ सही उत्तर : (A) देवेन्द्रनाथ टैगोर
विस्तृत परीक्षा-उपयोगी व्याख्या: वर्ष 1866 में जब ब्रह्म समाज में प्रथम विभाजन हुआ, तो देवेन्द्रनाथ टैगोर के नेतृत्व वाले मूल रूढ़िवादी गुट का नाम ‘आदि ब्रह्म समाज’ पड़ा। जबकि केशव चंद्र सेन के नेतृत्व वाले सुधारवादी युवा गुट ने ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ की स्थापना की।
📌 परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य :
- ब्रह्म समाज की मूल स्थापना राजा राममोहन राय ने 20 अगस्त 1828 को कलकत्ता में की थी।
- 1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर ने ‘तत्वबोधिनी सभा’ की स्थापना की थी और 1842 में वे ब्रह्म समाज में शामिल हुए थे।
- 1878 में केशव चंद्र सेन द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री का विवाह कूचबिहार के राजा से करने के विरोध में ब्रह्म समाज में दूसरा विभाजन हुआ और ‘साधारण ब्रह्म समाज’ (आनंद मोहन बोस, शिवनाथ शास्त्री) बना।